योगी सरकार का 2026 के लिए खाद आपूर्ति का विस्तृत एवं प्रभावी प्लान
सारांश
Key Takeaways
- समय पर खाद की उपलब्धता
- खाद की कमी को रोकना
- सहकारी समितियों की भूमिका को मजबूत करना
- खाद वितरण में पारदर्शिता
- रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम
लखनऊ, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल 2026 के लिए एक विस्तृत और संगठित सप्लाई योजना बनाई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में खाद की किसी भी प्रकार की कमी को रोकना और कृषि गतिविधियों को सुचारू रखना है।
राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत इस रणनीति में यूरिया, डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) जैसे महत्वपूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक जिले में मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि बुवाई और फसल की वृद्धि के दौरान किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
साथ ही, प्रदेश के सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जिसमें कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि वितरण में पारदर्शिता बनी रहे। उर्वरकों की जमाखोरी करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गैर-कृषि क्षेत्रों में उर्वरकों के डायवर्जन पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। फसल में संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने और अग्रिम भंडारण न करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा।
इस योजना में सहकारी समितियों की भूमिका को मजबूत करने की बात की गई है। सरकार ने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से खाद वितरण की हिस्सेदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे पारदर्शिता और सुगमता में सुधार होगा। वहीं, निजी क्षेत्र को लगभग 35 प्रतिशत कोटा देने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि सप्लाई चेन प्रभावी बनी रहे।
खाद वितरण की निगरानी के लिए सरकार ने सख्त मॉनीटरिंग व्यवस्था लागू की है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से खाद की उपलब्धता और वितरण पर नजर रखी जाएगी। इस सुनियोजित रणनीति के माध्यम से किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगी, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। यह पहल राज्य के किसानों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।