14 अगस्त 2026
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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने विस्थापितों को दी श्रद्धांजलि

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने विस्थापितों को दी श्रद्धांजलि

सारांश

14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 1947 के विभाजन में जान गंवाने और विस्थापन सहने वाले लोगों को नमन किया। गुजरात में 1,200 तिरंगा यात्राएँ और 70 लाख घरों में राष्ट्रध्वज फहराने का अभियान भी जारी है।

मुख्य बातें

गुजरात CM भूपेंद्र पटेल और डिप्टी CM हर्ष संघवी ने 14 अगस्त 2026 को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विभाजन पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
CM पटेल ने 1947 के विभाजन को भारतीय इतिहास का 'काला अध्याय' बताया और विस्थापितों की पीड़ा को याद किया।
यह स्मृति दिवस 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किया गया था और प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को मनाया जाता है।
गुजरात में हर घर तिरंगा अभियान के तहत 1,200 तिरंगा यात्राएँ आयोजित हो रही हैं और 70 लाख घरों में राष्ट्रध्वज फहराने का लक्ष्य है।
यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर 9 से 17 अगस्त तक चलाया जाता है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 14 अगस्त 2026 को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने 1947 के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाए या अपनी जड़ों से उखड़ने का असहनीय दर्द सहा। गांधीनगर से दोनों नेताओं ने अलग-अलग संदेशों के माध्यम से इस ऐतिहासिक पीड़ा को स्मरण किया।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा किए गए संदेश में 1947 के विभाजन को महज भौगोलिक सीमा-रेखा का निर्धारण नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा, "विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस पर मैं उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी में अपनी जान गंवाई।" उन्होंने उन लोगों को भी याद किया जिन्होंने राष्ट्र निर्माण की राह में अपनी मातृभूमि, परिजन और घर छोड़ने की पीड़ा झेली।

उपमुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अपने स्वतंत्र संदेश में विभाजन से प्रभावित हुए लोगों को नमन किया। उन्होंने कहा कि वे उन तमाम लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने विभाजन की विभीषिका और विस्थापन की पीड़ा सही। संघवी ने यह भी बताया कि गुजरात में 1,200 तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है और 70 लाख घरों में राष्ट्रध्वज फहराने के लक्ष्य के साथ हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की पृष्ठभूमि

यह स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को, स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पूर्व, मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में इसे राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की घोषणा की थी, ताकि विभाजन के दौरान संघर्ष और पीड़ा सहने वाले लोगों की स्मृति को जीवित रखा जा सके और सामाजिक सौहार्द को बल दिया जा सके।

1947 का विभाजन: एक ऐतिहासिक त्रासदी

आधुनिक भारत के इतिहास में 1947 का विभाजन सामूहिक विस्थापन की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक रहा है। उस दौरान करोड़ों लोग भारत और पाकिस्तान के बीच विस्थापित हुए, और यह सब व्यापक हिंसा तथा सांप्रदायिक तनाव के माहौल में हुआ। सरकार का मानना है कि इस दिन को मनाने से न केवल पीड़ितों का सम्मान होता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उस दर्द से परिचित कराने का अवसर भी मिलता है।

हर घर तिरंगा अभियान में गुजरात की भागीदारी

हर घर तिरंगा अभियान राष्ट्रीय स्तर पर 9 से 17 अगस्त के बीच मनाया जाता है। गुजरात इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर विभाजन से प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के शौर्य को याद किया। यह दिवस हर वर्ष राष्ट्रीय एकता और सामूहिक स्मृति का प्रतीक बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ विभाजन-काल के विस्थापितों की संख्या ऐतिहासिक रूप से उल्लेखनीय रही है, इस दिवस की प्रासंगिकता विशेष रूप से गहरी है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि स्मृति और श्रद्धांजलि के साथ-साथ विभाजन पीड़ितों के पुनर्वास और उनकी अनकही कहानियों के दस्तावेज़ीकरण पर ठोस नीतिगत ध्यान भी ज़रूरी है। केवल भाषणों और यात्राओं से आगे बढ़कर अभिलेखीय और शैक्षिक पहल इस दिवस को वास्तविक अर्थ दे सकती हैं।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस क्या है और यह कब मनाया जाता है?
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को मनाया जाता है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में घोषित किया था, ताकि 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन में जान गंवाने और विस्थापन सहने वाले लोगों की स्मृति को सम्मान दिया जा सके।
गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने इस दिवस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 1947 के विभाजन को भारतीय इतिहास का 'काला अध्याय' बताया और इसे केवल भौगोलिक सीमा-रेखा से परे, करोड़ों लोगों की अत्यधिक पीड़ा और विस्थापन की त्रासदी कहा। उन्होंने विभाजन में जान गंवाने वालों और मातृभूमि छोड़ने को मजबूर हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी।
गुजरात में हर घर तिरंगा अभियान के तहत क्या हो रहा है?
गुजरात में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत 1,200 तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है और 70 लाख घरों में राष्ट्रध्वज फहराने का लक्ष्य रखा गया है। यह राष्ट्रव्यापी अभियान 9 से 17 अगस्त तक चलता है।
1947 के विभाजन से कितने लोग प्रभावित हुए थे?
1947 का भारत-पाकिस्तान विभाजन आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े सामूहिक विस्थापनों में से एक था, जिसमें करोड़ों लोग दोनों देशों के बीच विस्थापित हुए। यह सब व्यापक हिंसा और सांप्रदायिक तनाव के बीच हुआ था।
डिप्टी CM हर्ष संघवी ने इस अवसर पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अपने स्वतंत्र संदेश में विभाजन से प्रभावित सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी और विभाजन की विभीषिका व विस्थापन की पीड़ा सहने वालों को नमन किया। उन्होंने राज्य में 1,200 तिरंगा यात्राओं और 70 लाख घरों में तिरंगा फहराने के अभियान की भी जानकारी दी।
राष्ट्र प्रेस
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