चीनी रोबोट पर अमेरिकी प्रतिबंध की तैयारी: 'गार्ड एक्ट' से रोकी जाएगी जासूसी, सांसदों ने जताई गहरी चिंता
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी संसद में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के सांसदों ने 25 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण विधेयक — 'गार्ड एक्ट' — को आगे बढ़ाया, जिसका लक्ष्य चीन में निर्मित ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट को अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे से बाहर रखना है। सांसदों ने चेतावनी दी कि बीजिंग रोबोटिक्स क्षेत्र में वही औद्योगिक रणनीति दोहरा रहा है, जिससे उसने वैश्विक ड्रोन बाज़ार पर कब्ज़ा किया था।
मुख्य घटनाक्रम
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी की कम्युनिकेशंस एंड टेक्नोलॉजी सब-कमेटी में इस विधेयक पर सुनवाई हुई। इस दौरान संचार सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ब्रॉडबैंड विस्तार और अवैध रोबोकॉल से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
समिति के अध्यक्ष ब्रेट गुथरी ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस पहले ही चीनी दूरसंचार उपकरणों और ड्रोन के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। उन्होंने कहा, 'हम चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों से पैदा होने वाले खतरों के प्रति लगातार सतर्क हैं और अमेरिका के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा तथा नागरिकों के डेटा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि हाल की रिपोर्टों में चीन से जुड़े एक कथित षड्यंत्र के तहत अमेरिकी संचार नेटवर्क को ठप करने की योजना का दावा किया गया है, जो यह साबित करता है कि ऐसे खतरे अब भी बने हुए हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
एसोसिएशन फॉर अनक्रूड व्हीकल सिस्टम्स इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं सीईओ माइकल रॉबिन्स ने संसदीय पैनल के सामने गवाही दी कि चीनी कंपनियाँ पहले ही दुनिया में होने वाली ह्यूमनॉइड रोबोट की लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति पर कब्ज़ा कर चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'ड्रोन क्षेत्र में चीन ने जिस रणनीति का इस्तेमाल किया था, अब वही तरीका रोबोटिक्स में अपनाया जा रहा है। ह्यूमनॉइड और चार पैरों वाले रोबोट का बाज़ार अभी शुरुआती दौर में है।'
रॉबिन्स ने यह भी चेताया कि अमेरिकी शोध संस्थान सरकारी सब्सिडी के कारण अत्यंत कम कीमत पर उपलब्ध चीनी रोबोटिक सिस्टम की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'एक छेड़छाड़ किया गया लैपटॉप डेटा लीक कर सकता है। एक कॉम्प्रोमाइज्ड रोबोट डेटा लीक कर सकता है और किसी फैक्ट्री, हॉस्पिटल, पावर प्लांट या मिलिट्री बेस के अंदर घूम सकता है, निगरानी कर सकता है और फिजिकली काम कर सकता है — इसलिए ऐसा हर सिस्टम अमेरिकी धरती पर एक ट्रोजन हॉर्स है।'
रॉबिन्स ने गवाही दी कि कनेक्टेड सिस्टम के बारे में यह ज्ञात है कि वे डेटा सीधे पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) को भेजते हैं और ये रोबोट सेंसर के ज़रिये मैपिंग, निगरानी और ऑडियो एकत्र कर रहे हैं।
एआई और साइबर सुरक्षा का बदलता परिदृश्य
व्हाइट हाउस की पूर्व टेक्नोलॉजी सलाहकार लिंडसे गोरमन ने चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने साइबर सुरक्षा के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा, 'एआई साइबर अटैक के दायरे को बहुत ज़्यादा बढ़ा रहा है और हमलावर के पक्ष में अटैक-डिफेंस का संतुलन बदलने का खतरा है।'
गोरमन ने सुझाव दिया कि अमेरिका को चीनी मॉडलों के मुकाबले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम लागत वाले एआई विकल्प विकसित करने चाहिए और अपने सहयोगियों के साथ भरोसेमंद सप्लाई चेन मज़बूत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अमेरिका को निर्यात के लिए कम लागत वाले विकल्प और देश में एक सक्रिय ओपन-सोर्स एआई इकोसिस्टम की ज़रूरत है।' उन्होंने यह भी आगाह किया कि चीनी कंपनियाँ सस्ते एआई मॉडल को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दे रही हैं और कई देश लागत के फायदे के कारण उन्हें अपना सकते हैं।
गठबंधन और आगे की रणनीति
रॉबिन्स ने ज़ोर दिया कि अमेरिका को भरोसेमंद साझेदारों के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, इज़राइल, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय साझेदारों को प्रमुख सहयोगी बताया। उनका तर्क था, 'जब हम चीन के तानाशाही पैमाने का सामना करने के लिए मिलकर काम करते हैं, तो हम उससे कहीं ज़्यादा मज़बूत होते हैं, बजाय इसके कि कोई एक लोकतांत्रिक देश अकेले यह मुकाबला करे।'
रॉबिन्स ने यह भी कहा कि कार्रवाई में देरी से चीनी तकनीक पर निर्भरता बढ़ेगी और भविष्य में प्रतिबंध लगाना और महँगा हो जाएगा। गौरतलब है कि यह सुनवाई ऐसे समय में हुई है जब रोबोटिक्स का वैश्विक बाज़ार तेज़ी से विस्तार कर रहा है और चीनी कंपनियाँ इस क्षेत्र में आक्रामक रूप से निवेश कर रही हैं।
सुनवाई में रोबोटिक्स के अलावा एआई के ज़रिये संचार नेटवर्क को मज़बूत करने, फेडरल ब्रॉडबैंड समन्वय बेहतर बनाने और विदेशों से संचालित आपराधिक नेटवर्क द्वारा की जा रही गैर-कानूनी रोबोकॉल से निपटने के प्रस्तावों पर भी विचार हुआ। आने वाले हफ्तों में 'गार्ड एक्ट' पर पूर्ण सदन में मतदान की संभावना है।