परिसीमन पर गहलोत का BJP पर हमला: 'लोकतंत्र के लिए खतरनाक, एकाधिकार स्वीकार नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 8 नवंबर 2026 को जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर परिसीमन प्रक्रिया के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस तरह परिसीमन करना चाहती है, वह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत खतरनाक है।
परिसीमन पर गहलोत के आरोप
गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान में नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषद चुनावों के परिसीमन में बेईमानी की गई और पुलिस का दुरुपयोग किया गया। उनके शब्दों में यह 'लोकतंत्र की हत्या के समान' है। उन्होंने पंचायती राज चुनावों में भी इसी प्रकार के परिसीमन पर आपत्ति जताई और कहा कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है।
गहलोत ने चेतावनी दी कि यदि परिसीमन की प्रक्रिया पर सत्तापक्ष का एकाधिकार स्थापित हो गया, तो देश में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर एक ही दल का नियंत्रण हो जाए — जो किसी भी जीवंत लोकतंत्र के लिए गहरी चिंता का विषय है।
महिला आरक्षण और लोकसभा-विधानसभा परिसीमन
पूर्व मुख्यमंत्री ने लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिसीमन पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण कानून संसद में पारित हो चुका है और कांग्रेस चाहती है कि इसे शीघ्र लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी भी लगातार महिला आरक्षण की माँग उठाते रहे हैं।
विपक्ष को कमज़ोर करने का आरोप
गहलोत ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का उदाहरण देते हुए BJP पर विपक्ष को कमज़ोर करने की रणनीतिक कोशिश का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चुनाव जीतने के बाद विपक्षी विधायकों को तोड़कर 'नेता प्रतिपक्ष' बनाने की स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष कमज़ोर हो जाए और सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष की भूमिका भी उसी के नियंत्रण में रहे।
SIR विरोध और इंडिया गठबंधन का आंदोलन
एसआईआर (SIR) के विरुद्ध चल रहे प्रदर्शनों पर गहलोत ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र बचाने के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं के उस बयान पर सवाल उठाया जिसमें विपक्षी प्रदर्शनों को 'अराजकता' कहा गया। गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के सभी आंदोलन पूरी तरह अनुशासित रहे हैं और कहीं कोई हिंसा नहीं हुई।
आम जनता से अपील और आगे की राह
गहलोत ने राजस्थान की जातीय सद्भाव की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी जातियों और वर्गों के बीच आपसी प्रेम और भाईचारा यहाँ की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने देश के नागरिकों से आह्वान किया कि यदि लोकतंत्र को बचाना है तो आम जनता को आगे आकर यह तय करना होगा कि कौन सही है और कौन गलत — चाहे वह विपक्ष हो या सत्तापक्ष। उनका कहना था कि अगर अभी नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में परिसीमन की प्रक्रिया और महिला आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।