केरल वंदे मातरम विवाद: सपा सांसद राजीव राय बोले — राज्यपाल केंद्र के एजेंट की तरह काम करते हैं
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद राजीव कुमार राय और प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 30 मई 2026 को केरल में छिड़े वंदे मातरम विवाद और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के मुद्दे पर केंद्र सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। सपा ने राज्यपाल की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए और बांग्लादेशी निर्वासन के आँकड़ों का हवाला देते हुए मोदी सरकार पर 'जुमलेबाज़ी' का आरोप लगाया।
राज्यपाल पर सपा का तीखा प्रहार
केरल में वंदे मातरम को लेकर उठे विवाद पर सपा सांसद राजीव कुमार राय ने कहा, 'राज्यपालों की भूमिका वास्तव में स्वतंत्र नहीं होती। जिस प्रकार ब्रिटिश अपने एजेंटों को नियुक्त करते थे, उसी प्रकार आज राज्यपाल केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में कार्य करते हैं। वे दिल्ली में कही गई हर बात को तोते की तरह दोहराते हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब केरल में वंदे मातरम के गायन को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है।
वंदे मातरम पर थोपने की राजनीति नहीं चलेगी — सपा प्रवक्ता
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इस मुद्दे पर संविधान का हवाला देते हुए कहा, 'किसी भी चीज को थोपा नहीं जा सकता। हमारे संविधान का लचीलापन इसे अनूठा बनाता है। किसी की जबरदस्ती राष्ट्रभक्ति तय नहीं कर सकती। यह स्वतंत्रता है कि आप वंदे मातरम पूरा गाएँ या सिर्फ 4 लाइनें ही गाएँ।' उन्होंने जोड़ा कि दबाव देकर पूरा वंदे मातरम गवाना भारत की परंपरा के विरुद्ध है।
बांग्लादेशी निर्वासन पर आँकड़ों की लड़ाई
अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के मुद्दे पर आशुतोष वर्मा ने सरकारी आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2004 से 2014 के बीच यूपीए सरकार के दौरान आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार 50,972 बांग्लादेशियों को वापस भेजा गया था। इसके विपरीत, 2014 से 2026 के बीच मोदी सरकार के 11 वर्षों में केवल 5,335 बांग्लादेशियों को ही निर्वासित किया गया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'भाषण दस गुना बड़े होते हैं।' सपा सांसद राजीव कुमार राय ने भी इस मुद्दे पर कहा कि झारखंड में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और चुनाव से पहले ऐसे दावे अक्सर किए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी यही स्थिति रही और सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस मामले पर आँखें मूँद ली हैं।
कर्नाटक और यूपी की राजनीति पर भी बयान
कर्नाटक में डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की अटकलों पर आशुतोष वर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने बहुत अच्छे तरीके से बदलाव किया है और इसके लिए राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पूरी पार्टी बधाई की पात्र है। वहीं, सपा सांसद राजीव राय और प्रवक्ता आशुतोष वर्मा दोनों ने दावा किया कि इस बार उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनेगी और यूपी के बाद केंद्र से भी BJP की विदाई तय है।
आगे क्या
केरल का वंदे मातरम विवाद और बांग्लादेशी निर्वासन का मुद्दा आने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीतिक रूप से और गरमाने की संभावना है। सपा के इन बयानों के बाद BJP की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।