25 जुलाई 2026
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चीनी रोबोट पर अमेरिकी प्रतिबंध की तैयारी: 'गार्ड एक्ट' से रोकी जाएगी जासूसी, सांसदों ने जताई गहरी चिंता

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चीनी रोबोट पर अमेरिकी प्रतिबंध की तैयारी: 'गार्ड एक्ट' से रोकी जाएगी जासूसी, सांसदों ने जताई गहरी चिंता

सारांश

अमेरिकी सांसदों ने 'गार्ड एक्ट' पेश कर चीनी रोबोट को महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे से दूर रखने की कोशिश की है — क्योंकि चीन पहले ही वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबोट आपूर्ति के 90% पर कब्ज़ा कर चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वही रणनीति है जो ड्रोन क्षेत्र में अपनाई गई थी।

मुख्य बातें

अमेरिकी सांसदों ने 25 जुलाई 2026 को 'गार्ड एक्ट' को संसदीय समिति में आगे बढ़ाया, जिसका लक्ष्य चीनी ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट को अमेरिकी बुनियादी ढाँचे से बाहर रखना है।
चीनी कंपनियाँ कथित तौर पर वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबोट आपूर्ति के लगभग 90 प्रतिशत पर पहले ही कब्ज़ा कर चुकी हैं।
माइकल रॉबिन्स ने चेताया कि चीनी रोबोट फैक्ट्री, हॉस्पिटल, पावर प्लांट और मिलिट्री बेस में 'ट्रोजन हॉर्स' की तरह काम कर सकते हैं।
पूर्व व्हाइट हाउस सलाहकार लिंडसे गोरमन ने कहा कि एआई साइबर हमलों का दायरा बढ़ा रहा है और हमलावरों के पक्ष में संतुलन बदल रहा है।
अमेरिका ने जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, इज़राइल, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय साझेदारों के साथ मिलकर भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने पर ज़ोर दिया।
विशेषज्ञों ने चेताया कि देरी से चीनी तकनीक पर निर्भरता बढ़ेगी और भविष्य में प्रतिबंध लगाना और मुश्किल हो जाएगा।

अमेरिकी संसद में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के सांसदों ने 25 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण विधेयक — 'गार्ड एक्ट' — को आगे बढ़ाया, जिसका लक्ष्य चीन में निर्मित ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट को अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे से बाहर रखना है। सांसदों ने चेतावनी दी कि बीजिंग रोबोटिक्स क्षेत्र में वही औद्योगिक रणनीति दोहरा रहा है, जिससे उसने वैश्विक ड्रोन बाज़ार पर कब्ज़ा किया था।

मुख्य घटनाक्रम

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी की कम्युनिकेशंस एंड टेक्नोलॉजी सब-कमेटी में इस विधेयक पर सुनवाई हुई। इस दौरान संचार सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ब्रॉडबैंड विस्तार और अवैध रोबोकॉल से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।

समिति के अध्यक्ष ब्रेट गुथरी ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस पहले ही चीनी दूरसंचार उपकरणों और ड्रोन के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। उन्होंने कहा, 'हम चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों से पैदा होने वाले खतरों के प्रति लगातार सतर्क हैं और अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा तथा नागरिकों के डेटा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि हाल की रिपोर्टों में चीन से जुड़े एक कथित षड्यंत्र के तहत अमेरिकी संचार नेटवर्क को ठप करने की योजना का दावा किया गया है, जो यह साबित करता है कि ऐसे खतरे अब भी बने हुए हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

एसोसिएशन फॉर अनक्रूड व्हीकल सिस्टम्स इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं सीईओ माइकल रॉबिन्स ने संसदीय पैनल के सामने गवाही दी कि चीनी कंपनियाँ पहले ही दुनिया में होने वाली ह्यूमनॉइड रोबोट की लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति पर कब्ज़ा कर चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'ड्रोन क्षेत्र में चीन ने जिस रणनीति का इस्तेमाल किया था, अब वही तरीका रोबोटिक्स में अपनाया जा रहा है। ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट का बाज़ार अभी शुरुआती दौर में है।'

रॉबिन्स ने यह भी चेताया कि अमेरिकी शोध संस्थान सरकारी सब्सिडी के कारण अत्यंत कम कीमत पर उपलब्ध चीनी रोबोटिक सिस्टम की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'एक छेड़छाड़ किया गया लैपटॉप डेटा लीक कर सकता है। एक कॉम्प्रोमाइज्ड रोबोट डेटा लीक कर सकता है और किसी फैक्ट्री, हॉस्पिटल, पावर प्लांट या मिलिट्री बेस के अंदर घूम सकता है, निगरानी कर सकता है और फिजिकली काम कर सकता है — इसलिए ऐसा हर सिस्टम अमेरिकी धरती पर एक ट्रोजन हॉर्स है।'

रॉबिन्स ने गवाही दी कि कनेक्टेड सिस्टम के बारे में यह ज्ञात है कि वे डेटा सीधे पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) को भेजते हैं और ये रोबोट सेंसर के ज़रिये मैपिंग, निगरानी और ऑडियो एकत्र कर रहे हैं।

एआई और साइबर सुरक्षा का बदलता परिदृश्य

व्हाइट हाउस की पूर्व टेक्नोलॉजी सलाहकार लिंडसे गोरमन ने चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने साइबर सुरक्षा के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा, 'एआई साइबर अटैक के दायरे को बहुत ज़्यादा बढ़ा रहा है और हमलावर के पक्ष में अटैक-डिफेंस का संतुलन बदलने का खतरा है।'

