भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत में तेजी, USISPF ने वार्ता को बताया 'ऐतिहासिक क्षण'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (USISPF) ने 30 जून 2026 को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर चल रही वार्ता ने उल्लेखनीय गति पकड़ ली है। यह घोषणा वाशिंगटन में आयोजित संगठन के नौवें वार्षिक लीडरशिप समिट के दौरान हुई, जहाँ वरिष्ठ उद्योगपतियों ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जैमीसन ग्रीर के साथ बंद कमरे में गोलमेज बैठक की।
बैठक का संदर्भ और महत्व
यह गोलमेज बैठक इसलिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि राजदूत जैमीसन ग्रीर पिछले सप्ताह ही भारत दौरे से लौटे थे, जहाँ उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ व्यापार वार्ता की थी। बैठक में 6 फरवरी 2026 को जारी संयुक्त बयान के अनुरूप भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते और एक अंतरिम समझौते को आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य मुद्दे और एजेंडा
USISPF के बोर्ड सदस्यों ने राजदूत ग्रीर के साथ कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया — जिनमें बाज़ार तक बेहतर पहुँच, डिजिटल व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला की मज़बूती और गैर-शुल्कीय बाधाओं (नॉन-टैरिफ बैरियर्स) को कम करना प्रमुख रहे। संगठन ने हाल के महीनों में हुई प्रगति के लिए राजदूत ग्रीर, मंत्री पीयूष गोयल और दोनों देशों की वार्ता टीमों की सराहना की।
मिशन 500 और व्यापार लक्ष्य
USISPF ने कहा कि दोनों देशों के कारोबारी समुदाय को उम्मीद है कि प्रस्तावित व्यापार समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा निर्धारित 'मिशन 500' के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा, जिसके तहत द्विपक्षीय व्यापार को $500 अरब तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। संगठन ने वर्तमान चरण को 'भारत-अमेरिका रणनीतिक और व्यावसायिक साझेदारी का एक ऐतिहासिक क्षण' करार दिया।
USISPF प्रमुख की प्रतिक्रिया
USISPF के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश अघी ने कहा कि यह चर्चा दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में आई तेजी का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा, 'नई दिल्ली में सफल बैठकों के कुछ ही दिनों बाद हमारे नौवें वार्षिक लीडरशिप समिट में राजदूत ग्रीर की मौजूदगी अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता में आए असाधारण सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।' अघी ने यह भी जोड़ा, 'जब अमेरिका अपनी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है, तब हम इस संबंध में एक ऐतिहासिक क्षण के साक्षी हैं।'
आगे की राह
USISPF ने स्पष्ट किया कि उसके बोर्ड सदस्य एक संतुलित और व्यावसायिक रूप से सार्थक व्यापार संधि के लिए जारी वार्ताओं का समर्थन करते रहेंगे, जिससे दोनों देशों के व्यवसायों को ठोस लाभ मिल सके। हालिया चर्चाओं ने उद्योग जगत का यह विश्वास और मज़बूत किया है कि दोनों सरकारें एक व्यापक व्यापार ढाँचे की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही हैं, जो दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाई पर ले जाएगा।