17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मनीष सिसोदिया: संसद में आधी आबादी का अधिकारपूर्वक प्रतिनिधित्व आवश्यक है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मनीष सिसोदिया: संसद में आधी आबादी का अधिकारपूर्वक प्रतिनिधित्व आवश्यक है

सारांश

आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया ने महिला आरक्षण विधेयक पर बात करते हुए कहा है कि देश की आधी आबादी को संसद में अधिकारपूर्वक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने भाजपा के परिसीमन के तरीके पर भी सवाल उठाए। जानें इस महत्वपूर्ण चर्चा के बारे में।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक का महत्व संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व भाजपा के परिसीमन पर उठाए गए सवाल कांग्रेस का समर्थन महिलाओं के सशक्तीकरण की आवश्यकता

चंडीगढ़, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने महिला आरक्षण विधेयक पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह कहा कि देश की आधी जनसंख्या को संसद में अधिकारपूर्वक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। यह जरूरी है कि किसी एक लिंग का एकाधिकार न हो।

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के तहत सीटों के संरचना में जो बदलाव किए जा रहे हैं, वे भारत की जनसांख्यिकी के अनुसार गलत हैं। सिसोदिया ने भाजपा पर आरोप लगाया कि जहां वे चुनाव नहीं जीत पाते, वहां वे वोटों को बांटने की कोशिश करते हैं और उस क्षेत्र में सीटें कम करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका परिसीमन का तरीका अत्यंत गलत है।

पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि भाजपा जहां कम वोट हासिल करती है, वहां परिसीमन के जरिए सीटों को कम करना चाहती है। यह लोकतंत्र और चुनावों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल सही है, लेकिन संविधान के खिलाफ कोई भी कार्य स्वीकार्य नहीं है।

कांग्रेस की नेता और मीडिया प्रभारी डॉली शर्मा ने कहा कि पार्टी ने कभी महिला आरक्षण विधेयक का विरोध नहीं किया है। जिस पार्टी का नेतृत्व महिलाओं के हाथों में रहा है और जिसने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री दी है, वह इस पर कैसे आपत्ति कर सकती है। हमने हमेशा महिलाओं के सशक्तीकरण का समर्थन किया है।

समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने कहा कि सरकार महिलाओं को भ्रमित कर रही है। महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन इसे परिसीमन विधेयक से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों की कई महत्वपूर्ण मांगें हैं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। सरकार की मंशा पर बड़ा सवाल उठता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां मनीष सिसोदिया ने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन के नियमों पर सवाल उठाए हैं। यह चर्चा न केवल महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि लोकतंत्र की स्थिरता के लिए भी। हमें इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
मनीष सिसोदिया का इस पर क्या कहना है?
मनीष सिसोदिया का कहना है कि महिलाओं को अधिकारपूर्वक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए और भाजपा के परिसीमन पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा पर आरोप क्या हैं?
सिसोदिया ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वे चुनाव में हारने वाले क्षेत्रों में वोट काटने का प्रयास कर रहे हैं।
कांग्रेस का इस मुद्दे पर क्या स्टैंड है?
कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया है और इसे संविधान के खिलाफ नहीं मानती।
महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?
महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए आरक्षण, शिक्षा, और समान अवसरों की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले