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प्रियंका चतुर्वेदी का BJP पर हमला: बंगाल घुसपैठ वादे अधूरे, UP में 31 हजार वक्फ संपत्तियाँ रद्द — जवाब दे सरकार

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प्रियंका चतुर्वेदी का BJP पर हमला: बंगाल घुसपैठ वादे अधूरे, UP में 31 हजार वक्फ संपत्तियाँ रद्द — जवाब दे सरकार

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी ने एक साथ BJP को तीन मोर्चों पर घेरा — बंगाल घुसपैठ के अधूरे वादे, UP में 31 हजार वक्फ संपत्तियों का बिना स्पष्टीकरण रद्दीकरण, और NEET लीक व बेरोजगारी से आहत युवा पीढ़ी। उनका सवाल सीधा है: जवाबदेही कब और कैसे?

मुख्य बातें

प्रियंका चतुर्वेदी ने 23 मई को BJP पर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठ को लेकर किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए।
उत्तर प्रदेश के उम्मीद पोर्टल पर 31,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द किए जाने पर उन्होंने सरकार से पारदर्शी स्पष्टीकरण माँगा।
उनकी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने वक्फ संशोधन विधेयक को संसद में चयन या स्थायी समिति के पास भेजने की माँग की थी।
BJP सांसद हरभजन सिंह के AAP पर टिकट बेचने के आरोपों को चतुर्वेदी ने राजनीतिक बदलाव को जायज़ ठहराने की कोशिश बताया।
NEET पेपर लीक , CBSE धांधली और बेरोजगारी को लेकर उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी BJP से गहरे स्तर पर निराश हो चुकी है।

शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता और पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने 23 मई को मुंबई में एक साथ कई मोर्चों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरा — पश्चिम बंगाल में घुसपैठ के अधूरे वादों से लेकर उत्तर प्रदेश में 31,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण रद्द किए जाने तक। उन्होंने माँग की कि सरकार इन मामलों पर पारदर्शिता के साथ जनता को जवाब दे।

बंगाल घुसपैठ: वादे बड़े, अमल शून्य

चतुर्वेदी ने कहा कि BJP ने पश्चिम बंगाल की जनता से घुसपैठियों को लेकर जो वादे किए थे, वे आज तक पूरे नहीं हुए। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि अभी तक पूरी कैबिनेट भी गठित नहीं हो पाई है, और केवल 'घुसपैठिए' शब्द का उपयोग करना सरल है, किंतु वास्तविक कार्रवाई और जवाबदेही कहीं दिखाई नहीं देती। उनके अनुसार राज्य की जनता से किए गए वादों को पूरा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

UP में 31 हजार वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द — कारण स्पष्ट करे सरकार

उत्तर प्रदेश के उम्मीद पोर्टल पर 31,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द किए जाने के मामले पर चतुर्वेदी ने सरकार से सीधे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि किस आधार पर और किन कारणों से यह रद्दीकरण किया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब वक्फ संशोधन विधेयक संसद में लाया गया था, तब उनकी पार्टी ने माँग की थी कि इसे विस्तृत विचार-विमर्श के लिए किसी चयन समिति या स्थायी समिति के पास भेजा जाए, ताकि सभी संबंधित पक्षों से परामर्श लिया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस पूरे मामले में पारदर्शिता बरतेगी।

हरभजन सिंह के AAP पर आरोप: राजनीतिक बदलाव को जायज़ ठहराने की कोशिश?

BJP के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) पर राज्यसभा टिकट 'बेचने' के आरोपों पर भी चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह पहले AAP से राज्यसभा सांसद थे और हाल ही में BJP में शामिल हुए हैं — ऐसे में इस प्रकार के अचानक आरोप उनके राजनीतिक बदलाव को सही ठहराने की कोशिश जैसे प्रतीत होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वास्तव में सीटों की खरीद-फरोख्त हुई है, तो हरभजन सिंह की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने पास मौजूद जानकारी और प्रमाण सार्वजनिक करें। चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि केवल सोशल मीडिया पर हुई नोकझोंक के आधार पर गंभीर आरोप तय करना उचित नहीं है — राजनीति में आरोप तथ्यों और प्रमाणों पर टिके होने चाहिए।

