त्रिपुरा पुलिस ने ₹7.5 करोड़ की मेथामफेटामाइन टैबलेट जब्त की, असम का तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा पुलिस ने सोमवार, 29 जून को उत्तर त्रिपुरा जिले के दमचारा में एक संदिग्ध वाहन की जाँच के दौरान 1.50 लाख मेथामफेटामाइन टैबलेट जब्त कीं, जिनकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹7.5 करोड़ से अधिक आँकी गई है। इस कार्रवाई में दक्षिणी असम के कछार जिले के सिलकोरी निवासी अनूप नूनिया को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह हाल के समय में राज्य की सबसे बड़ी ड्रग बरामदगियों में से एक है।
मुख्य घटनाक्रम
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रूटीन चेकिंग के दौरान दमचारा में एक संदिग्ध वाहन को रोका गया। कार्यकारी मजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की उपस्थिति में वाहन की विधिवत तलाशी ली गई, जिसमें 15 पैकेट मिले। इन पैकेटों में कुल 1.50 लाख मेथामफेटामाइन टैबलेट छुपाई गई थीं।
वाहन चालक अनूप नूनिया को तत्काल हिरासत में ले लिया गया। उन पर मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए जाँच जारी है।
तस्करी का संदिग्ध मार्ग
पुलिस को संदेह है कि ये मेथामफेटामाइन टैबलेट म्यांमार से मिजोरम के रास्ते तस्करी कर त्रिपुरा लाई गई थीं और इन्हें आगे बांग्लादेश या अन्य स्थानों पर भेजने की योजना थी।
गौरतलब है कि दमचारा क्षेत्र पहाड़ी राज्य मिजोरम के साथ लंबी अंतर-राज्यीय सीमा साझा करता है। मिजोरम की म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर और बांग्लादेश के साथ 318 किलोमीटर की बिना बाड़ वाली सीमा है, जो इसे पूर्वोत्तर भारत में ड्रग तस्करी का एक प्रमुख गलियारा बनाती है।
त्रिपुरा स्वयं बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है और तीन तरफ से इस पड़ोसी देश से घिरा है, जिससे यह सीमापार अवैध गतिविधियों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्र बन जाता है।
पुलिस की प्रतिबद्धता
उत्तर त्रिपुरा जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभाग कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करते हुए और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर ड्रग तस्करी एवं संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक सुरक्षित और ड्रग-मुक्त समाज बनाने के लक्ष्य को दोहराया।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में मादक पदार्थों की तस्करी पर केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। इस बरामदगी ने म्यांमार-मिजोरम-त्रिपुरा मार्ग पर निगरानी और बढ़ाने की ज़रूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है।
आगे की जाँच
अधिकारियों के अनुसार, तस्करी नेटवर्क के बाकी सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जाँच जारी है। माना जा रहा है कि यह खेप किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकती है।