असम पुलिस ने श्री भूमि में ₹3 करोड़ की 30,000 याबा गोलियाँ जब्त कीं, तीन तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम पुलिस ने 10 जुलाई 2026 को श्री भूमि जिले में विशेष अभियान के दौरान 30,000 याबा टैबलेट बरामद कीं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹3 करोड़ बताई जा रही है। इस कार्रवाई में तस्करी में संलिप्त तीन आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, श्री भूमि जिले में चलाए गए लक्षित अभियान के दौरान याबा टैबलेट की यह खेप पकड़ी गई। तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खेप किस स्रोत से आई थी तथा इसके पीछे कौन-सा बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर असम पुलिस की सराहना करते हुए लिखा, 'हर खेप की एक मंजिल होती है, लेकिन इस खेप की मंजिल पुलिस स्टेशन बनी।' उन्होंने श्री भूमि पुलिस को इस सफल बरामदगी और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बधाई दी तथा स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का नशे के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।
बराक घाटी और तस्करी का रूट
पुलिस के मुताबिक, दक्षिण असम का बराक घाटी क्षेत्र लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए उपयोग में लाया जाता रहा है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि यह इलाका मणिपुर और मिजोरम की सीमाओं से सटा हुआ है। तस्कर इन राज्यों से मादक पदार्थों की बड़ी खेप बराक घाटी के रास्ते अन्य क्षेत्रों तक पहुँचाते हैं।
याबा क्या है
याबा, जिसे 'क्रेजी ड्रग' के नाम से भी जाना जाता है, मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण है। यह नशीला पदार्थ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार बड़े पैमाने पर तस्करी किया जाता है और पूर्वोत्तर भारत में इसके प्रसार को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।
असम का नशा-विरोधी अभियान
पूर्वोत्तर में रणनीतिक स्थिति के कारण असम को ड्रग तस्कर लंबे समय से ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करते रहे हैं। 2021 में हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद नशे के विरुद्ध अभियान और तेज हुआ है — छापेमारी, जब्त नशीले पदार्थों को नष्ट करना और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ना इसके प्रमुख हिस्से रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि संवेदनशील जिलों में ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। हालिया बरामदगी पिछले कुछ महीनों में असम में हुई बड़ी ड्रग जब्ती की घटनाओं में एक और महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।