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असम में 100 दिन, ₹300 करोड़ की ड्रग्स नष्ट: CM हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा अभियान

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असम में 100 दिन, ₹300 करोड़ की ड्रग्स नष्ट: CM हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा अभियान

सारांश

असम सरकार के पहले 100 दिनों में ₹300 करोड़ की ड्रग्स नष्ट और ₹472.51 करोड़ की जब्ती — CM सरमा ने नलबाड़ी की देश की पहली समर्पित इंसिनरेशन सुविधा से यह संदेश दिया कि तस्करी नेटवर्क के लिए असम में अब कोई जगह नहीं।

मुख्य बातें

असम सरकार ने पहले 100 दिनों में ₹300 करोड़ मूल्य के नशीले पदार्थ नलबाड़ी की समर्पित इंसिनरेशन सुविधा में नष्ट किए।
10 दिनों के विशेष अभियान में 9 जिलों से अनुमानित ₹472.51 करोड़ मूल्य की ड्रग्स जब्त की गईं।
जब्त सामग्री में 30.7 किलोग्राम हेरोइन और 5,499 किलोग्राम गांजा शामिल थे।
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने अभियान को 'सुरक्षित असम के 100 दिन' थीम के तहत संचालित बताया।
मई 2021 से सरमा सरकार ने ड्रग तस्करी विरोधी अभियान को राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखा है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 28 अगस्त 2026 को घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में लगभग ₹300 करोड़ मूल्य के नशीले पदार्थ नष्ट किए हैं। यह कार्रवाई नलबाड़ी जिले के दौलासाल में स्थित असम की पहली समर्पित ड्रग इंसिनरेशन सुविधा में की गई।

मुख्य घटनाक्रम

नलबाड़ी की इस विशेष सुविधा में जब्त नशीले पदार्थों को नष्ट कर सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि जब्त सामग्री को दोबारा बाज़ार में लौटने का कोई रास्ता नहीं होगा। मुख्यमंत्री सरमा ने इस अभियान को 'सुरक्षित असम के 100 दिन' थीम के तहत संचालित बताया।

सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'घड़ी की टिक-टिक जारी है, कार्रवाई नहीं रुकेगी। 100 दिन, 100 प्रतिशत कार्रवाई।' उन्होंने जोड़ा, 'जब्ती, गिरफ्तारी, ड्रग नेटवर्क को नष्ट करना — हम एक साफ संदेश दे रहे हैं, छिपने की कोई जगह नहीं है।'

जब्ती के आँकड़े

मुख्यमंत्री के अनुसार, 10 दिनों की अवधि में नौ जिलों में चलाए गए अभियानों के दौरान अनुमानित ₹472.51 करोड़ मूल्य की ड्रग्स जब्त की गईं। इनमें लगभग 30.7 किलोग्राम हेरोइन, 5,499 किलोग्राम गांजा और अन्य प्रतिबंधित पदार्थ शामिल थे।

अभियान की व्यापकता

सरमा ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल जब्ती और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यभर में सक्रिय तस्करी नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना इसका मुख्य उद्देश्य है। प्रवर्तन एजेंसियाँ ड्रग सप्लायरों, विक्रेताओं और संगठित तस्करी सिंडिकेट के विरुद्ध लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

गौरतलब है कि मई 2021 में सरमा के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से असम सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपना रुख लगातार कड़ा किया है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य म्यांमार सीमा से आने वाली ड्रग्स की तस्करी की गंभीर चुनौती से जूझ रहे हैं।

राज्य सरकार ने ड्रग्स के विरुद्ध लड़ाई को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताया है — जिसमें जब्ती, गिरफ्तारी, जब्त सामग्री का विनाश और संगठित नेटवर्क को तोड़ना, सभी एक साथ चल रहे हैं।

आगे की राह

इस अभियान की निरंतरता के संकेत देते हुए मुख्यमंत्री ने ड्रग बेचने वालों और तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई का संकल्प दोहराया है। नलबाड़ी की इंसिनरेशन सुविधा का संचालन राज्य में ड्रग-प्रबंधन के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की दिशा में एक दीर्घकालिक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या तस्करी नेटवर्क वास्तव में कमज़ोर हुए हैं या केवल जब्ती की संख्या बढ़ी है। पूर्वोत्तर भारत में म्यांमार सीमा से ड्रग्स की आवक एक संरचनात्मक समस्या है जिसे केवल इंसिनरेशन से नहीं सुलझाया जा सकता। नलबाड़ी सुविधा एक सकारात्मक बुनियादी ढाँचागत कदम है, पर जब तक सप्लाई-साइड नेटवर्क और सीमा-पार तस्करी मार्गों पर ठोस कार्रवाई के स्वतंत्र आँकड़े सामने नहीं आते, यह अभियान राजनीतिक प्रदर्शन और ज़मीनी बदलाव के बीच की खाई को नहीं पाट सकता।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में 100 दिनों के ड्रग विरोधी अभियान में क्या हुआ?
असम सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों में नलबाड़ी जिले की समर्पित इंसिनरेशन सुविधा में लगभग ₹300 करोड़ मूल्य के नशीले पदार्थ नष्ट किए। इसके अलावा 10 दिनों के विशेष अभियान में 9 जिलों से ₹472.51 करोड़ की ड्रग्स जब्त की गईं।
नलबाड़ी की ड्रग इंसिनरेशन सुविधा क्या है?
नलबाड़ी के दौलासाल में स्थित यह असम की पहली समर्पित ड्रग नष्ट करने वाली सुविधा है, जहाँ जब्त नशीले पदार्थों को स्थायी रूप से नष्ट किया जाता है ताकि वे दोबारा बाज़ार में न आ सकें। यह सुविधा राज्य के ड्रग-प्रबंधन बुनियादी ढाँचे का अहम हिस्सा है।
जब्त की गई ड्रग्स में कौन-कौन से पदार्थ शामिल थे?
जब्त सामग्री में लगभग 30.7 किलोग्राम हेरोइन, 5,499 किलोग्राम गांजा और अन्य प्रतिबंधित पदार्थ शामिल थे। यह जब्ती 10 दिनों में 9 जिलों में चलाए गए अभियानों के दौरान की गई।
CM हिमंत बिस्वा सरमा का ड्रग विरोधी अभियान कब से चल रहा है?
मई 2021 में सरमा के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से यह अभियान लगातार जारी है। राज्य सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को अपनी मुख्य प्राथमिकता घोषित किया है, जिसमें जब्ती, गिरफ्तारी और संगठित तस्करी नेटवर्क को तोड़ना शामिल है।
असम सरकार का ड्रग अभियान सिर्फ जब्ती तक सीमित है या इससे आगे भी?
CM सरमा के अनुसार यह अभियान जब्ती और गिरफ्तारी से आगे जाकर पूरे तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर केंद्रित है। सरकार ड्रग सप्लायरों, विक्रेताओं और सिंडिकेट — तीनों स्तरों पर एक साथ कार्रवाई कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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