26 जून 2026
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असम में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जारी रहेगी: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का संकल्प

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असम में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जारी रहेगी: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का संकल्प

सारांश

अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ विरोधी दिवस पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का संकल्प दोहराया। गोल्डन ट्रायंगल और पड़ोसी देशों की सीमाओं से घिरे असम में यह अभियान राज्य की सबसे बड़ी सुरक्षा प्राथमिकताओं में से एक बन चुका है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 26 जून 2026 को नशे के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया।
असम पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में संयुक्त अभियानों में सैकड़ों ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया और हेरोइन, मेथामफेटामाइन, गांजा सहित बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए।
असम की सीमाएँ भूटान और बांग्लादेश से लगती हैं और यह गोल्डन ट्रायंगल के ड्रग नेटवर्क से प्रभावित क्षेत्र है।
राज्य सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता और नशा मुक्ति पुनर्वास कार्यक्रम भी चलाए हैं।
हर वर्ष 26 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ विरोधी दिवस वैश्विक जागरूकता और सहयोग को बढ़ावा देने का अवसर है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 26 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर राज्य में ड्रग्स और मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान को और अधिक तेज करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए नशे के खिलाफ कठोर और निरंतर कार्रवाई जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज हम अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस मना रहे हैं। हमारी सरकार इस विषय पर गंभीरता से काम कर रही है और नशे के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है।' उन्होंने आगे कहा, 'हम अपने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने और उन्हें इस सामाजिक बुराई से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।'

असम में अब तक की कार्रवाई

पिछले कुछ वर्षों में असम पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर सैकड़ों ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन अभियानों में बड़ी मात्रा में हेरोइन, मेथामफेटामाइन की गोलियाँ, गांजा और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा है।

असम की भौगोलिक संवेदनशीलता

राज्य सरकार के अनुसार, असम की सीमाएँ भूटान और बांग्लादेश से लगती हैं और यह पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख प्रवेश द्वार है। इसके अतिरिक्त, कुख्यात 'गोल्डन ट्रायंगल' क्षेत्र से संचालित होने वाले ड्रग तस्करी नेटवर्क का सीधा असर इस क्षेत्र पर पड़ता है। यही कारण है कि असम ड्रग तस्करों के लिए एक संवेदनशील गलियारा बना हुआ है।

सरकार की बहुआयामी रणनीति

राज्य सरकार ने मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए जनजागरूकता अभियान और नशा मुक्ति एवं पुनर्वास कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। गौरतलब है कि यह बहुआयामी दृष्टिकोण उन राज्यों के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है जो ड्रग तस्करी की समस्या से जूझ रहे हैं। 26 जून को हर वर्ष मनाए जाने वाले इस अंतरराष्ट्रीय दिवस का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाना, दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और रोकथाम, उपचार तथा पुनर्वास के प्रयासों को सुदृढ़ करना है।

आगे की राह

मुख्यमंत्री सरमा के इस संकल्प से स्पष्ट है कि असम सरकार निकट भविष्य में ड्रग नेटवर्क के विरुद्ध अभियान की गति और तीव्र करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में मादक पदार्थों की तस्करी एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बनती जा रही है और केंद्र सरकार भी इस दिशा में राज्यों के साथ समन्वय बढ़ा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि गिरफ्तारियों और जब्ती के आँकड़े ड्रग नेटवर्क के वास्तविक विघटन में कितने तब्दील हो रहे हैं। गोल्डन ट्रायंगल से जुड़े तस्करी मार्ग दशकों पुराने हैं और केवल राज्य-स्तरीय अभियानों से उन्हें तोड़ना सीमित प्रभाव का काम है — इसके लिए केंद्र, पड़ोसी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ ठोस समन्वय अनिवार्य है। नशा मुक्ति और पुनर्वास कार्यक्रमों की पहुँच और सफलता दर पर पारदर्शी आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जो जवाबदेही की कमी को उजागर करता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंता बिस्वा सरमा ने 26 जून को नशे के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ विरोधी दिवस पर एक्स पर पोस्ट कर कहा कि असम सरकार ड्रग्स के खिलाफ सख्त अभियान जारी रखेगी और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
असम में ड्रग तस्करी की समस्या इतनी गंभीर क्यों है?
असम की सीमाएँ भूटान और बांग्लादेश से लगती हैं और यह पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख प्रवेश द्वार है। इसके अलावा, कुख्यात गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र से संचालित ड्रग नेटवर्क का सीधा प्रभाव इस क्षेत्र पर पड़ता है, जिससे यह तस्करों के लिए संवेदनशील गलियारा बना हुआ है।
असम पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की है?
असम पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियानों में सैकड़ों ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन अभियानों में हेरोइन, मेथामफेटामाइन की गोलियाँ, गांजा और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थ बड़ी मात्रा में जब्त किए गए हैं।
असम सरकार की ड्रग विरोधी नीति में क्या-क्या शामिल है?
असम सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है जिसमें कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान और नशा मुक्ति एवं पुनर्वास कार्यक्रम भी शामिल हैं। यह बहुआयामी रणनीति ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ विरोधी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
हर वर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया को नशामुक्त बनाने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाना, मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और रोकथाम, उपचार तथा पुनर्वास के प्रयासों को मजबूत करना है।
राष्ट्र प्रेस
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