ईरान का अमेरिका को 14 बिंदु का प्रस्ताव: सैनिक वापसी और हमले न करने की गारंटी की माँग

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ईरान का अमेरिका को 14 बिंदु का प्रस्ताव: सैनिक वापसी और हमले न करने की गारंटी की माँग

सारांश

ईरान ने अमेरिका के नौ-बिंदु प्रस्ताव का जवाब 14 बिंदुओं से दिया है — सैनिक वापसी, फ्रीज संपत्तियों की वापसी, और होर्मुज स्ट्रेट पर नई व्यवस्था। IRGC ने साफ कहा: ट्रंप के पास अब या असंभव सैन्य कार्रवाई है, या ईरान के साथ एक कठिन समझौता।

Key Takeaways

ईरान ने 3 मई 2026 को अमेरिका को 14 बिंदुओं वाला जवाबी प्रस्ताव सौंपा। प्रस्ताव में अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी , हमले न करने की गारंटी , नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और फ्रीज संपत्तियों की वापसी की माँग है। ईरान चाहता है कि मुद्दा 30 दिनों के भीतर हल हो; अमेरिका ने दो महीने के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष अली निकजाद ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए 12 बिंदुओं वाले नए कानून की घोषणा की। IRGC ने कहा: ट्रंप के पास या तो असंभव सैन्य कार्रवाई या ईरान के साथ कठिन समझौता ही विकल्प बचे हैं।

ईरान ने 3 मई 2026 को अमेरिका के नौ-बिंदु प्रस्ताव के जवाब में एक 14 बिंदुओं वाला पलटवार प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें अपने क्षेत्र के आसपास तैनात अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी और हमले न करने की गारंटी की स्पष्ट माँग की गई है। समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरान अब अमेरिका के आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है।

ईरान के 14 बिंदु प्रस्ताव में क्या है

ईरान के प्रस्ताव में मुख्य रूप से नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों की वापसी, मुआवजे का भुगतान, प्रतिबंध हटाने और हर मोर्चे पर युद्ध खत्म करने की माँग शामिल है — जिसमें लेबनान भी सम्मिलित है। इसके अलावा, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन के लिए एक नई व्यवस्था बनाने का सुझाव भी दिया है।

गौरतलब है कि अमेरिका ने अपने मूल प्रस्ताव में दो महीने के युद्धविराम (सीजफायर) की माँग रखी थी। ईरान इसे अपर्याप्त मानता है और चाहता है कि यह मुद्दा 30 दिनों के भीतर हल हो, और ध्यान केवल सीजफायर बढ़ाने पर नहीं, बल्कि युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने पर हो।

होर्मुज स्ट्रेट पर नया कानून

शनिवार को ईरानी संसद के उपाध्यक्ष अली निकजाद ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन में बदलाव के लिए 12 बिंदुओं वाला एक नया कानून तैयार किया जा रहा है। इस प्रस्तावित कानून के अनुसार, इजरायल के जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। युद्ध में शामिल देशों को नुकसान का भुगतान करने के बाद ही इस मार्ग से गुजरने दिया जाएगा।

निकजाद ने कहा कि जहाजों को इस रास्ते से गुजरने के लिए ईरान से लाइसेंस और अनुमति लेनी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कानून अंतरराष्ट्रीय नियमों और पड़ोसी देशों के अधिकारों के अनुरूप होगा, लेकिन ईरान अपने

Point of View

जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सबसे संवेदनशील नस है। IRGC का यह बयान कि 'ट्रंप के पास विकल्प सीमित हो गए हैं', वाशिंगटन पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर दबाव बनाने की सुनियोजित कोशिश है। असली सवाल यह है कि क्या अमेरिका इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेगा, या यह वार्ता भी पिछले दशकों की तरह बिना नतीजे के खत्म होगी।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

ईरान ने अमेरिका को 14 बिंदु का प्रस्ताव क्यों दिया?
ईरान ने अमेरिका के नौ-बिंदु प्रस्ताव के जवाब में यह 14 बिंदु का प्रस्ताव दिया है, जिसमें सैन्य वापसी, हमले न करने की गारंटी और प्रतिबंध हटाने जैसी माँगें शामिल हैं। तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करना चाहता है, न कि केवल अस्थायी सीजफायर।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नया कानून क्या है?
ईरानी संसद के उपाध्यक्ष अली निकजाद के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन के लिए 12 बिंदुओं वाला नया कानून तैयार किया जा रहा है। इसके तहत इजरायल के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं होगी और युद्ध में शामिल देशों को नुकसान का भुगतान करना होगा।
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर क्या मतभेद है?
अमेरिका ने दो महीने के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जबकि ईरान चाहता है कि मुद्दा 30 दिनों के भीतर हल हो और ध्यान युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने पर हो। ईरान का कहना है कि केवल सीजफायर बढ़ाना पर्याप्त नहीं है।
IRGC ने ट्रंप के बारे में क्या कहा?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को कहा कि ट्रंप को अब या तो एक असंभव सैन्य कार्रवाई चुननी होगी या ईरान के साथ एक बुरा समझौता करना होगा। IRGC के अनुसार, अमेरिका के फैसले लेने की गुंजाइश अब बहुत कम हो गई है।
ईरान की फ्रीज संपत्तियों की वापसी की माँग क्या है?
ईरान ने अपने 14 बिंदु प्रस्ताव में अमेरिका से उन संपत्तियों को वापस करने की माँग की है जो प्रतिबंधों के कारण फ्रीज कर दी गई थीं। इसके साथ ही मुआवजे का भुगतान और सभी प्रतिबंध हटाने की भी माँग की गई है।
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