विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने विस्थापितों को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 14 अगस्त 2026 को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने 1947 के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाए या अपनी जड़ों से उखड़ने का असहनीय दर्द सहा। गांधीनगर से दोनों नेताओं ने अलग-अलग संदेशों के माध्यम से इस ऐतिहासिक पीड़ा को स्मरण किया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा किए गए संदेश में 1947 के विभाजन को महज भौगोलिक सीमा-रेखा का निर्धारण नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा, "विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस पर मैं उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी में अपनी जान गंवाई।" उन्होंने उन लोगों को भी याद किया जिन्होंने राष्ट्र निर्माण की राह में अपनी मातृभूमि, परिजन और घर छोड़ने की पीड़ा झेली।
उपमुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अपने स्वतंत्र संदेश में विभाजन से प्रभावित हुए लोगों को नमन किया। उन्होंने कहा कि वे उन तमाम लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने विभाजन की विभीषिका और विस्थापन की पीड़ा सही। संघवी ने यह भी बताया कि गुजरात में 1,200 तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है और 70 लाख घरों में राष्ट्रध्वज फहराने के लक्ष्य के साथ हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की पृष्ठभूमि
यह स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को, स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पूर्व, मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में इसे राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की घोषणा की थी, ताकि विभाजन के दौरान संघर्ष और पीड़ा सहने वाले लोगों की स्मृति को जीवित रखा जा सके और सामाजिक सौहार्द को बल दिया जा सके।
1947 का विभाजन: एक ऐतिहासिक त्रासदी
आधुनिक भारत के इतिहास में 1947 का विभाजन सामूहिक विस्थापन की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक रहा है। उस दौरान करोड़ों लोग भारत और पाकिस्तान के बीच विस्थापित हुए, और यह सब व्यापक हिंसा तथा सांप्रदायिक तनाव के माहौल में हुआ। सरकार का मानना है कि इस दिन को मनाने से न केवल पीड़ितों का सम्मान होता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उस दर्द से परिचित कराने का अवसर भी मिलता है।
हर घर तिरंगा अभियान में गुजरात की भागीदारी
हर घर तिरंगा अभियान राष्ट्रीय स्तर पर 9 से 17 अगस्त के बीच मनाया जाता है। गुजरात इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर विभाजन से प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के शौर्य को याद किया। यह दिवस हर वर्ष राष्ट्रीय एकता और सामूहिक स्मृति का प्रतीक बनता जा रहा है।