व्हाट्सएप ग्लोबल आउटेज: फोटो-वीडियो शेयरिंग ठप, भारत समेत 8 देशों के यूजर्स प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर 10 अगस्त 2026 को वैश्विक स्तर पर तकनीकी बाधा दर्ज की गई, जिससे फोटो, वीडियो, स्टिकर्स और GIF जैसी मल्टीमीडिया फाइलें भेजना और प्राप्त करना मुश्किल हो गया। भारत, ब्रिटेन, फ्रांस, ब्राजील, कनाडा, मेक्सिको, स्पेन और कोलंबिया सहित कई देशों के यूजर्स ने इस समस्या की शिकायत की। आउटेज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म डाउनडिटेक्टर पर सोमवार सुबह से ही शिकायतों की बाढ़ आ गई।
मुख्य घटनाक्रम
डाउनडिटेक्टर पर दर्ज शिकायतों के विश्लेषण के अनुसार, कुल रिपोर्ट में से लगभग 41% समस्याएँ मैसेजिंग से, 40% ऐप के सामान्य संचालन से और करीब 13% नोटिफिकेशन से जुड़ी थीं। उल्लेखनीय है कि सामान्य टेक्स्ट मैसेज अधिकांश मामलों में काम कर रहे थे, जबकि मल्टीमीडिया फाइलें अपलोड होने के बजाय लंबे समय तक 'सेंडिंग' की स्थिति में अटकी रहती थीं।
कई यूजर्स ने बताया कि तस्वीरें चैट विंडो में दिखाई तो देती थीं, लेकिन अपलोड प्रक्रिया पूरी नहीं होती थी। बड़ी साइज की मीडिया फाइलों पर इस बाधा का असर और अधिक गंभीर रहा — कई मामलों में वे अपलोड ही नहीं हो सकीं।
यूजर्स ने क्या अनुभव किया
प्रभावित यूजर्स के अनुसार, फोटो और वीडियो अपलोड करते समय स्क्रीन पर लगातार लोडिंग आइकन दिखता रहा या प्लेटफॉर्म बार-बार 'रीट्राई' का संदेश देता रहा। स्टिकर्स और GIF भेजने में भी इसी तरह की रुकावट आई, जिससे स्पष्ट होता है कि तकनीकी गड़बड़ी मुख्य रूप से व्हाट्सएप की मल्टीमीडिया सेवाओं से संबंधित थी।
समस्या से निपटने के लिए यूजर्स ने स्मार्टफोन रीस्टार्ट करने, वाई-फाई से मोबाइल डेटा पर स्विच करने और ऐप को पुनः इंस्टॉल करने जैसे उपाय आज़माए। हालाँकि अधिकांश ने बताया कि इन तरीकों से मीडिया शेयरिंग की समस्या हल नहीं हुई।
वैश्विक पैमाने पर असर
यह समस्या किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। भारत के अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, ब्राजील, कनाडा, मेक्सिको, स्पेन और कोलंबिया से एक जैसी शिकायतें मिलीं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने विविध भौगोलिक क्षेत्रों से एक साथ रिपोर्ट आना यह संकेत देता है कि यह किसी स्थानीय नेटवर्क या डिवाइस की खामी नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म-स्तरीय तकनीकी व्यवधान था।
गौरतलब है कि डाउनडिटेक्टर के अनुसार, इससे एक दिन पहले रविवार को भी व्हाट्सएप सेवाओं में कुछ व्यवधान की शिकायतें दर्ज हुई थीं, जो इस आउटेज को अलग-थलग घटना नहीं बल्कि एक निरंतरता का हिस्सा बनाती हैं।
मेटा की प्रतिक्रिया
खबर लिखे जाने तक व्हाट्सएप या उसकी मूल कंपनी मेटा की ओर से इस तकनीकी समस्या पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। कंपनी की चुप्पी ने यूजर्स की चिंता और बढ़ा दी, विशेषकर उन व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं की जो दैनिक कार्यों के लिए मीडिया शेयरिंग पर निर्भर हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब व्हाट्सएप दुनिया भर में अरबों यूजर्स का प्रमुख संचार माध्यम बन चुका है और किसी भी आउटेज का असर व्यक्तिगत से लेकर व्यावसायिक संचार तक व्यापक रूप से महसूस होता है। आने वाले दिनों में मेटा की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण और तकनीकी समाधान की उम्मीद की जा रही है।