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असम में सस्ती दाल-चीनी योजना फिर शुरू, 70 लाख लोगों को ₹100 में मिलेगी राहत

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असम में सस्ती दाल-चीनी योजना फिर शुरू, 70 लाख लोगों को ₹100 में मिलेगी राहत

सारांश

तीन महीने की रुकावट के बाद असम सरकार ने ₹100 में दाल-चीनी देने वाली सब्सिडी योजना नगांव के राहा से दोबारा शुरू की। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 70 लाख लाभार्थियों को राहत का भरोसा दिया, हालाँकि नमक वितरण तकनीकी कारणों से अभी टला है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 10 अगस्त को नगांव जिले के राहा से सब्सिडी खाद्य योजना पुनः लागू की।
पात्र लाभार्थियों को दाल और चीनी ₹100 में मिलेगी; योजना से लगभग 70 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान।
बजट प्रक्रिया में देरी के कारण यह योजना करीब तीन महीने से बंद थी।
तकनीकी कारणों से नमक वितरण अभी शुरू नहीं हुआ; सरमा ने जल्द बहाली का आश्वासन दिया।
असम-अरुणाचल सीमा विवाद पर दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और DGP के स्तर पर बातचीत जारी; प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार, 10 अगस्त को राज्य सरकार की सब्सिडी आधारित खाद्य योजना को पुनः लागू करने की घोषणा की, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को दाल और चीनी ₹100 में उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना से असम के लगभग 70 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। बजट प्रक्रिया में देरी के कारण यह योजना करीब तीन महीने से बंद पड़ी थी।

योजना की पुनः शुरुआत कहाँ और कैसे

इस योजना को नगांव जिले के राहा से औपचारिक रूप से दोबारा शुरू किया गया। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, 'हम अपनी प्रतिबद्धता के तहत पात्र लोगों को आवश्यक खाद्य सामग्री सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए दाल और चीनी की आपूर्ति फिर से शुरू कर रहे हैं।' यह योजना मूल रूप से विधानसभा चुनावों से पूर्व लागू की गई थी, जिसमें चीनी, दाल और नमक — तीनों रियायती दरों पर देने का प्रावधान था।

नमक वितरण में अभी देरी

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ तकनीकी कारणों से फिलहाल नमक का वितरण शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह आपूर्ति शीघ्र बहाल कर दी जाएगी। सरमा ने कहा, 'हम कुछ ही दिनों में नमक देना भी शुरू कर देंगे।' इस प्रकार फिलहाल केवल दाल और चीनी का वितरण सक्रिय है।

आम जनता पर असर

यह पहल ऐसे समय में राहत देने वाली मानी जा रही है जब जरूरी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें आम परिवारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। 70 लाख से अधिक लाभार्थियों वाली यह योजना राज्य के निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को महँगाई के दबाव से कुछ हद तक राहत दे सकती है।

असम-अरुणाचल सीमा विवाद पर सरमा का रुख

इसी अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच चल रहे सीमा विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि दोनों राज्यों के मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक (DGP) इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। सरमा ने स्पष्ट कहा, 'असम की भूमि किसी भी परिस्थिति में नहीं सौंपी जाएगी।' प्रभावित क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि असम-अरुणाचल सीमा विवाद दशकों पुराना संवेदनशील मुद्दा है, जिसे सुलझाने के लिए दोनों राज्य लगातार वार्ता का सहारा लेते रहे हैं। खाद्य योजना के मोर्चे पर नमक वितरण कब तक बहाल होगा, यह राज्य सरकार की अगली परीक्षा होगी — क्योंकि तीन महीने की रुकावट के बाद लाभार्थियों की उम्मीदें पहले से ही परखी जा चुकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह रुकावट खुद सवाल उठाती है — यदि बजट प्रक्रिया इतनी बड़ी योजना को महीनों ठप कर सकती है, तो क्रियान्वयन का ढाँचा कितना मजबूत है? नमक वितरण का अभी भी लंबित रहना यह संकेत देता है कि लॉजिस्टिक चुनौतियाँ अभी पूरी तरह हल नहीं हुई हैं। चुनाव-पूर्व शुरू हुई इस योजना की विश्वसनीयता इसी बात पर टिकी है कि सरकार बिना राजनीतिक दबाव के भी इसे निरंतर चला सके।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम की सस्ती दाल-चीनी योजना क्या है?
यह असम सरकार की सब्सिडी आधारित खाद्य योजना है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को दाल और चीनी ₹100 में उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना से राज्य के लगभग 70 लाख लोगों को लाभ मिलने का लक्ष्य है।
यह योजना कितने समय से बंद थी और दोबारा कब शुरू हुई?
बजट प्रक्रिया में देरी के कारण यह योजना करीब तीन महीने से बंद थी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 10 अगस्त को नगांव जिले के राहा से इसे पुनः शुरू किया।
क्या योजना में नमक भी मिलेगा?
मूल योजना में चीनी, दाल और नमक तीनों रियायती दरों पर देने का प्रावधान था, लेकिन तकनीकी कारणों से फिलहाल नमक का वितरण शुरू नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा है कि नमक की आपूर्ति कुछ ही दिनों में शुरू कर दी जाएगी।
असम-अरुणाचल सीमा विवाद पर सरकार का क्या रुख है?
मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया है कि असम की भूमि किसी भी परिस्थिति में नहीं सौंपी जाएगी। दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और DGP स्तर पर बातचीत जारी है, और प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
इस योजना से किन लोगों को फायदा होगा?
योजना के तहत असम के पात्र लाभार्थी परिवारों को — विशेषकर निम्न और मध्यम आय वर्ग को — रियायती दरों पर दाल और चीनी मिलेगी। राज्य सरकार के अनुसार लगभग 70 लाख लोग इस योजना के दायरे में आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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