10 अगस्त 2026
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प्रियंका चतुर्वेदी का संसद गतिरोध पर केंद्र को घेरा: 'जवाबदेही से बच रहे हैं गृहमंत्री'

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प्रियंका चतुर्वेदी का संसद गतिरोध पर केंद्र को घेरा: 'जवाबदेही से बच रहे हैं गृहमंत्री'

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मानसून सत्र के गतिरोध की असली वजह बताई — बिल नहीं, गृहमंत्री की सदन में अनुपस्थिति और जवाबदेही से बचना। साथ ही ममता बनर्जी के काफिले पर हमले को BJP-प्रायोजित करार दिया।

मुख्य बातें

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा — संसद गतिरोध किसी बिल पर नहीं, गृहमंत्री की जवाबदेही से बचने पर है।
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृहमंत्री का सदन में जवाब न देना विपक्ष की मुख्य आपत्ति।
विधेयक 3-4 मिनट की चर्चा के बाद ध्वनि मत से पारित होने पर भी उठाए सवाल।
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन पर राज्य सरकार की बातचीत को सकारात्मक बताया।
ममता बनर्जी के काफिले पर हमले को BJP -प्रायोजित और सुनियोजित करार दिया।
NCP (शरद पवार) सांसदों की PM मोदी से मुलाकात को महाराष्ट्र के क्षेत्रीय मुद्दों तक सीमित बताया।

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने 10 अगस्त 2026 को संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध पर केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में ठहराव किसी विधेयक की वजह से नहीं, बल्कि गृह मंत्री की जवाबदेही से बचने की प्रवृत्ति के कारण है। चतुर्वेदी ने झारखंड में जारी छात्र आंदोलन और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

संसद गतिरोध: असली मुद्दा क्या है

चतुर्वेदी ने कहा, 'गतिरोध किसी बिल को लेकर नहीं है और न ही इस बात को लेकर है कि कौन सा बिल पेश किया जा रहा है। असली मुद्दा यह है कि देश के गृह मंत्री सदन में आकर सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं।' उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर संसद में जवाब देना गृहमंत्री की संवैधानिक ज़िम्मेदारी है।

उन्होंने विधेयकों को पारित करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए — 'तीन-तीन, चार-चार मिनट की चर्चा के बाद ध्वनि मत के माध्यम से बिल पास हो रहे हैं, यह कहाँ तक सही है?' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि महत्त्वपूर्ण विधेयक पर्याप्त बहस के बिना पारित किए जा रहे हैं।

झारखंड छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरुद्ध चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन पर चतुर्वेदी ने अपेक्षाकृत सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'वहाँ की सरकार लगातार उनसे बातचीत कर रही है और भरोसा दिला रही है कि जो माँगें पूरी की जा सकती हैं, उन्हें जल्द से जल्द हल किया जाएगा।'

उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'ये लोग हमारे दुश्मन नहीं हैं — ये हमारे देश के युवा हैं, उनकी बात सुनना हमारी जिम्मेदारी है।' चतुर्वेदी ने इसे सरकार और छात्रों के बीच संवाद की सकारात्मक मिसाल बताया।

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला: BJP पर आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर पत्थर और कीचड़ फेंके जाने की घटना पर चतुर्वेदी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'यह सब भाजपा द्वारा प्रायोजित था। अगर पुलिस और सुरक्षा आपके हाथ में है, तो यह कैसे हो सकता है कि प्रदर्शनकारी गाड़ियों पर पत्थर फेंक सकें?'

उन्होंने अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा पर हुए कथित हमलों का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य पुलिस यदि वास्तव में रोकना चाहती तो इन घटनाओं को रोका जा सकता था। उनके अनुसार, 'यह आम जनता की तरफ से नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हमला है।' गौरतलब है कि ममता बनर्जी तीन बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।

NCP-PM मुलाकात पर सफाई

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट के सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को लेकर उठ रहे राजनीतिक कयासों पर चतुर्वेदी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सांसद — जिनमें सुप्रिया सुले भी शामिल हैं — महाराष्ट्र से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रख रहे हैं और इसे सकारात्मक दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

आगे क्या

चतुर्वेदी ने उम्मीद जताई कि गृहमंत्री और प्रधानमंत्री से जुड़ा गतिरोध जल्द समाप्त होगा, हालाँकि उन्होंने कोई ठोस समयसीमा नहीं बताई। मानसून सत्र में विपक्ष की माँग बनी हुई है कि संवेदनशील कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर गृहमंत्री सदन में उपस्थित होकर जवाब दें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका चतुर्वेदी के अनुसार संसद में गतिरोध की असली वजह क्या है?
चतुर्वेदी के अनुसार गतिरोध किसी विधेयक को लेकर नहीं, बल्कि गृहमंत्री की जवाबदेही से बचने की वजह से है। उनका कहना है कि दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गृहमंत्री को सदन में आकर जवाब देना चाहिए।
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी छात्र आंदोलन पर प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या कहा?
चतुर्वेदी ने झारखंड सरकार के रुख को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि वहाँ की सरकार छात्रों से लगातार बातचीत कर रही है और मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि छात्र दुश्मन नहीं बल्कि देश के युवा हैं, जिनकी बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
ममता बनर्जी के काफिले पर हमले को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या आरोप लगाए?
चतुर्वेदी ने इस हमले को BJP द्वारा प्रायोजित और सुनियोजित बताया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि राज्य पुलिस और सरकार वास्तव में रोकना चाहती तो ऐसी घटनाएँ नहीं होतीं, और पुलिस का 'आँखें मूंदे रहना' इस षड्यंत्र का हिस्सा है।
NCP (शरद पवार) सांसदों की PM मोदी से मुलाकात पर प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या स्पष्ट किया?
चतुर्वेदी ने कहा कि NCP सांसद — जिनमें सुप्रिया सुले भी शामिल हैं — महाराष्ट्र के क्षेत्रीय और स्थानीय मुद्दे PM के सामने रख रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक गठजोड़ की अटकलों से जोड़ने से इनकार किया और कहा कि इसे सकारात्मक दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
मानसून सत्र में विधेयक पारित करने की प्रक्रिया पर क्या आपत्ति उठाई गई?
चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि महत्त्वपूर्ण विधेयक मात्र तीन से चार मिनट की चर्चा के बाद ध्वनि मत से पारित किए जा रहे हैं। उनके अनुसार यह संसदीय लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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