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अमेरिकी संसद में 'फेडरल बायोटेक वर्कफोर्स असेसमेंट एक्ट' पेश, चीन से तकनीकी प्रतिस्पर्धा में बढ़त का लक्ष्य

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अमेरिकी संसद में 'फेडरल बायोटेक वर्कफोर्स असेसमेंट एक्ट' पेश, चीन से तकनीकी प्रतिस्पर्धा में बढ़त का लक्ष्य

सारांश

अमेरिकी कांग्रेस में पेश 'फेडरल बायोटेक वर्कफोर्स असेसमेंट एक्ट' महज एक नीतिगत दस्तावेज़ नहीं — यह चीन के साथ बायोटेक वर्चस्व की लड़ाई में अमेरिका की तैयारी का पहला ठोस कदम है। NSCEB की चेतावनी के बाद अब द्विदलीय सहमति से यह माना जा रहा है कि बिना प्रशिक्षित कार्यबल के, अरबों डॉलर का निवेश भी बेकार साबित हो सकता है।

मुख्य बातें

सांसद रो खन्ना (डेमोक्रेट) और रिच मैककॉर्मिक (रिपब्लिकन) ने 22 मई 2025 को 'फेडरल बायोटेक्नोलॉजी वर्कफोर्स असेसमेंट एक्ट' पेश किया।
विधेयक का लक्ष्य संघीय सरकार में बायो-लिटरेट कर्मचारियों की वर्तमान और भविष्य की ज़रूरत का आकलन करना है।
ऑफिस ऑफ पर्सनेल मैनेजमेंट को अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर रिपोर्ट तैयार कर अमेरिकी कांग्रेस को सौंपनी होगी।
यह विधेयक अप्रैल 2025 में NSCEB की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें प्रशिक्षित बायोटेक कार्यबल को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया गया था।
NSCEB कमिश्नर पॉल अर्कांगेली ने इसे 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण संपत्ति' करार दिया।
यह विधेयक मैककॉर्मिक के 'बायोटेक्नोलॉजी वर्कफोर्स अलाइनमेंट एक्ट' के साथ मिलकर एक बड़े नीतिगत पैकेज का हिस्सा है।

अमेरिकी संसद में 22 मई 2025 को एक द्विदलीय विधेयक पेश किया गया, जिसका नाम है 'फेडरल बायोटेक्नोलॉजी वर्कफोर्स असेसमेंट एक्ट'। इस विधेयक का उद्देश्य यह आकलन करना है कि अमेरिकी संघीय सरकार के पास बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त और प्रशिक्षित कार्यबल है या नहीं। यह पहल ऐसे समय में आई है जब वाशिंगटन में चीन के साथ बायोटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में पिछड़ने की चिंता गहराती जा रही है।

विधेयक किसने और क्यों पेश किया

भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना और रिपब्लिकन सांसद रिच मैककॉर्मिक ने मिलकर यह विधेयक पेश किया। दोनों सांसदों ने इसे आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से अहम बताया। रो खन्ना ने कहा कि 'अमेरिका की बायोटेक वर्कफोर्स में निवेश करने से देश को आर्थिक और वैज्ञानिक नेतृत्व हासिल करने में मदद मिलेगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विधेयक का लक्ष्य अमेरिका को बायोटेक्नोलॉजी में — चाहे वह खोज हो, नवाचार हो या उद्यमिता — चीन से आगे बनाए रखना है।

मैककॉर्मिक ने कहा कि सरकार बायोटेक रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग में बड़े निवेश कर रही है, लेकिन 'सही टैलेंट और लोगों की कमी के कारण पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा।' उनके अनुसार यह कानून उस कमी की स्पष्ट पहचान करेगा ताकि अमेरिका वैश्विक नेतृत्व बनाए रख सके।

विधेयक में क्या है

इस कानून के तहत ऑफिस ऑफ पर्सनेल मैनेजमेंट और बजट विभाग को अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर 'बायो-लिटरेट' कर्मचारियों की परिभाषा तय करनी होगी — यानी वे लोग जो बायोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी की समझ रखते हों। साथ ही, यह भी निर्धारित करना होगा कि वर्तमान और भविष्य में ऐसे कितने कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।

इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अमेरिकी कांग्रेस को सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी भर्ती एवं प्रशिक्षण नीतियाँ बनाई जाएंगी।

