चेन्नई पुलिस का TASMAC पर सख्त आदेश: रात 10 बजे के बाद शराब बिक्री बंद, उल्लंघन पर अधिकारियों पर कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई पुलिस आयुक्त ने 17 मई 2026 को शहर के सभी पुलिस थानों को एक व्यापक आदेश जारी किया है, जिसमें TASMAC और अन्य शराब आउटलेट के संचालन समय का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश अपराध नियंत्रण, सार्वजनिक सेवा और कानून-व्यवस्था प्रबंधन से जुड़े व्यापक दिशा-निर्देशों के साथ जारी किया गया है।
शराब आउटलेट के लिए नए समय-नियम
आदेश के अनुसार, TASMAC और एलीट TASMAC दुकानों सहित सभी FL1 श्रेणी के शराब आउटलेट को रात 10 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद करना होगा। इसी प्रकार, FL2 आउटलेट के लिए भी रात 10 बजे की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
FL3 प्रतिष्ठानों को अपने निर्धारित संचालन समय का पालन करना होगा, जो मध्यरात्रि तक समाप्त होता है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शराब की बिक्री केवल अधिकृत स्थानों पर और निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही होगी, और शराब की खुली बिक्री पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
गश्त और निगरानी के निर्देश
नियमित गश्ती इकाइयों, अस्थायी गश्ती वाहनों, अतिरिक्त गश्ती टीमों और सेक्टर बीट अधिकारियों को अनुपालन की बारीकी से निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। इन टीमों को नामित पुलिस समूहों में प्रवर्तन उपायों के फोटोग्राफिक साक्ष्य अपलोड करने के लिए भी कहा गया है।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों के किसी भी उल्लंघन पर निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
अपराध नियंत्रण और जांच के निर्देश
सहायक पुलिस आयुक्तों को तमिलनाडु खतरनाक गतिविधियाँ निवारण अधिनियम (गुंडा अधिनियम) के तहत अनुशंसित मामलों की सावधानीपूर्वक जाँच करने का निर्देश दिया गया है। केवल उन्हीं मामलों को आगे बढ़ाया जाए जो सलाहकार समितियों और उच्च न्यायालय की जाँच में खरे उतर सकें।
आदेश में यह भी कहा गया है कि हत्या की जाँच 90 दिनों से अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। पहचाने गए उपद्रवी तत्वों से जुड़े मामलों में दोषसिद्धि के लिए व्यवस्थित रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए।
मादक पदार्थ मामलों में त्वरित कार्रवाई
पुलिस को ANIU अलर्ट के माध्यम से पहचाने गए मादक पदार्थ अपराधियों का प्रोफाइल तैयार करने का निर्देश दिया गया है। व्यावसायिक मात्रा वाले NDPS मामलों में उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य किया गया है।
यह आदेश ऐसे समय में आया है जब चेन्नई में सार्वजनिक व्यवस्था और शराब से जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाने की माँग बढ़ रही है। गौरतलब है कि इस प्रकार के व्यापक पुलिसिंग निर्देश शहर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माने जा रहे हैं।