16 जुलाई 2026
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जगन्नाथ रथयात्रा 2025: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, असम और बंगाल के सीएम ने दी शुभकामनाएं

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जगन्नाथ रथयात्रा 2025: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, असम और बंगाल के सीएम ने दी शुभकामनाएं

सारांश

महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा पर देश एकजुट हुआ — जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से लेकर असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी तक ने एक्स पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह पर्व भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रमाण है।

मुख्य बातें

16 जुलाई को पुरी सहित पूरे देश में महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा हर्षोल्लास के साथ निकाली गई।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर शुभकामनाएं देते हुए शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रथयात्रा को 'भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक' बताया।
पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा देवी को नमन करते हुए देश के सर्वांगीण कल्याण की प्रार्थना की।
पुरी से BJP सांसद संबित पात्रा ने महाप्रभु के आशीर्वाद से सुख-शांति-समृद्धि की कामना की।

पुरी सहित पूरे देश में 16 जुलाई को महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा हर्षोल्लास के साथ निकाली जा रही है। इस पावन पर्व पर देशभर के श्रद्धालु उत्साह से भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी और पुरी से भाजपा सांसद संबित पात्रा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी शुभकामनाएं प्रकट की हैं।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का संदेश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी का आशीर्वाद सभी के जीवन में शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, खुशहाली और कल्याण लाए। जय जगन्नाथ!' यह संदेश उल्लेखनीय है क्योंकि जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्र से इस तरह की सांस्कृतिक सौहार्द की अभिव्यक्ति राष्ट्रीय एकता का प्रतीक मानी जा रही है।

असम के मुख्यमंत्री की सनातन परंपरा को श्रद्धांजलि

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, 'भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। असम की वैष्णव परंपरा और जनजीवन में प्रभु जगन्नाथ 'जगत के पालनकर्ता' के रूप में श्रद्धापूर्वक आराध्य हैं। उनकी कृपा से सबका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो। जय जगन्नाथ।' सरमा का यह संदेश असम की गहरी वैष्णव सांस्कृतिक जड़ों को रेखांकित करता है।

पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी का संदेश

पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर लिखा, 'शुभ रथ यात्रा के इस पावन अवसर पर, मैं भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान श्री बलभद्र और माता सुभद्रा देवी के श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं। प्रभु की असीम कृपा से सभी का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो। मेरी प्रार्थना है कि उनके आशीर्वाद से हमारे देश, समाज और समस्त मानव जाति का सर्वांगीण कल्याण हो। पवित्र रथ यात्रा के अवसर पर मैं सभी को अपना हार्दिक स्नेह, शुभकामनाएँ और सादर अभिवादन प्रेषित करता हूं। जय जगन्नाथ।'

पुरी सांसद संबित पात्रा की बधाई

पुरी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संबित पात्रा ने एक्स पर लिखा, 'संपूर्ण सृष्टि के पालनहार महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की पावन रथयात्रा के शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की असीम कृपा एवं आशीर्वाद से आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगल का सदैव वास रहे। जय जगन्नाथ!' पात्रा के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है क्योंकि पुरी उनका संसदीय क्षेत्र है और जगन्नाथ मंदिर इसी नगर में स्थित है।

राष्ट्रीय एकता का पर्व

गौरतलब है कि रथयात्रा केवल ओडिशा का नहीं, बल्कि समूचे भारत का पर्व बन चुका है। पुरी की मुख्य रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष देश-विदेश से पहुंचते हैं। देश के विभिन्न राज्यों के नेताओं का इस पर्व पर एकजुट होकर शुभकामनाएं देना भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का प्रतिबिंब है। आने वाले दिनों में रथयात्रा के विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सोची-समझी सांस्कृतिक राजनीति भी है — जहाँ जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र के उपराज्यपाल का 'जय जगन्नाथ' कहना सांस्कृतिक समावेश का संदेश देता है। असम की वैष्णव परंपरा और ओडिशा के इस पर्व के बीच का सांस्कृतिक सेतु दर्शाता है कि भारत की धार्मिक पहचान राज्य की सीमाओं से परे है। हालांकि, इन संदेशों की वास्तविक सार्थकता तब सिद्ध होगी जब पुरी मंदिर के प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर ठोस नीतिगत कदम उठाए जाएं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन्नाथ रथयात्रा 2025 कब और कहाँ निकाली गई?
जगन्नाथ रथयात्रा 16 जुलाई 2025 को पुरी (ओडिशा) सहित पूरे देश में निकाली गई। पुरी की मुख्य रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष देश-विदेश से भाग लेते हैं।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रथयात्रा पर क्या कहा?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट कर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कामना की कि महाप्रभु का आशीर्वाद सभी के जीवन में शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण लाए।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रथयात्रा को क्या बताया?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रथयात्रा को 'भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक' बताया और असम की वैष्णव परंपरा में प्रभु जगन्नाथ के महत्व को रेखांकित किया।
पुरी से BJP सांसद संबित पात्रा ने रथयात्रा पर क्या संदेश दिया?
संबित पात्रा ने एक्स पर महाप्रभु जगन्नाथ को 'संपूर्ण सृष्टि का पालनहार' बताते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
रथयात्रा का राष्ट्रीय महत्व क्या है?
रथयात्रा अब केवल ओडिशा का नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत का पर्व बन चुका है। विभिन्न राज्यों के नेताओं का एकजुट होकर शुभकामनाएं देना भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का प्रतीक माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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