असम में विकास और सुशासन पर भाजपा सरकार का फोकस: केंद्रीय मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने रविवार, 24 मई को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार का संपूर्ण ध्यान विकास और सुशासन पर टिका है, और विपक्ष की राजनीतिक बयानबाज़ी उन्हें विचलित नहीं करती। उन्होंने कहा कि यही रुख विधानसभा चुनावों से पहले भी था और आगे भी रहेगा।
गठबंधन की मज़बूत स्थिति
मार्गेरिटा ने बताया कि सत्तारूढ़ गठबंधन को इस समय असम विधानसभा में 100 से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों के विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की प्रगति और कल्याण के लिए नए विचारों और पहलों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री सरमा के नेतृत्व में विकास की प्रतिबद्धता
केंद्रीय मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को और तेज़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'हमारा पूरा ध्यान बुनियादी ढाँचे के विकास, शिक्षा, भाषा, संस्कृति और असम की समग्र प्रगति जैसे मुद्दों पर है।' सरकार इस बात पर विचार-विमर्श कर रही है कि विकास कार्यों को और किस प्रकार गति दी जा सकती है।
कांग्रेस पर आरोप
विपक्ष पर टिप्पणी करते हुए मार्गेरिटा ने दावा किया कि हाल के विधानसभा चुनावों में करारी हार के बावजूद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) अपनी राजनीतिक दिशा और चुनावी रणनीति को लेकर असमंजस में है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को भय है कि उसकी पहचान एक बार फिर किसी विशेष अल्पसंख्यक समुदाय पर केंद्रित 'तुष्टीकरण की राजनीति' से जोड़ी जाएगी। मार्गेरिटा के अनुसार, विपक्षी नेताओं के अलग छवि पेश करने के प्रयास से जनता की धारणा में कोई बदलाव नहीं आएगा।
प्रगतिशील असम का लक्ष्य
मार्गेरिटा ने कहा कि BJP और उसके सहयोगी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और राज्य की जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप एक 'प्रगतिशील असम' के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'असम की जनता एक प्रगतिशील और विकासोन्मुखी सरकार चाहती है, और हम ठीक उसी दिशा में काम कर रहे हैं।' आने वाले समय में सरकार के विकास एजेंडे की असली परीक्षा ज़मीनी नतीजों से होगी।