भाजपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित: स्मृति ईरानी महासचिव, 13 उपाध्यक्ष और 16 सचिव नियुक्त
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 17 अगस्त 2026 को अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की विस्तृत सूची जारी की, जिसमें देशभर के अनुभवी और नए नेताओं को प्रमुख पदों पर नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियाँ तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं और इन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अधिकृत किया।
महासचिव और संगठन के प्रमुख नाम
नई टीम में सबसे चर्चित नाम स्मृति ईरानी का है, जिन्हें राष्ट्रीय महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री की पार्टी संगठन में यह महत्वपूर्ण वापसी मानी जा रही है। उनके अलावा महाराष्ट्र से विनोद तावड़े, दिल्ली से सुनील बंसल, त्रिपुरा से बिप्लब कुमार देब, राजस्थान से सतीश पूनिया, मध्य प्रदेश से गजेंद्र पटेल, उत्तर प्रदेश से हरीश द्विवेदी और हरियाणा से संजय भाटिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।
बी.एल. संतोष राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के अहम पद पर बने हुए हैं। राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) के रूप में मुंबई से शिवप्रकाश और चंडीगढ़ से सौदान सिंह की नियुक्ति की गई है।
13 उपाध्यक्षों में वरिष्ठ और क्षेत्रीय चेहरे
पार्टी ने 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है, जिनमें राजस्थान से वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड से तीरथ सिंह रावत, दिल्ली से राम माधव, ओडिशा से बैजयंत जय पांडा, आंध्र प्रदेश से डी. पुरंदेश्वरी, उत्तर प्रदेश से रेखा वर्मा, गुजरात से वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, महाराष्ट्र से भारती प्रवीण पवार, पंजाब से मनप्रीत सिंह बादल, मध्य प्रदेश से लाल सिंह आर्य, कर्नाटक से एम. नागराज, उत्तर प्रदेश से तारिक मंसूर और पश्चिम बंगाल से मधुचंद्र कर शामिल हैं।
कोषाध्यक्ष, सचिव और मोर्चा प्रमुख
महाराष्ट्र के पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि राजस्थान के राजेश मंगल राष्ट्रीय संयुक्त कोषाध्यक्ष होंगे। 16 राष्ट्रीय सचिवों की टीम में मध्य प्रदेश से कविता पाटीदार, केरल से के. सुरेंद्रन और अनिल एंटनी, उत्तर प्रदेश से भोला सिंह व संगीता यादव, झारखंड से प्रदीप वर्मा, गुजरात से जगदीश ईश्वरभाई पटेल व रोहन गुप्ता, दिल्ली से संदीप पाठक, स्वदेश सिंह व जय प्रकाश, नगालैंड से फांगनोन कोन्याक, तमिलनाडु से एम. वेंकटेशन, पश्चिम बंगाल से मनोज टिग्गा, बिहार से सिद्धार्थ शंभू और असम से मृगांका देव बर्मन शामिल हैं।
पार्टी के विभिन्न मोर्चों की कमान भी सौंपी गई है — गुजरात के हेमांग जोशी युवा मोर्चा, छत्तीसगढ़ की रूप कुमारी चौधरी महिला मोर्चा, उत्तर प्रदेश के अमरपाल मौर्य ओबीसी मोर्चा, मध्य प्रदेश के बंसीलाल गुर्जर किसान मोर्चा, बिहार के शिवेश कुमार राम एससी मोर्चा, राजस्थान के मन्नालाल रावत एसटी मोर्चा और उत्तर प्रदेश के कुंवर बासित अली माइनॉरिटी मोर्चा का नेतृत्व करेंगे।
मीडिया, सोशल मीडिया और समन्वय की ज़िम्मेदारियाँ
उत्तराखंड के अनिल बलूनी को मीडिया कन्वीनर नियुक्त किया गया है। उनके साथ मध्य प्रदेश के आशीष उषा अग्रवाल, दिल्ली के प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव को-कन्वीनर होंगे। सोशल मीडिया की बागडोर छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को सौंपी गई है, जबकि महाराष्ट्र की प्रीति गांधी, दिल्ली के शिवानंद द्विवेदी, उत्तराखंड के आलोक भट्ट और हरियाणा के अरुण यादव को-कन्वीनर रहेंगे।
पंजाब के तरुण चुघ केंद्रीय कार्यालय प्रभारी और उत्तराखंड के महेंद्र पांडे केंद्रीय कार्यालय सचिव बनाए गए हैं। ओडिशा के संबित पात्रा उत्तर-पूर्व के कामकाज का समन्वय देखेंगे और दिल्ली के राजीव बब्बर उनके सहयोगी होंगे। मध्य प्रदेश के विष्णु दत्त शर्मा सभी सेल्स के समन्वयक होंगे, जबकि बिहार के ऋतुराज सिन्हा और आंध्र प्रदेश के विष्णु वर्धन रेड्डी संयुक्त समन्वयक की भूमिका निभाएँगे।
संगठनात्मक पुनर्गठन का संदेश
यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में चुनावी तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं। गौरतलब है कि इस बार की सूची में क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है — दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर, ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक मोर्चों को अलग-अलग प्रतिनिधित्व दिया गया है। आने वाले महीनों में यह नई टीम पार्टी की ज़मीनी और डिजिटल रणनीति को नई दिशा देगी।