18 अगस्त 2026
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असम पुलिस ने कछार में ट्रक से ₹10 करोड़ के 50,000 याबा टैबलेट जब्त किए, एक गिरफ्तार

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असम पुलिस ने कछार में ट्रक से ₹10 करोड़ के 50,000 याबा टैबलेट जब्त किए, एक गिरफ्तार

सारांश

असम पुलिस ने कछार के दिघारखाल में एक ट्रक के गुप्त चैंबर से ₹10 करोड़ के 50,000 याबा टैबलेट बरामद किए और एक तस्कर को दबोचा। जून से अगस्त के बीच कछार में अब तक ₹40 करोड़ से अधिक के नशीले पदार्थ जब्त हो चुके हैं, जो पूर्वोत्तर के तस्करी मार्गों पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है।

मुख्य बातें

असम पुलिस ने कछार जिले के दिघारखाल में एक ट्रक से 50,000 याबा टैबलेट जब्त कीं, जिनकी कीमत ₹10 करोड़ है।
ट्रक में गुप्त चैंबर बनाकर नशीले पदार्थ छिपाए गए थे; एक व्यक्ति गिरफ्तार ।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर कछार पुलिस की सराहना की।
अगस्त में ही पहले के एक संयुक्त ऑपरेशन में 1.1 लाख याबा टैबलेट व 223 ग्राम हेरोइन (₹28 करोड़ से अधिक) जब्त हो चुकी थीं।
जून से अब तक कछार में तीन बड़े ऑपरेशनों में कुल 1.59 लाख से अधिक याबा टैबलेट बरामद।

असम पुलिस ने नशा-तस्करी के विरुद्ध जारी अभियान में एक और बड़ी सफलता दर्ज करते हुए कछार जिले के दिघारखाल इलाके में स्थित पुराने एमवीआई चेक पॉइंट पर एक ट्रक से 50,000 याबा टैबलेट बरामद किए, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹10 करोड़ बताई जा रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 18 अगस्त को इस कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

कैसे हुई यह बरामदगी

पुलिस दल ने दिघारखाल स्थित चेक पॉइंट पर एक ट्रक को रोका और तलाशी के दौरान उसमें एक गुप्त चैंबर का पता चला, जिसे विशेष रूप से नशीले पदार्थ छिपाने के लिए तैयार किया गया था। उस छिपे हुए खाने से 50,000 याबा टैबलेट निकाली गईं। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कछार पुलिस और असम पुलिस की तारीफ करते हुए लिखा, 'हम्प्टी डम्प्टी की तरह यह ड्रग्स तस्करी की खेप भी गिर पड़ी।'

कछार में नशा-तस्करी का बढ़ता दबाव

हाल के महीनों में कछार जिला पूर्वोत्तर के प्रमुख नशा-तस्करी मार्गों के केंद्र के रूप में उभरा है। अगस्त में ही असम पुलिस और असम राइफल्स ने संयुक्त अभियान में कछार से लगभग 1.1 लाख याबा टैबलेट और 223 ग्राम हेरोइन जब्त की थी, जिनकी कीमत ₹28 करोड़ से अधिक आँकी गई थी और तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।

जुलाई में असम पुलिस, असम राइफल्स तथा कछार व हैलाकांडी की जिला पुलिस इकाइयों के संयुक्त ऑपरेशन में लगभग 80,000 याबा टैबलेट बरामद हुई थीं और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले जून में कछार पुलिस ने सिलचर से 29,200 संदिग्ध याबा टैबलेट जब्त की थीं, जिनकी कीमत लगभग ₹2.9 करोड़ बताई गई थी और एक व्यक्ति को पकड़ा गया था।

सरकार की प्रतिक्रिया और नीति

मुख्यमंत्री सरमा ने बार-बार स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार नशे के कारोबार के विरुद्ध अपना अभियान अनवरत जारी रखेगी और असम को ड्रग-मुक्त राज्य बनाने की दिशा में काम करती रहेगी। यह बरामदगी ऐसे समय में आई है जब राज्य में नशा-विरोधी ऑपरेशनों की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ी हैं।

आगे क्या होगा

गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ जारी है और जाँच एजेंसियाँ तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं। कछार और सीमावर्ती जिलों में पुलिस की सघन निगरानी जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि इतनी बड़ी खेपें बार-बार उसी जिले तक क्यों पहुँच पा रही हैं। असली परीक्षा गिरफ्तारियों की संख्या नहीं, बल्कि तस्करी नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की क्षमता होगी।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम पुलिस ने कछार में क्या जब्त किया?
असम पुलिस ने कछार जिले के दिघारखाल इलाके में एक ट्रक के गुप्त चैंबर से 50,000 याबा टैबलेट बरामद कीं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹10 करोड़ है। इस कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
याबा टैबलेट क्या होती है और यह क्यों खतरनाक है?
याबा एक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है जिसमें मेथाम्फेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है। यह मुख्यतः म्यांमार में बनाई जाती है और पूर्वोत्तर भारत के रास्ते देश के अन्य हिस्सों में तस्करी की जाती है; इसकी लत अत्यंत घातक मानी जाती है।
कछार जिले में हाल के महीनों में कितने नशीले पदार्थ जब्त हुए हैं?
जून से अगस्त 2026 के बीच कछार में तीन प्रमुख ऑपरेशनों में कुल 1.59 लाख से अधिक याबा टैबलेट और 223 ग्राम हेरोइन बरामद हुई हैं, जिनकी संयुक्त कीमत ₹40 करोड़ से अधिक आँकी गई है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस बरामदगी पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर कछार पुलिस और असम पुलिस की सराहना की और लिखा कि 'हम्प्टी डम्प्टी की तरह यह ड्रग्स तस्करी की खेप भी गिर पड़ी।' उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार असम को ड्रग-मुक्त बनाने के अभियान को जारी रखेगी।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ जारी है और जाँच एजेंसियाँ तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी हैं। कछार और सीमावर्ती जिलों में पुलिस की सघन निगरानी जारी रहने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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