8 नवंबर 2026
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परिसीमन पर गहलोत का BJP पर हमला: 'लोकतंत्र के लिए खतरनाक, एकाधिकार स्वीकार नहीं'

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परिसीमन पर गहलोत का BJP पर हमला: 'लोकतंत्र के लिए खतरनाक, एकाधिकार स्वीकार नहीं'

सारांश

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने जोधपुर में BJP पर बड़ा हमला बोला — आरोप लगाया कि पंचायत से लेकर लोकसभा तक परिसीमन में बेईमानी हो रही है और सत्तापक्ष का एकाधिकार लोकतंत्र की जड़ें खोखली कर सकता है।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 8 नवंबर 2026 को जोधपुर में BJP पर परिसीमन में बेईमानी और पुलिस दुरुपयोग का आरोप लगाया।
गहलोत ने कहा — नगर निगम, नगरपालिका, पंचायती राज सभी चुनावों में परिसीमन 'लोकतंत्र की हत्या' के समान किया गया।
लोकसभा-विधानसभा परिसीमन पर भी चिंता; महिला आरक्षण कानून को शीघ्र लागू करने की माँग दोहराई।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए विपक्षी विधायकों को तोड़ने की प्रवृत्ति को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
SIR विरोध प्रदर्शनों को लोकतंत्र बचाने का आंदोलन कहा; दावा — कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 8 नवंबर 2026 को जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर परिसीमन प्रक्रिया के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस तरह परिसीमन करना चाहती है, वह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत खतरनाक है।

परिसीमन पर गहलोत के आरोप

गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान में नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषद चुनावों के परिसीमन में बेईमानी की गई और पुलिस का दुरुपयोग किया गया। उनके शब्दों में यह 'लोकतंत्र की हत्या के समान' है। उन्होंने पंचायती राज चुनावों में भी इसी प्रकार के परिसीमन पर आपत्ति जताई और कहा कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है।

गहलोत ने चेतावनी दी कि यदि परिसीमन की प्रक्रिया पर सत्तापक्ष का एकाधिकार स्थापित हो गया, तो देश में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर एक ही दल का नियंत्रण हो जाए — जो किसी भी जीवंत लोकतंत्र के लिए गहरी चिंता का विषय है।

महिला आरक्षण और लोकसभा-विधानसभा परिसीमन

पूर्व मुख्यमंत्री ने लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिसीमन पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण कानून संसद में पारित हो चुका है और कांग्रेस चाहती है कि इसे शीघ्र लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी भी लगातार महिला आरक्षण की माँग उठाते रहे हैं।

विपक्ष को कमज़ोर करने का आरोप

गहलोत ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का उदाहरण देते हुए BJP पर विपक्ष को कमज़ोर करने की रणनीतिक कोशिश का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चुनाव जीतने के बाद विपक्षी विधायकों को तोड़कर 'नेता प्रतिपक्ष' बनाने की स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष कमज़ोर हो जाए और सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष की भूमिका भी उसी के नियंत्रण में रहे।

SIR विरोध और इंडिया गठबंधन का आंदोलन

एसआईआर (SIR) के विरुद्ध चल रहे प्रदर्शनों पर गहलोत ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र बचाने के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं के उस बयान पर सवाल उठाया जिसमें विपक्षी प्रदर्शनों को 'अराजकता' कहा गया। गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के सभी आंदोलन पूरी तरह अनुशासित रहे हैं और कहीं कोई हिंसा नहीं हुई।

आम जनता से अपील और आगे की राह

गहलोत ने राजस्थान की जातीय सद्भाव की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी जातियों और वर्गों के बीच आपसी प्रेम और भाईचारा यहाँ की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने देश के नागरिकों से आह्वान किया कि यदि लोकतंत्र को बचाना है तो आम जनता को आगे आकर यह तय करना होगा कि कौन सही है और कौन गलत — चाहे वह विपक्ष हो या सत्तापक्ष। उनका कहना था कि अगर अभी नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में परिसीमन की प्रक्रिया और महिला आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी गहराई राष्ट्रीय राजनीतिक संरचना से जुड़ती है — परिसीमन की शक्ति जिस दल के पास हो, वह दशकों तक सत्ता का स्वरूप तय कर सकता है। विपक्ष की यह चिंता नई नहीं है, लेकिन पंचायत स्तर से लेकर संसद तक एक ही सुर में इसे उठाया जाना बताता है कि विपक्ष इसे 2029 के चुनावी एजेंडे का केंद्रीय मुद्दा बनाने की तैयारी में है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन बयानों को 'आरोप-प्रत्यारोप' तक सीमित कर देती है, जबकि असली सवाल यह है कि परिसीमन आयोग की स्वायत्तता और पारदर्शिता की संस्थागत गारंटी क्या है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक गहलोत ने BJP पर परिसीमन को लेकर क्या आरोप लगाए?
गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान में नगर निगम, नगरपालिका और पंचायती राज चुनावों के परिसीमन में बेईमानी की गई और पुलिस का दुरुपयोग किया गया। उनके अनुसार यह 'लोकतंत्र की हत्या' के समान है।
परिसीमन का एकाधिकार लोकतंत्र के लिए कैसे खतरनाक हो सकता है?
गहलोत के अनुसार यदि परिसीमन की प्रक्रिया पर सत्तापक्ष का एकाधिकार हो जाए, तो देश में ऐसी स्थिति बन सकती है जहाँ सत्ता और विपक्ष दोनों पर एक ही दल का नियंत्रण हो। इससे लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा निरर्थक हो जाएगी।
गहलोत ने महिला आरक्षण पर क्या कहा?
गहलोत ने कहा कि महिला आरक्षण कानून संसद में पारित हो चुका है और कांग्रेस इसे शीघ्र लागू करने की माँग करती है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी भी इस माँग को लगातार उठाते रहे हैं।
SIR को लेकर गहलोत ने क्या कहा?
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन द्वारा SIR के विरुद्ध किए जा रहे प्रदर्शन लोकतंत्र बचाने का आंदोलन हैं। उन्होंने दावा किया कि ये आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहे हैं, जबकि BJP नेताओं ने इन्हें अराजकता कहा।
गहलोत ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण क्यों दिया?
गहलोत ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए BJP पर आरोप लगाया कि वह चुनाव जीतने के बाद विपक्षी विधायकों को तोड़कर 'नेता प्रतिपक्ष' बनाने की कोशिश करती है। उनके अनुसार यह प्रवृत्ति विपक्ष को कमज़ोर कर लोकतंत्र को खोखला करती है।
राष्ट्र प्रेस
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