कछार में ₹1 करोड़ की याबा टैबलेट जब्त, 24 घंटे में असम पुलिस का दूसरा बड़ा ऑपरेशन
सारांश
मुख्य बातें
असम पुलिस ने 29 जून 2026 को कछार जिले में खुफिया जानकारी के आधार पर एक निर्णायक छापेमारी में 10,000 याबा टैबलेट — जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत करीब ₹1 करोड़ बताई जा रही है — बरामद कीं और एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार किया। विशेष बात यह है कि यह 24 घंटे के भीतर जिले में दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जो असम-मिजोरम सीमा पर सक्रिय संगठित ड्रग नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती आक्रामकता को रेखांकित करती है।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
पुलिस को मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने एक फर्नीचर की दुकान में छापा मारा, जो कथित तौर पर ड्रग भंडारण के लिए आड़ के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। तेज़ी से की गई इस कार्रवाई में याबा टैबलेट की पूरी खेप बरामद की गई और एक आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के अनुसार, अवैध सामान के स्रोत, उसके गंतव्य और किसी बड़े अंतर-राज्यीय या सीमा-पार नेटवर्क से संभावित संबंध की जाँच अभी जारी है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए कछार पुलिस को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "एक बड़ी कामयाबी के ठीक 24 घंटे बाद, एक और तस्कर पकड़ा गया। खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए एक ऑपरेशन में, कछार पुलिस ने फर्नीचर की दुकान की आड़ में चल रहे एक गुप्त ठिकाने से लगभग ₹1 करोड़ की कीमत वाली 10,000 याबा टैबलेट बरामद कीं और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। असम पुलिस कोई ढील नहीं दे रही है।"
पिछले 24 घंटों की कार्रवाइयाँ
इस ऑपरेशन से एक दिन पहले, असम राइफल्स और कछार पुलिस ने संयुक्त रूप से असम-मिजोरम सीमा के निकट लैलापुर इलाके में करीब ₹5 करोड़ की नशीली सामग्री जब्त की थी। उस शनिवार रात के अभियान में सुरक्षाकर्मियों ने लगभग ₹2 करोड़ की संदिग्ध हेरोइन वाली 42 साबुन की टिकियाँ और करीब ₹3 करोड़ की कीमत वाली 10,000 याबा टैबलेट बरामद की थीं। भागने की कोशिश करने पर दो कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से दो मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए गए।
असम-मिजोरम सीमा पर ड्रग नेटवर्क
सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील असम-मिजोरम सीमा पर खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन तेज़ कर दिए हैं। यह इलाका ड्रग सिंडिकेट द्वारा हेरोइन, मेथामफेटामाइन टैबलेट और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी के लिए कथित तौर पर बार-बार इस्तेमाल किया जाता है। 48 घंटों के भीतर दो अलग-अलग ऑपरेशनों में कुल करीब ₹6 करोड़ की ड्रग्स ज़ब्त होना इस नेटवर्क की व्यापकता और सुरक्षाबलों की बढ़ती सतर्कता दोनों को एक साथ दर्शाता है।
आगे की जाँच
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। जाँच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि ये टैबलेट किस मार्ग से आईं, किन्हें पहुँचाई जानी थीं और क्या यह किसी बड़े अंतर-राज्यीय या अंतर्राष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की कड़ी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव बताई जा रही हैं।