असम की ओरुनोदोई समेत प्रमुख कल्याण योजनाएं अगस्त से होंगी बहाल: CM हिमंता बिस्वा सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 19 जुलाई को घोषणा की कि राज्य सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं — जिनमें ओरुनोदोई, रियायती आवश्यक वस्तुएं और छात्र कल्याण कार्यक्रम शामिल हैं — अगस्त 2026 से फिर से लागू की जाएंगी। इस ऐलान से असम भर में लाखों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, महिलाओं और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए कार्यक्रम के अनुसार, रियायती मसूर दाल और चीनी का वितरण 1 अगस्त से पुनः आरंभ होगा। ओरुनोदोई योजना के तहत मासिक वित्तीय सहायता 3 अगस्त से दोबारा शुरू की जाएगी। छात्र कल्याण योजनाओं — निजुत मोइना और निजुत बाबू — के लिए आवेदन पत्र 6 अगस्त से वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा, एक अन्य प्रमुख कार्यक्रम जीवन प्रेरणा आसनी के सितंबर से पुनः संचालित होने की घोषणा की गई है।
योजनाओं की पृष्ठभूमि
ओरुनोदोई असम सरकार की प्रमुख प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजना है, जो आर्थिक रूप से वंचित परिवारों — विशेषकर महिलाओं — को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है। अपनी शुरुआत से यह राज्य के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक रही है और समय-समय पर इसके दायरे का विस्तार किया गया है।
रियायती खाद्य योजना के तहत पात्र परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के ज़रिए मसूर दाल और चीनी जैसी ज़रूरी वस्तुएं कम कीमत पर प्राप्त करते हैं। वहीं, निजुत मोइना और निजुत बाबू योजनाएं विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और स्कूल छोड़ने की दर घटाने के उद्देश्य से वित्तीय सहायता देती हैं।
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री सरमा ने इन पहलों को 'असम की शानदार कल्याणकारी योजनाएं' बताते हुए कहा कि ये एक बार फिर राज्यभर के लाभार्थियों तक पहुंचेंगी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार बुनियादी ढांचा विकास और आर्थिक प्रगति के साथ-साथ कल्याण योजनाओं की निरंतरता पर भी जोर दे रही है।
आम जनता पर असर
इन योजनाओं के पुनः शुरू होने से असम के लाखों परिवारों को राहत मिलेगी — खासकर उन महिलाओं और छात्रों को जो इन कार्यक्रमों पर निर्भर हैं। गौरतलब है कि ओरुनोदोई जैसी DBT योजनाएं सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि पहुंचाती हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।
क्या होगा आगे
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अगस्त और सितंबर में चरणबद्ध तरीके से इन योजनाओं को बहाल किया जाएगा। राज्य सरकार से अपेक्षा है कि वह पात्रता सूची और वितरण तंत्र को अद्यतन करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करे, ताकि लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंच सके।