महिला आरक्षण बिल असल में परिसीमन का हथियार था: कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का आरोप
Click to start listening
सारांश
कांग्रेस का आरोप है कि BJP ने 2023 में महिला आरक्षण बिल पास तो करवाया, लेकिन इसके पीछे असल मकसद परिसीमन के ज़रिए लोकसभा सीटों का राजनीतिक पुनर्गठन करना था — खासकर दक्षिणी राज्यों के साथ असंतुलन पैदा करना। बिल पारित होने के दो साल बाद भी इसे लागू न करना पार्टी की नीयत पर सवाल खड़े करता है।
Key Takeaways
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिला सशक्तिकरण का नहीं, परिसीमन का राजनीतिक हथियार था। कांग्रेस नेता शकील अहमद ने सवाल उठाया कि बिल 2023 में पास और समिति से मंजूर होने के बावजूद BJP इसे लागू करने में क्यों हिचकिचा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि BJP का असल इरादा परिसीमन के ज़रिए दक्षिणी राज्यों के साथ असंतुलन पैदा कर राजनीतिक लाभ उठाना था। प्रतापगढ़ी ने हाथरस समेत देशभर में महिलाओं पर अत्याचारों पर BJP की चुप्पी को उसकी नीयत पर सवाल के रूप में उठाया। विपक्ष का दावा है कि उसने BJP के कथित परिसीमन एजेंडे को
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने 3 मई को लखनऊ में समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2023 में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं, बल्कि परिसीमन के अपने छिपे हुए एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए एक राजनीतिक आवरण के रूप में इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, विपक्ष ने इस कथित एजेंडे को समय रहते नाकाम कर दिया।
इमरान प्रतापगढ़ी का सीधा आरोप
प्रतापगढ़ी ने कहा,
Point of View
और इस पर पारदर्शी बहस की ज़रूरत है।
NationPress
03/05/2026
Frequently Asked Questions
नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है और यह कब पास हुआ?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। हालाँकि, इसे लागू करने के लिए परिसीमन और जनगणना की शर्त रखी गई है।
कांग्रेस का BJP पर परिसीमन एजेंडे का आरोप क्या है?
कांग्रेस का आरोप है कि BJP ने महिला आरक्षण बिल को आगे बढ़ाने की आड़ में परिसीमन प्रक्रिया को तेज़ करने की कोशिश की, जिससे दक्षिणी राज्यों की तुलना में उत्तर भारत की सीटें बढ़ सकती थीं और BJP को राजनीतिक लाभ मिलता। कांग्रेस नेता शकील अहमद ने इसे दक्षिणी राज्यों के साथ जानबूझकर असंतुलन पैदा करने की कोशिश बताया।
महिला आरक्षण बिल अब तक लागू क्यों नहीं हुआ?
बिल में यह शर्त है कि इसे अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू किया जाएगा। जनगणना अभी तक पूरी नहीं हुई है, इसलिए बिल के प्रावधान अभी तक प्रभावी नहीं हो सके हैं।
इमरान प्रतापगढ़ी ने हाथरस का ज़िक्र क्यों किया?
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने हाथरस और देश के अन्य हिस्सों में महिलाओं पर हुए अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर BJP महिलाओं के प्रति सच में संवेदनशील होती तो वह इन मामलों पर चुप नहीं रहती। उनका तर्क था कि यह BJP की महिला सशक्तिकरण के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता की कमी को दर्शाता है।
परिसीमन से दक्षिणी राज्यों को क्या आपत्ति है?
दक्षिणी राज्यों की आशंका है कि नई जनगणना के आधार पर परिसीमन होने पर उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं, क्योंकि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है। इससे उत्तर भारतीय राज्यों को अधिक सीटें मिलने और दक्षिण का राजनीतिक प्रभाव कम होने की चिंता है।