एनएससीईबी रिपोर्ट की पृष्ठभूमि

सांसदों ने बताया कि यह विधेयक अप्रैल 2025 में नेशनल सिक्योरिटी कमीशन ऑन इमर्जिंग बायोटेक्नोलॉजी (NSCEB) की रिपोर्ट के बाद तैयार किया गया है। उस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि उभरती तकनीकों में अग्रणी बने रहने के लिए अमेरिकी सरकार को एक सुप्रशिक्षित बायोटेक कार्यबल की सख्त ज़रूरत है।

NSCEB के कमिश्नर पॉल अर्कांगेली ने इस विधेयक को 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति' करार दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि इस क्षेत्र का कार्यबल केवल लाइफ साइंटिस्ट तक सीमित नहीं है — इसमें इंडस्ट्रियल टेक्नीशियन, मैकेनिक, पाइपफिटर और अन्य कुशल कामगार भी शामिल हैं, जो भविष्य की बायोटेक इंडस्ट्री की रीढ़ बनेंगे।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

यह विधेयक मैककॉर्मिक के 'बायोटेक्नोलॉजी वर्कफोर्स अलाइनमेंट एक्ट' के साथ मिलकर एक बड़े नीतिगत पैकेज का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कार्यबल की कमियों की पहचान कर सरकारी अनुसंधान प्राथमिकताओं को उद्योग की ज़रूरतों से जोड़ना है। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है और दोनों देश बायोटेक, एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग में वर्चस्व के लिए होड़ में हैं। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो इसके परिणामस्वरूप बनने वाली नीतियाँ अमेरिकी बायोटेक क्षेत्र की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उसे अब एहसास हो रहा है कि बिना योग्य कार्यबल के यह निवेश अधूरा है। NSCEB की रिपोर्ट के बाद भी महीनों तक कोई ठोस कदम न उठाना यह दर्शाता है कि वाशिंगटन में नीति और क्रियान्वयन के बीच की खाई गहरी है। द्विदलीय समर्थन उत्साहजनक है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब रिपोर्ट की सिफारिशें बजट और भर्ती नीतियों में तब्दील होंगी — और यह प्रक्रिया अमेरिकी नौकरशाही में वर्षों ले सकती है, जबकि चीन की बायोटेक क्षमता हर तिमाही बढ़ रही है।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'फेडरल बायोटेक्नोलॉजी वर्कफोर्स असेसमेंट एक्ट' क्या है?
यह अमेरिकी संसद में 22 मई 2025 को पेश किया गया एक द्विदलीय विधेयक है, जो यह आकलन करेगा कि संघीय सरकार के पास बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त और प्रशिक्षित कार्यबल है या नहीं। इसके तहत ऑफिस ऑफ पर्सनेल मैनेजमेंट को एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस को सौंपनी होगी।
यह विधेयक किसने पेश किया और इसका उद्देश्य क्या है?
यह विधेयक भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना और रिपब्लिकन सांसद रिच मैककॉर्मिक ने संयुक्त रूप से पेश किया। इसका मुख्य उद्देश्य बायोटेक्नोलॉजी, एआई और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में चीन से आगे रहने के लिए अमेरिकी कार्यबल की कमियों की पहचान करना और भर्ती व प्रशिक्षण नीतियाँ बनाने का आधार तैयार करना है।
NSCEB रिपोर्ट और इस विधेयक का क्या संबंध है?
अप्रैल 2025 में नेशनल सिक्योरिटी कमीशन ऑन इमर्जिंग बायोटेक्नोलॉजी (NSCEB) ने एक रिपोर्ट में चेतावनी दी थी कि उभरती तकनीकों में अग्रणी बने रहने के लिए सुप्रशिक्षित बायोटेक कार्यबल अनिवार्य है। यह विधेयक उसी रिपोर्ट की सिफारिशों के जवाब में तैयार किया गया है।
बायोटेक वर्कफोर्स में केवल वैज्ञानिक ही शामिल हैं या अन्य लोग भी?
NSCEB कमिश्नर पॉल अर्कांगेली के अनुसार, बायोटेक वर्कफोर्स में केवल लाइफ साइंटिस्ट नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल टेक्नीशियन, मैकेनिक, पाइपफिटर और अन्य कुशल कामगार भी शामिल हैं। ये सभी भविष्य की बायोटेक इंडस्ट्री को चलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस विधेयक का अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा से क्या संबंध है?
वाशिंगटन में यह चिंता बढ़ रही है कि अमेरिका बायोटेक, एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे अहम क्षेत्रों में चीन से पीछे न रह जाए। यह विधेयक उसी रणनीतिक चिंता का जवाब है — सरकारी निवेश को सही कार्यबल से जोड़कर तकनीकी बढ़त बनाए रखना।
राष्ट्र प्रेस
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