2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

परिसीमन प्रतिनिधित्व नहीं, वोटों के लिए हो रहा है — कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत का BJP पर हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
परिसीमन प्रतिनिधित्व नहीं, वोटों के लिए हो रहा है — कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत का BJP पर हमला

सारांश

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने BJP पर सीधा हमला बोला — परिसीमन जनप्रतिनिधित्व के लिए नहीं, वोट जुटाने का हथियार बन गया है। असम का उदाहरण देते हुए उन्होंने राहुल गांधी के विधेयक-विरोध को अपना समर्थन दिया और संसदीय बहस की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने 2 अगस्त 2026 को कहा कि BJP परिसीमन को प्रतिनिधित्व नहीं, वोटों के नजरिए से कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सभी दलों से संसद में परिसीमन विधेयक को विफल करने का आह्वान किया था।
भगत ने असम में BJP सरकार के परिसीमन को पक्षपातपूर्ण बताया।
वर्तमान 543 सदस्यीय संसद में भी समुचित भागीदारी न मिलने की चिंता जताई; संख्या बढ़ाने की बजाय सार्थक बहस पर जोर दिया।
NEET मामले में जज के तबादले पर कहा — "ऐसे कदमों से अविश्वास और शक पैदा होता है।" कुलगाम हमले पर बोले — नागरिकों की सुरक्षा, आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा जरूरी।

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने 2 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार के परिसीमन प्रस्ताव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) यह प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि चुनावी वोटों की गणना के नजरिए से कर रही है। यह बयान नई दिल्ली में उस समय आया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सभी दलों से संसद में परिसीमन विधेयक को विफल करने का आह्वान किया था।

राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस एकजुट

राहुल गांधी ने शनिवार को सभी विपक्षी दलों से अपील की थी कि वे केंद्र सरकार के परिसीमन विधेयक को संसद में पारित न होने दें। इस पर सुखदेव भगत ने कहा, "निश्चित रूप से, जिस तरह से जनसंख्या के हिसाब से चीजें संतुलित नहीं हो रही हैं और अगर मैं अपनी निजी राय बताऊं तो मैं परिसीमन के खिलाफ हूं।" उन्होंने असम का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ BJP सरकार ने परिसीमन को प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि वोट बैंक की दृष्टि से अंजाम दिया है।

संसदीय गरिमा और संख्याबल पर सवाल

भगत ने संसद में सदस्यों की संख्या बढ़ाने की अवधारणा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अगर हम आज संसद में मौजूद 543 सदस्यों को देखें, तो मुझे लगता है कि हमारे कई लोगों को पूरी तरह से भागीदारी का मौका भी नहीं मिलता।" उनका तर्क था कि संख्याबल बढ़ाने की बजाय संसद की गरिमा के अनुरूप सार्थक चर्चा और बहस को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

NEET पेपर लीक मामले में जज के तबादले पर चिंता

NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के तबादले पर भगत ने कहा, "ऐसे कदमों से हमेशा अविश्वास और शक पैदा होता है।" यह टिप्पणी न्यायिक स्वतंत्रता को लेकर विपक्ष की व्यापक चिंताओं का हिस्सा है।

कुलगाम हमले पर सुरक्षा की जिम्मेदारी

कुलगाम हमले के संदर्भ में भगत ने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद भी इस तरह की घटनाएँ होना सामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा के दौरान ऐसी स्थिति में राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि वे चूक की पहचान करें। उनके शब्दों में, "आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी नागरिकों की सुरक्षा है।" परिसीमन विवाद आने वाले सत्र में संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक तनाव का केंद्र बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष को यह भी स्पष्ट करना होगा कि वे 2026 के बाद जनसंख्या असंतुलन को कैसे संबोधित करेंगे। बिना वैकल्पिक प्रस्ताव के विरोध, चुनावी राजनीति की ही दूसरी शक्ल बन जाता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने परिसीमन पर क्या कहा?
सुखदेव भगत ने कहा कि वे परिसीमन के खिलाफ हैं क्योंकि BJP सरकार इसे प्रतिनिधित्व के नजरिए से नहीं, बल्कि वोटों के नजरिए से कर रही है। उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए इसे जानबूझकर पक्षपातपूर्ण बताया।
राहुल गांधी ने परिसीमन विधेयक पर क्या आह्वान किया?
राहुल गांधी ने शनिवार को सभी दलों से अपील की कि वे संसद में केंद्र सरकार के परिसीमन विधेयक को पारित होने से रोकें। कांग्रेस नेताओं ने इस आह्वान को अपना समर्थन दिया है।
परिसीमन क्या होता है और यह विवादास्पद क्यों है?
परिसीमन लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को जनसंख्या के आधार पर पुनर्निर्धारित करने की प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि BJP इसे प्रतिनिधित्व के बजाय चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है, खासकर असम जैसे राज्यों में।
NEET पेपर लीक मामले में जज के तबादले पर कांग्रेस का क्या रुख है?
सुखदेव भगत ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली उच्च न्यायालय के जज के तबादले से अविश्वास और शक पैदा होता है। यह टिप्पणी न्यायिक स्वतंत्रता को लेकर विपक्ष की व्यापक चिंता को दर्शाती है।
कुलगाम हमले पर सुखदेव भगत ने क्या कहा?
भगत ने कहा कि पहलगाम के बाद भी ऐसी घटनाएँ होना सामान्य नहीं है और अमरनाथ यात्रा के दौरान यह और गंभीर है। उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार दोनों से जिम्मेदारी लेने और आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले