14 अगस्त 2026
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हार्वर्ड ने चीन के हितों को अमेरिकी सुरक्षा से ऊपर रखा — रिपब्लिकन जांच में 53 पन्नों का आरोप

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हार्वर्ड ने चीन के हितों को अमेरिकी सुरक्षा से ऊपर रखा — रिपब्लिकन जांच में 53 पन्नों का आरोप

सारांश

अमेरिका की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी पर सबसे गंभीर संसदीय आरोप — हार्वर्ड ने चीन की सेना से जुड़ी संस्थाओं के साथ शोध किया, प्रतिबंधित संगठन के सदस्यों को प्रोग्राम में जगह दी और विदेशी फंडिंग कानूनों से बचने के लिए सहयोगी संस्था बनाई। 53 पन्नों की रिपोर्ट अमेरिकी उच्च शिक्षा और चीन संबंधों पर बड़ा सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

हाउस सेलेक्ट कमेटी ऑन चाइना और हाउस एजुकेशन एंड वर्कफोर्स कमेटी ने 14 अगस्त 2026 को 53 पन्नों की संयुक्त जांच रिपोर्ट जारी की।
रिपोर्ट में आरोप है कि हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने चीन के रक्षा अनुसंधान से जुड़ी संस्थाओं के साथ रोबोटिक्स जैसे दोहरे उपयोग वाले क्षेत्रों में काम किया।
चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एक प्रोग्राम में कथित तौर पर अमेरिकी प्रतिबंधित संगठन शिनजियांग प्रोडक्शन एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्प्स के सदस्य शामिल हुए हो सकते हैं।
सहयोगी संस्था हार्वर्ड ग्लोबल पर आरोप है कि इसे विदेशी फंडिंग संबंधी संघीय कानूनों से बचने के लिए बनाया गया।
रिपोर्ट का मसौदा मिलने के बाद हार्वर्ड ने सहयोगी संस्था की वेबसाइट से जानकारी हटाई ।
रिपोर्ट में हार्वर्ड से रिसर्च सिक्योरिटी केंद्रीकृत करने और प्रतिबंधित संस्थाओं के साथ सहयोग पर रोक लगाने की सिफारिश की गई है।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा की बजाय चीन के साथ लाभकारी संबंधों को प्राथमिकता दी और बीजिंग की सेना तथा मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ी संस्थाओं के साथ शोध सहयोग बनाए रखा — यह आरोप 14 अगस्त 2026 को जारी एक रिपब्लिकन-नेतृत्व वाली कांग्रेसी जांच रिपोर्ट में लगाए गए हैं। हाउस सेलेक्ट कमेटी ऑन चाइना और हाउस एजुकेशन एंड वर्कफोर्स कमेटी द्वारा संयुक्त रूप से जारी 53 पन्नों की यह रिपोर्ट अमेरिका के किसी प्रमुख विश्वविद्यालय पर अब तक की सबसे विस्तृत संसदीय जांच में से एक मानी जा रही है।

रिपोर्ट की मुख्य बातें

रिपोर्ट का शीर्षक है — 'Compromised Independence: CCP's Influence at Harvard University'। कमेटियों ने हार्वर्ड और चीनी सरकार के हजारों पन्नों के दस्तावेजों की समीक्षा की, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से बातचीत की और कई गवाहों के बयान दर्ज किए।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि हार्वर्ड से जुड़े शोधकर्ताओं ने चीन के रक्षा अनुसंधान और औद्योगिक आधार से संबद्ध विश्वविद्यालयों के विद्वानों के साथ मिलकर काम किया। इनमें से कुछ शोध रोबोटिक्स जैसे 'दोहरे उपयोग' वाले क्षेत्रों से जुड़े थे, जो नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

शिनजियांग और प्रतिबंधित संस्था का मामला

रिपोर्ट में कहा गया है कि हार्वर्ड के चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने एक एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम आयोजित किया, जिसमें कथित तौर पर शिनजियांग प्रोडक्शन एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्प्स के सदस्य शामिल हुए हो सकते हैं। इस चीनी अर्धसैनिक संगठन पर अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने प्रतिबंध लगाए हुए हैं। हालांकि, रिपोर्ट स्वयं स्वीकार करती है कि प्रतिभागियों की पहचान के बारे में साक्ष्य 'स्पष्ट नहीं थे'। प्रोग्राम आयोजित करने वाली हार्वर्ड प्रोफेसर ने बताया कि उन्हें प्रतिभागियों की जांच-पड़ताल की किसी आवश्यकता के बारे में सूचित नहीं किया गया था।

हार्वर्ड ग्लोबल पर आरोप और वेबसाइट से डेटा हटाना

जांच में हार्वर्ड ग्लोबल नामक एक गैर-लाभकारी सहयोगी संस्था पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। कमेटियों का आरोप है कि इसे इस प्रकार संरचित किया गया था ताकि उन मामलों में फंडिंग प्राप्त की जा सके, जहां विश्वविद्यालय कानूनी या वित्तीय कारणों से किसी प्रायोजक की शर्तें स्वीकार करने में असमर्थ था। कमेटियों का कहना है कि रिपोर्ट का मसौदा मिलने के बाद हार्वर्ड ने इस सहयोगी संस्था की वेबसाइट से संबंधित जानकारी हटा दी।

हाउस एजुकेशन एंड वर्कफोर्स कमेटी के चेयरमैन टिम वालबर्ग ने कहा, 'हार्वर्ड ने विदेशी फंडिंग की जानकारी देने वाले संघीय कानूनों से बचने की साफ कोशिश में एक संस्था बनाई। यह स्वीकार्य नहीं है, खासकर तब जब हार्वर्ड का इन नियमों का पालन न करने का इतिहास रहा है।'

