क्या दिल्ली के रंजीत नगर पुलिस ने 15 घंटे में लूट की वारदात सुलझा ली?
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 23 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के रंजीत नगर पुलिस थाने ने लूट के एक सनसनीखेज मामले को केवल 15 घंटे में सुलझा लिया है। आरोपी नेपाल भागने की योजना बना रहा था, लेकिन उससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया। आरोपी के पास से लूटा हुआ वीवो मोबाइल फोन, नकद राशि और अपराध में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया है。
यह घटना 22 अगस्त को हुई जब रंजीत नगर पुलिस को लूट की एक पीसीआर कॉल मिली। एसआई सुधीर कुमार तुरंत अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और शिकायतकर्ता गणेश मेहता का बयान दर्ज किया।
गणेश मेहता ने बताया कि जब वह पिलर नंबर 217 के पास अपने ऑटो में सवारियों को छोड़ने के बाद लौट रहे थे, तब एक व्यक्ति ने उनका ऑटो रोका और जीबी रोड तक सवारी मांगी। बातचीत के दौरान उस व्यक्ति ने उनकी कमीज की जेब से मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने उनकी जांघ पर चाकू से वार किया और वीवो मोबाइल फोन और नकद लूटकर पटेल नगर की ओर भाग गया।
पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा (बीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो टीमों का गठन किया गया, जिनका पर्यवेक्षण एसएचओ रंजीत नगर और एसीपी पटेल नगर ने किया। टीमों ने रंजीत नगर, मेन पटेल रोड और पटेल नगर क्षेत्र के लगभग 70 सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से निगरानी की। आरोपी को शादीपुर मेन बाजार की ओर भागते देखा गया और स्थानीय खुफिया जानकारी के माध्यम से उसकी पहचान राजेंद्र जोशी उर्फ राजू उर्फ नेपाली के रूप में हुई।
आगे की जांच में पता चला कि आरोपी नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए उसे आनंद विहार की ओर जाते हुए देखा। तत्परता दिखाते हुए एक टीम आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंची, जबकि दूसरी टीम आनंद विहार आईएसबीटी पर मौजूद रही। दोनों टीमों ने समन्वय करके आरोपी को नेपाल जाने वाली बस में चढ़ते समय पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की अब तक कोई पूर्व आपराधिक संलिप्तता सामने नहीं आई है। हालाँकि, अन्य मामलों में उसकी संभावित भूमिका की जांच जारी है।