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मुख्यमंत्री योगी से नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव की खास मुलाकात

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मुख्यमंत्री योगी से नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव की खास मुलाकात

सारांश

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव की मुलाकात हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश में उच्च तकनीक के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

मुख्य बातें

नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव का योगी आदित्यनाथ से मिलना महत्वपूर्ण है।
उत्तर प्रदेश में रेयर अर्थ टू मैग्नेट फैसिलिटी स्थापित की जाएगी।
बैठक में एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च पर चर्चा हुई।
ग्रैफीन का उपयोग बैटरी तकनीक में बढ़ता जा रहा है।
यह सहयोग मेक इन इंडिया के लिए महत्वपूर्ण है।

लखनऊ, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस अवसर पर लोहम कंपनी के सीईओ रजत वर्मा और कंपनी के चीफ ऑफ स्टाफ आयुष सबात भी उपस्थित थे।

तीनों अतिथियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, लोहम के सीईओ रजत वर्मा और चीफ ऑफ स्टाफ आयुष सबात का स्वागत किया।

बैठक के दौरान, उत्तर प्रदेश को एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग का एक प्रमुख केंद्र बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस संदर्भ में, लोहम द्वारा प्रदेश में भारत की पहली 'रेयर अर्थ टू मैग्नेट' इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।

इस फैसिलिटी की स्थापना से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, जो ग्रैफीन की खोज के लिए प्रसिद्ध हैं, लोहम कंपनी के साथ एक स्ट्रैटेजिक एडवाइजर और सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका लक्ष्य उन्नत मटेरियल साइंस को औद्योगिक स्तर पर बैटरी तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में लागू करना है।

लोहम और नोवोसेलोव का सहयोग मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है। पहला, 2डी मटेरियल (जैसे ग्रैफीन) का उपयोग करके अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों की क्षमता, सुरक्षा और जीवनकाल को बढ़ाना। दूसरा, बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट का उन्नत रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित करना, जिससे महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर वसूली सुनिश्चित हो सके और सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिले। यह सहयोग भारत के 'मेक इन इंडिया' और ग्रीन एनर्जी विजन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इससे पहले, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव और लोहम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजत वर्मा से मुलाकात की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव कौन हैं?
कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव एक नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक हैं, जिन्हें ग्रैफीन की खोज के लिए जाना जाता है।
उत्तर प्रदेश में कौन सी नई तकनीकी सुविधा स्थापित की जा रही है?
उत्तर प्रदेश में लोहम द्वारा 'रेयर अर्थ टू मैग्नेट' इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित की जा रही है।
बैठक में किस विषय पर चर्चा हुई?
बैठक में उत्तर प्रदेश को एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग का प्रमुख केंद्र बनाने पर चर्चा हुई।
बैटरी तकनीक में ग्रैफीन का क्या योगदान है?
ग्रैफीन का उपयोग अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों की क्षमता और सुरक्षा को बढ़ाने में किया जा सकता है।
यह सहयोग भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह सहयोग भारत के 'मेक इन इंडिया' और ग्रीन एनर्जी विजन को मजबूत बनाने में सहायक होगा।
राष्ट्र प्रेस
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