श्री अमरनाथ यात्रा 2025 शुरू: योगी, सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
3 जुलाई 2025 को श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ के साथ ही देशभर के प्रमुख नेताओं ने तीर्थयात्रियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और बाबा बर्फानी से सभी की सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की प्रार्थना की। उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी शुभकामनाएं साझा कीं।
मुख्य घटनाक्रम
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सनातन आस्था के महापर्व श्री अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ आज से हो रहा है। इस पुण्य यात्रा पर जाने वाले समस्त शिवभक्तों को हृदय से बधाई। बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन हों, सभी का जीवन सुख, शांति और कल्याण से परिपूर्ण हो, यही प्रार्थना है। जय बाबा अमरनाथ।'
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'ॐ नमः शिवाय! श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ के पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों को हार्दिक शुभकामनाएं। देवाधिदेव महादेव एवं बाबा बर्फानी की असीम कृपा से प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा सुरक्षित, सफल, मंगलमय एवं पुण्य फलदायी हो।'
उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, 'बाबा बर्फानी के पावन दर्शन हेतु पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा पर प्रस्थान कर रहे समस्त श्रद्धालुओं को मंगलमय यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं! यह पावन यात्रा आस्था, श्रद्धा, तप और आध्यात्मिक साधना का अनुपम संगम है।' उन्होंने भगवान शिव से यात्रियों की सुरक्षित वापसी की कामना भी की।
बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ के पावन अवसर पर बाबा बर्फानी के पावन दर्शन हेतु प्रस्थान करने वाले सभी श्रद्धालु तीर्थयात्रियों को हार्दिक शुभकामनाएं। देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना है कि आपकी यात्रा मंगलमय, सुरक्षित एवं सफल हो।'
यात्रा का महत्व
हिमालय की गोद में स्थित अमरनाथ गुफा हिंदू आस्था के सर्वाधिक पवित्र तीर्थस्थलों में से एक मानी जाती है। गौरतलब है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दुर्गम पहाड़ी मार्गों से होते हुए बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुँचते हैं। यह यात्रा सनातन परंपरा में आस्था, तप और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक मानी जाती है।
आगे क्या
यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हैं। नेताओं की शुभकामनाएं देशभर के श्रद्धालुओं के उत्साह को और बल देती हैं। यह यात्रा परंपरागत रूप से श्रावण मास तक जारी रहती है।