असम पुलिस ने कछार में ट्रक से ₹10 करोड़ के 50,000 याबा टैबलेट जब्त किए, एक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम पुलिस ने नशा-तस्करी के विरुद्ध जारी अभियान में एक और बड़ी सफलता दर्ज करते हुए कछार जिले के दिघारखाल इलाके में स्थित पुराने एमवीआई चेक पॉइंट पर एक ट्रक से 50,000 याबा टैबलेट बरामद किए, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹10 करोड़ बताई जा रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 18 अगस्त को इस कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे हुई यह बरामदगी
पुलिस दल ने दिघारखाल स्थित चेक पॉइंट पर एक ट्रक को रोका और तलाशी के दौरान उसमें एक गुप्त चैंबर का पता चला, जिसे विशेष रूप से नशीले पदार्थ छिपाने के लिए तैयार किया गया था। उस छिपे हुए खाने से 50,000 याबा टैबलेट निकाली गईं। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कछार पुलिस और असम पुलिस की तारीफ करते हुए लिखा, 'हम्प्टी डम्प्टी की तरह यह ड्रग्स तस्करी की खेप भी गिर पड़ी।'
कछार में नशा-तस्करी का बढ़ता दबाव
हाल के महीनों में कछार जिला पूर्वोत्तर के प्रमुख नशा-तस्करी मार्गों के केंद्र के रूप में उभरा है। अगस्त में ही असम पुलिस और असम राइफल्स ने संयुक्त अभियान में कछार से लगभग 1.1 लाख याबा टैबलेट और 223 ग्राम हेरोइन जब्त की थी, जिनकी कीमत ₹28 करोड़ से अधिक आँकी गई थी और तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।
जुलाई में असम पुलिस, असम राइफल्स तथा कछार व हैलाकांडी की जिला पुलिस इकाइयों के संयुक्त ऑपरेशन में लगभग 80,000 याबा टैबलेट बरामद हुई थीं और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले जून में कछार पुलिस ने सिलचर से 29,200 संदिग्ध याबा टैबलेट जब्त की थीं, जिनकी कीमत लगभग ₹2.9 करोड़ बताई गई थी और एक व्यक्ति को पकड़ा गया था।
सरकार की प्रतिक्रिया और नीति
मुख्यमंत्री सरमा ने बार-बार स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार नशे के कारोबार के विरुद्ध अपना अभियान अनवरत जारी रखेगी और असम को ड्रग-मुक्त राज्य बनाने की दिशा में काम करती रहेगी। यह बरामदगी ऐसे समय में आई है जब राज्य में नशा-विरोधी ऑपरेशनों की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ी हैं।
आगे क्या होगा
गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ जारी है और जाँच एजेंसियाँ तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं। कछार और सीमावर्ती जिलों में पुलिस की सघन निगरानी जारी रहने की उम्मीद है।