'कॉकरोच जनता पार्टी' और युवाओं का आक्रोश

चतुर्वेदी ने कहा कि BJP यह भाँप चुकी है कि जेन-जी यानी नई युवा पीढ़ी अब इस पार्टी से निराश हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक, CBSE में कथित धांधली और UGC की नई गाइडलाइंस जैसी घटनाओं ने युवाओं को गहरे स्तर पर प्रभावित किया है, और बेरोजगारी की समस्या लगातार विकराल होती जा रही है। उन्होंने कहा कि जब सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की ओर से बेरोजगार युवाओं को लेकर 'कॉकरोच' जैसी टिप्पणी का संदर्भ सामने आता है, तो युवाओं का गुस्सा स्वाभाविक है। उनके अनुसार सरकार को युवाओं की समस्याओं के समाधान पर गंभीरता से ध्यान देना होगा।

आगे क्या

चतुर्वेदी के इन बयानों ने विपक्ष की उस व्यापक रणनीति को रेखांकित किया है जिसमें BJP पर एक साथ कई मुद्दों पर जवाबदेही की माँग की जा रही है — घुसपैठ, अल्पसंख्यक संपत्ति अधिकार, और युवा बेरोजगारी। वक्फ संपत्तियों के रद्दीकरण पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, और यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद में भी गूँज सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 वक्फ संपत्तियों का रद्दीकरण एक ठोस प्रशासनिक कदम है जिस पर सरकार को कानूनी और प्रक्रियागत आधार सार्वजनिक करने चाहिए — पारदर्शिता की माँग यहाँ जायज़ है। हरभजन सिंह प्रकरण में चतुर्वेदी का तर्क — कि आरोप प्रमाण-आधारित होने चाहिए — वही मानक है जो विपक्ष को अपने हर आरोप पर खुद भी अपनाना होगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका चतुर्वेदी ने बंगाल घुसपैठ पर BJP से क्या माँगा?
चतुर्वेदी ने कहा कि BJP ने पश्चिम बंगाल की जनता से घुसपैठियों को लेकर जो वादे किए थे, वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं और वास्तविक कार्रवाई व जवाबदेही कहीं नज़र नहीं आती। उनके अनुसार राज्य की जनता से किए गए वादे पूरे करना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
UP में 31 हजार वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण क्यों रद्द किया गया?
उत्तर प्रदेश के उम्मीद पोर्टल पर 31,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण रद्द किया गया है, लेकिन सरकार ने अब तक इसके कारण सार्वजनिक नहीं किए हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने माँग की है कि किस आधार पर यह रद्दीकरण हुआ, इसकी स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी जनता के सामने रखी जाए।
वक्फ संशोधन विधेयक पर शिवसेना (यूबीटी) का क्या रुख रहा है?
शिवसेना (यूबीटी) ने संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश होने के समय माँग की थी कि इसे किसी चयन समिति या स्थायी समिति के पास विस्तृत चर्चा के लिए भेजा जाए, ताकि सभी संबंधित पक्षों से परामर्श लिया जा सके। चतुर्वेदी ने दोहराया कि यह माँग अब भी प्रासंगिक है।
हरभजन सिंह के AAP पर आरोपों पर चतुर्वेदी ने क्या कहा?
चतुर्वेदी ने कहा कि हरभजन सिंह पहले AAP से राज्यसभा सांसद थे और हाल ही में BJP में शामिल हुए हैं, इसलिए अचानक AAP पर टिकट बेचने के आरोप लगाना उनके राजनीतिक बदलाव को जायज़ ठहराने की कोशिश लगती है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में ऐसा हुआ है तो हरभजन को प्रमाण सार्वजनिक करने चाहिए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने युवा बेरोजगारी और NEET मुद्दे पर क्या कहा?
चतुर्वेदी ने कहा कि NEET पेपर लीक, CBSE में कथित धांधली और UGC की नई गाइडलाइंस ने युवाओं को गहरे स्तर पर प्रभावित किया है और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से माँग की कि युवाओं की समस्याओं के समाधान पर गंभीरता से काम किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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