गोरमन ने सुझाव दिया कि अमेरिका को चीनी मॉडलों के मुकाबले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम लागत वाले एआई विकल्प विकसित करने चाहिए और अपने सहयोगियों के साथ भरोसेमंद सप्लाई चेन मज़बूत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अमेरिका को निर्यात के लिए कम लागत वाले विकल्प और देश में एक सक्रिय ओपन-सोर्स एआई इकोसिस्टम की ज़रूरत है।' उन्होंने यह भी आगाह किया कि चीनी कंपनियाँ सस्ते एआई मॉडल को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दे रही हैं और कई देश लागत के फायदे के कारण उन्हें अपना सकते हैं।

गठबंधन और आगे की रणनीति

रॉबिन्स ने ज़ोर दिया कि अमेरिका को भरोसेमंद साझेदारों के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, इज़राइल, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय साझेदारों को प्रमुख सहयोगी बताया। उनका तर्क था, 'जब हम चीन के तानाशाही पैमाने का सामना करने के लिए मिलकर काम करते हैं, तो हम उससे कहीं ज़्यादा मज़बूत होते हैं, बजाय इसके कि कोई एक लोकतांत्रिक देश अकेले यह मुकाबला करे।'

रॉबिन्स ने यह भी कहा कि कार्रवाई में देरी से चीनी तकनीक पर निर्भरता बढ़ेगी और भविष्य में प्रतिबंध लगाना और महँगा हो जाएगा। गौरतलब है कि यह सुनवाई ऐसे समय में हुई है जब रोबोटिक्स का वैश्विक बाज़ार तेज़ी से विस्तार कर रहा है और चीनी कंपनियाँ इस क्षेत्र में आक्रामक रूप से निवेश कर रही हैं।

सुनवाई में रोबोटिक्स के अलावा एआई के ज़रिये संचार नेटवर्क को मज़बूत करने, फेडरल ब्रॉडबैंड समन्वय बेहतर बनाने और विदेशों से संचालित आपराधिक नेटवर्क द्वारा की जा रही गैर-कानूनी रोबोकॉल से निपटने के प्रस्तावों पर भी विचार हुआ। आने वाले हफ्तों में 'गार्ड एक्ट' पर पूर्ण सदन में मतदान की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर देर से प्रतिक्रिया। सवाल यह है कि जब चीनी कंपनियाँ पहले ही 90% वैश्विक आपूर्ति पर काबिज़ हैं और अमेरिकी शोध संस्थान सस्ते चीनी सिस्टम की ओर खिंच रहे हैं, तो क्या यह विधेयक वास्तविक तकनीकी विकल्प खड़ा कर पाएगा या केवल आयात रोकने तक सीमित रहेगा? असली चुनौती प्रतिबंध नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धी अमेरिकी रोबोटिक्स उद्योग खड़ा करना है — जो अभी तक नीतिगत एजेंडे में दूसरे दर्जे पर है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'गार्ड एक्ट' क्या है और यह चीनी रोबोट पर कैसे लागू होगा?
'गार्ड एक्ट' अमेरिकी संसद में प्रस्तावित एक विधेयक है जो चीन में निर्मित ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट को अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे — जैसे पावर प्लांट, अस्पताल और सैन्य अड्डों — में इस्तेमाल होने से रोकेगा। यह विधेयक उसी तर्ज पर है जिस पर पहले चीनी दूरसंचार उपकरणों और ड्रोन पर प्रतिबंध लगाया गया था।
चीनी रोबोट से जासूसी का खतरा क्यों माना जा रहा है?
विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरनेट से जुड़े चीनी रोबोट सेंसर के ज़रिये मैपिंग, निगरानी और ऑडियो डेटा एकत्र कर सकते हैं और इसे सीधे चीन भेज सकते हैं। इसके अलावा, सॉफ्टवेयर अपडेट या रिमोट एक्सेस से इन रोबोट को उन संवेदनशील स्थानों को नुकसान पहुँचाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है जहाँ वे तैनात हैं।
वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबोट बाज़ार में चीन की स्थिति क्या है?
माइकल रॉबिन्स की गवाही के अनुसार, चीनी कंपनियाँ पहले ही दुनिया में होने वाली ह्यूमनॉइड रोबोट की लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति पर कब्ज़ा कर चुकी हैं। सरकारी सब्सिडी के कारण ये रोबोट बेहद कम कीमत पर उपलब्ध हैं, जिससे अमेरिकी शोध संस्थान भी इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं।
एआई ने साइबर सुरक्षा खतरों को कैसे बदला है?
व्हाइट हाउस की पूर्व टेक्नोलॉजी सलाहकार लिंडसे गोरमन के अनुसार, एआई ने साइबर हमलों के दायरे को बहुत बढ़ा दिया है और हमलावरों के पक्ष में अटैक-डिफेंस का संतुलन बदलने का खतरा है। उन्होंने कहा कि चीनी कंपनियाँ दुनिया भर में सस्ते एआई मॉडल को बढ़ावा दे रही हैं, जिन्हें कई देश लागत के फायदे के लिए अपना सकते हैं।
अमेरिका इस खतरे से निपटने के लिए किन देशों के साथ काम करेगा?
माइकल रॉबिन्स ने जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, इज़राइल, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय साझेदारों को प्रमुख सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश मिलकर काम करें तो चीन के तानाशाही पैमाने का बेहतर मुकाबला किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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