क्या डिब्रूगढ़ असम का दूसरा विधायी परिसर बनने जा रहा है? : सीएम सरमा

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क्या डिब्रूगढ़ असम का दूसरा विधायी परिसर बनने जा रहा है? : सीएम सरमा

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने डिब्रूगढ़ में दूसरे विधायी परिसर की आधारशिला रखने की घोषणा की। यह परियोजना शासन को मजबूत करने और क्षेत्र के विकास में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जानिए इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में और क्या प्रभाव पड़ने वाला है।

Key Takeaways

  • डिब्रूगढ़ में दूसरे विधायी परिसर की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है।
  • यह शासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसका शुभारंभ करेंगे।
  • यह परियोजना ऊपरी असम के विकास में मदद करेगी।
  • इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

गुवाहाटी, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को यह घोषणा की कि डिब्रूगढ़ राज्य के विधायी इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण का साक्षी बनेगा, क्योंकि असम के दूसरे विधान सभा परिसर की आधारशिला 30 जनवरी को रखी जाएगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने इसे शासन को मजबूत करने और डिब्रूगढ़ के विकास में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, डिब्रूगढ़ में प्रस्तावित विधान सभा परिसर प्रशासन के विकेंद्रीकरण और ऊपरी असम के लोगों के करीब शासन लाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि यह पहल संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने और प्रशासनिक दक्षता में सुधार के लिए राज्य सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरी विधानसभा परिसर स्थापित करने का निर्णय समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डिब्रूगढ़ इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना शहर के रणनीतिक महत्व को और बढ़ाएगी और इसे एक प्रमुख प्रशासनिक केंद्र में बदलने में मदद करेगी।

परियोजना के महत्व पर जोर देते हुए, सरमा ने कहा कि नया विधानसभा परिसर न केवल दिसपुर के बाहर विधायी कार्यवाही को सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि ऊपरी असम में एक मजबूत संस्थागत उपस्थिति प्रदान कर क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करने में भी मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि यह कदम चुने गए प्रतिनिधियों और लोगों के बीच बेहतर जुड़ाव को सक्षम करके लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह परियोजना राज्य के व्यापक विकास एजेंडे के अनुरूप है, जिसमें ऊपरी असम में बुनियादी ढांचे का विस्तार, शहरी विकास और बेहतर कनेक्टिविटी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर की स्थापना से आर्थिक गतिविधि उत्पन्न होगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और डिब्रूगढ़ तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। सरमा ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा शिलान्यास असम की प्रशासनिक यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।

उन्होंने दोहराया कि सरकार डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी के रूप में विकसित करने, अधिक उत्तरदायी शासन और पूरे राज्य में समान विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Point of View

डिब्रूगढ़ में असम के दूसरे विधायी परिसर की स्थापना एक सकारात्मक कदम है। यह प्रशासन के विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देगा और स्थानीय लोगों के लिए शासन को और सुलभ बनाएगा। यह परियोजना न केवल विकास को गति देगी, बल्कि क्षेत्रीय आकांक्षाओं को भी पूरा करेगी। सरकार का यह निर्णय समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

डिब्रूगढ़ में विधायी परिसर कब स्थापित होगा?
डिब्रूगढ़ में विधायी परिसर की आधारशिला 30 जनवरी को रखी जाएगी।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शासन को मजबूत करना और ऊपरी असम के विकास को गति देना है।
कौन इस परियोजना का शुभारंभ करेगा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ करेंगे।
क्या यह परियोजना क्षेत्रीय विकास में मदद करेगी?
हाँ, यह परियोजना क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए शासन को सुलभ बनाने में मदद करेगी।
डिब्रूगढ़ की राजनीतिक स्थिति क्या है?
डिब्रूगढ़ इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरा है।
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