14 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: हिमंता बिस्वा सरमा बोले — 1947 के बंटवारे के जख्म कभी नहीं भूलेंगे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: हिमंता बिस्वा सरमा बोले — 1947 के बंटवारे के जख्म कभी नहीं भूलेंगे

सारांश

14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 1947 के बंटवारे की पीड़ा को याद किया और राष्ट्रीय एकता की अपील की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग द्वारा थोपे गए विभाजन के घाव आज भी जिंदा हैं और इन्हें कभी नहीं भुलाया जाना चाहिए।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 14 अगस्त 2026 को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मुस्लिम लीग द्वारा थोपे गए जबरन बंटवारे के घाव कभी नहीं भूलेंगे।
1947 का विभाजन आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा जन-विस्थापन था, जिसमें लाखों परिवार बिछड़े और असंख्य लोगों की जान गई।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से देश की एकता और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली शक्तियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अतीत की त्रासदियों से सीख लेकर ही राष्ट्र एक सुरक्षित भविष्य बना सकता है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 14 अगस्त 2026 को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर 1947 के विभाजन के पीड़ितों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत को उस दर्दनाक अध्याय की पीड़ा और बलिदान को कभी विस्मृत नहीं करना चाहिए।

मुख्यमंत्री का संदेश

सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में सरमा ने लिखा, 'हम मां भारती पर मुस्लिम लीग द्वारा थोपे गए जबरन विभाजन के घावों को कभी नहीं भूलेंगे, जिसमें अनगिनत बेगुनाहों की जान गई।' उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की जिसमें अंकित था कि विभाजन के घाव आज भी जिंदा हैं

ऐतिहासिक संदर्भ

1947 का विभाजन आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े जन-विस्थापनों में से एक था। सांप्रदायिक हिंसा की आग में लाखों परिवार बिछड़ गए, पैतृक घर छूट गए और नवगठित सीमाओं के दोनों ओर समुदायों को असह्य पीड़ा सहनी पड़ी। यह ऐसे समय में आया है जब देश 78वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर खड़ा था।

राष्ट्रीय एकता की अपील

मुख्यमंत्री सरमा ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे विभाजन के पीड़ितों की स्मृति को जीवित रखें और देश की एकता एवं सुरक्षा को खतरे में डालने वाली शक्तियों के प्रति सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि इस दिवस को मनाने का मूल उद्देश्य उन आम लोगों की पीड़ा को उजागर करना है जिन्हें अपनी जड़ों से उखड़कर नया जीवन शुरू करने पर विवश होना पड़ा।

स्मृति दिवस का महत्व

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 14 अगस्त को मनाया जाता है। सरमा ने कहा कि अतीत की त्रासदियों से सीख लेकर ही राष्ट्र एक सुरक्षित और एकजुट भविष्य की ओर बढ़ सकता है। गौरतलब है कि यह दिवस उन करोड़ों लोगों की याद में समर्पित है जिनका जीवन 1947 की उथल-पुथल में हमेशा के लिए बदल गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ऐतिहासिक स्मृति और समकालीन राजनीति को एक साथ जोड़ता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तथ्य को नजरअंदाज करती है कि विभाजन की पीड़ा दोनों ओर — भारत और पाकिस्तान — समान रूप से थी, जबकि इस दिवस की भाषा एकतरफा ऐतिहासिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। जवाबदेही की दृष्टि से यह ज़रूरी है कि स्मृति और शोक की इस राजनीति को व्यापक सामाजिक सौहार्द के संदर्भ में भी परखा जाए।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस क्या है और यह कब मनाया जाता है?
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 14 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिवस 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन में जान गंवाने वाले और विस्थापित होने वाले लाखों लोगों की स्मृति को समर्पित है। इसे 2021 में केंद्र सरकार ने आधिकारिक रूप से घोषित किया था।
हिमंता बिस्वा सरमा ने 14 अगस्त को क्या कहा?
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'हम मां भारती पर मुस्लिम लीग द्वारा थोपे गए जबरन विभाजन के घावों को कभी नहीं भूलेंगे।' उन्होंने 1947 के विभाजन में जान गंवाने वाले अनगिनत बेगुनाहों को श्रद्धांजलि दी और राष्ट्रीय एकता की अपील की।
1947 के विभाजन का भारत पर क्या असर पड़ा था?
1947 का विभाजन आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े जन-विस्थापनों में से एक था। सांप्रदायिक हिंसा के बीच लाखों परिवार बिछड़े, पैतृक घर छूटे और नवगठित सीमाओं के दोनों ओर समुदायों को भारी पीड़ा सहनी पड़ी।
सरमा ने नागरिकों से क्या अपील की?
मुख्यमंत्री सरमा ने लोगों से विभाजन के पीड़ितों की स्मृति को जीवित रखने और देश की एकता एवं सुरक्षा को खतरे में डालने वाली शक्तियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अतीत से सीख लेकर ही राष्ट्र एक सुरक्षित भविष्य बना सकता है।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य क्या है?
इस दिवस का उद्देश्य उन आम लोगों की पीड़ा को उजागर करना है जिन्हें 1947 में अपनी जड़ों से उखड़कर नया जीवन शुरू करने पर विवश होना पड़ा। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने अपना पैतृक घर छोड़ा और जिनके परिवार हमेशा के लिए बिछड़ गए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले