असम बजट 2026-27: ₹72,000 करोड़ ऊर्जा निवेश, 2 लाख सरकारी नौकरियाँ और डिब्रूगढ़ को दूसरी राजधानी बनाने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने 10 जुलाई 2026 को गुवाहाटी में राज्य विधानसभा के पटल पर वर्ष 2026-27 का राज्य बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में रोजगार सृजन, बुनियादी ढाँचे के विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखते हुए 10 प्रमुख पहलों की रूपरेखा पेश की गई। वित्त मंत्री ने इसे 'रोजगार-आधारित विकास और दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति' का बजट बताया।
रोजगार और सामाजिक सुरक्षा
बजट में सरकार ने 2 लाख सरकारी नौकरियाँ देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि राज्य की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ — 'अरुणोदय' और 'निजुत मोइना' — बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी। युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों की भी घोषणा की गई है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और अंग्रेजी, जापानी तथा कोरियाई जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ऊर्जा और कृषि में बड़े निवेश
ऊर्जा क्षेत्र के लिए बजट में ₹72,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री के अनुसार यह राशि तापीय, जलविद्युत, सौर ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर व्यय की जाएगी। कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए ब्रह्मपुत्र घाटी में सिंचाई परियोजनाओं हेतु ₹4,000 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसका उद्देश्य सिंचाई का दायरा विस्तृत करना और कृषि उत्पादकता में सुधार लाना है।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने 33,000 स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती करने की घोषणा की है। इससे जिला अस्पतालों की क्षमता में वृद्धि होगी और राज्यभर में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी। शिक्षा के मोर्चे पर विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और नए शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। इसके अतिरिक्त, चाय बागान श्रमिकों और चाय जनजातियों के लिए स्वास्थ्य, पोषण और जीवन स्तर सुधार से जुड़ी कल्याणकारी योजनाएँ भी जारी रहेंगी।
बुनियादी ढाँचा और विमानन
विमानन क्षेत्र को नई ऊँचाई देने के लिए गुवाहाटी हवाई अड्डे को 8 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाले एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे पूर्वोत्तर में इसे एक प्रमुख एविएशन हब बनाया जा सके। सड़क, पुल, रेलवे और हवाई संपर्क परियोजनाओं में भी तेजी लाने का प्रस्ताव है। बजट का एक उल्लेखनीय ऐलान यह है कि डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे ऊपरी असम में प्रशासनिक पहुँच बेहतर होगी और क्षेत्रीय संतुलित विकास को बल मिलेगा।
वित्त मंत्री का संदेश और आगे की राह
वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह बजट रोजगार-आधारित विकास, सुदृढ़ बुनियादी ढाँचे और दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति पर केंद्रित है। गौरतलब है कि यह बजट ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में विकास की गति को और तेज करने के लिए केंद्र सरकार भी विशेष ध्यान दे रही है। अब सभी की निगाहें इन घोषणाओं के क्रियान्वयन और आवंटित राशि के वास्तविक उपयोग पर टिकी रहेंगी।