जांचकर्ताओं की प्रतिक्रिया

हाउस सेलेक्ट कमेटी ऑन चाइना के चेयरमैन जॉन मूलनार ने कहा, 'अमेरिकी लोग उम्मीद करते हैं कि हमारे देश की प्रमुख यूनिवर्सिटीज अमेरिकी रिसर्च और इनोवेशन की रक्षा करेंगी और कभी भी हमारे देश के दुश्मनों के हितों को आगे नहीं बढ़ाएंगी। अभी, हार्वर्ड इस उम्मीद पर खरा उतरने में नाकाम हो रहा है।' उन्होंने यह भी कहा, 'चीन-विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा होने देने से लेकर पीएलए से जुड़ी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने तक, हार्वर्ड ने गंभीर गलतियां की हैं।'

हार्वर्ड से सुधार की मांग और आगे की राह

रिपोर्ट में हार्वर्ड से कई ठोस कदम उठाने की सिफारिश की गई है — अपने रिसर्च सिक्योरिटी ऑपरेशन्स को केंद्रीकृत करना, जांच-पड़ताल प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव करना, राष्ट्रीय सुरक्षा और एक्सपोर्ट-कंट्रोल विशेषज्ञ अधिकारियों की नियुक्ति करना, और अमेरिका की प्रतिबंधित सूची में शामिल संस्थाओं के साथ सहयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना। कमेटियों द्वारा जारी दस्तावेजों में अंतिम रिपोर्ट पर हार्वर्ड की कोई नई सार्वजनिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं थी। गौरतलब है कि यह जांच ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी एवं शैक्षणिक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और संदेह दोनों चरम पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए इसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता — लेकिन इसके आरोप केवल राजनीतिक नहीं हैं। हार्वर्ड ग्लोबल के जरिए फंडिंग को 'रूट' करने और वेबसाइट से डेटा हटाने के आरोप, यदि सत्य हैं, तो संस्थागत पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। असली चिंता यह है कि अमेरिका के शीर्ष विश्वविद्यालयों में शोध सुरक्षा के लिए कोई एकसमान संघीय ढांचा नहीं है — और हार्वर्ड इस कमज़ोरी का सबसे प्रमुख उदाहरण बन गया है। जब तक विश्वविद्यालय स्वयं सत्यापन-योग्य जवाबदेही तंत्र नहीं अपनाते, ऐसी जांचें राजनीतिक हथियार बनती रहेंगी — चाहे उनमें तथ्य हों या न हों।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर रिपब्लिकन जांच में क्या आरोप लगाए गए हैं?
रिपब्लिकन-नेतृत्व वाली दो कांग्रेसी कमेटियों की 53 पन्नों की रिपोर्ट में आरोप है कि हार्वर्ड ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा की बजाय चीन के साथ लाभकारी संबंधों को प्राथमिकता दी और चीनी सेना से जुड़ी संस्थाओं के साथ शोध सहयोग बनाए रखा। रिपोर्ट में विदेशी फंडिंग कानूनों से बचने और प्रतिबंधित संगठनों के संभावित संपर्क के भी आरोप हैं।
शिनजियांग प्रोडक्शन एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्प्स से हार्वर्ड का क्या संबंध बताया गया है?
रिपोर्ट में कहा गया है कि हार्वर्ड के चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एक एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम में शिनजियांग प्रोडक्शन एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्प्स के सदस्य कथित तौर पर शामिल हुए हो सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट स्वयं मानती है कि इस बारे में साक्ष्य स्पष्ट नहीं थे और प्रोग्राम आयोजित करने वाली प्रोफेसर को प्रतिभागियों की जांच की कोई आवश्यकता नहीं बताई गई थी।
हार्वर्ड ग्लोबल संस्था पर क्या आरोप है?
कमेटियों का आरोप है कि हार्वर्ड ग्लोबल नामक गैर-लाभकारी सहयोगी संस्था को इस प्रकार बनाया गया था ताकि उन मामलों में विदेशी फंडिंग प्राप्त की जा सके, जहां विश्वविद्यालय स्वयं कानूनी या वित्तीय कारणों से प्रायोजक की शर्तें नहीं मान सकता था। रिपोर्ट का मसौदा मिलने के बाद हार्वर्ड ने इस संस्था की वेबसाइट से संबंधित जानकारी हटा दी।
रिपोर्ट में हार्वर्ड से क्या सुधार करने को कहा गया है?
रिपोर्ट में हार्वर्ड से रिसर्च सिक्योरिटी ऑपरेशन्स केंद्रीकृत करने, जांच-पड़ताल प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव करने, राष्ट्रीय सुरक्षा और एक्सपोर्ट-कंट्रोल विशेषज्ञ नियुक्त करने और अमेरिकी प्रतिबंधित सूची में शामिल संस्थाओं के साथ सहयोग पर पूर्ण रोक लगाने की सिफारिश की गई है।
इस जांच रिपोर्ट पर हार्वर्ड की क्या प्रतिक्रिया रही?
कमेटियों द्वारा जारी दस्तावेजों में अंतिम रिपोर्ट पर हार्वर्ड की कोई नई सार्वजनिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं थी। विश्वविद्यालय ने रिपोर्ट के मसौदे के बाद अपनी सहयोगी संस्था की वेबसाइट से जानकारी हटाई, जिसे कमेटियों ने उल्लेखनीय रूप से रेखांकित किया।
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