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मेटा ने मांगी माफी: PM मोदी का फेसबुक वीडियो हटने पर IT मंत्रालय ने ग्लोबल हेड को किया तलब

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मेटा ने मांगी माफी: PM मोदी का फेसबुक वीडियो हटने पर IT मंत्रालय ने ग्लोबल हेड को किया तलब

सारांश

PM मोदी का पेपर लीक पर युवाओं को संबोधित वीडियो 28 जुलाई की सुबह फेसबुक पर 'कानूनी अनुरोध' का हवाला देकर ब्लॉक हो गया — मेटा ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताकर माफी माँगी, लेकिन IT मंत्रालय ने ग्लोबल हेड को तलब कर दिया है।

मुख्य बातें

28 जुलाई की सुबह फेसबुक पर PM मोदी का आधिकारिक वीडियो भारतीय यूजर्स के लिए अस्थायी रूप से अनुपलब्ध हो गया।
स्क्रीन पर संदेश आया कि 'कानूनी अनुरोध' के कारण वीडियो सीमित किया गया है, जिससे सोशल मीडिया पर हलचल मच गई।
मेटा ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए माफी मांगी और वीडियो शीघ्र बहाल किया।
यही वीडियो इंस्टाग्राम पर 24 घंटे में 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा और इंस्टाग्राम के ग्लोबल हेड को समन जारी किया है।

मेटा ने 28 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक वीडियो को फेसबुक से अस्थायी रूप से हटाए जाने पर खेद जताते हुए माफी मांगी है। कंपनी के प्रवक्ता ने इसे तकनीकी गड़बड़ी करार दिया, जबकि इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेटा और इंस्टाग्राम के ग्लोबल हेड को समन जारी किया है।

क्या हुआ था 28 जुलाई की सुबह

28 जुलाई की तड़के भारतीय यूजर्स ने पाया कि फेसबुक पर प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो नहीं खुल रहा। वीडियो पर क्लिक करने पर एक स्वचालित संदेश प्रकट होता था, जिसमें लिखा था कि 'कानूनी अनुरोध के कारण भारत में इस वीडियो की पहुंच सीमित कर दी गई है।' इस संदेश ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी और अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया।

यह वीडियो प्रधानमंत्री द्वारा सेल्फी फॉर्मेट में रिकॉर्ड किया गया संदेश था, जिसमें उन्होंने पेपर लीक विवाद और इस मुद्दे पर प्रस्तावित केंद्रीय मंत्रिमंडल की आगामी कार्रवाई को लेकर देश के युवाओं — विशेषकर 'जेन-जी' पीढ़ी — को संबोधित किया था।

मेटा की सफाई और माफी

विवाद बढ़ने पर मेटा ने त्वरित प्रतिक्रिया दी। कंपनी के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि वीडियो हटाना किसी कानूनी कार्रवाई या सरकारी आदेश का परिणाम नहीं था, बल्कि एक तकनीकी त्रुटि के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। माफी मांगने के साथ ही कंपनी ने वीडियो को शीघ्र बहाल कर दिया। गौरतलब है कि यही वीडियो इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया था।

सरकार की प्रतिक्रिया और समन

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस घटनाक्रम को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा और इंस्टाग्राम के ग्लोबल हेड को तलब किया है। सरकार जानना चाहती है कि प्रधानमंत्री के आधिकारिक वीडियो तक लोगों की पहुंच अचानक क्यों और कैसे प्रतिबंधित की गई। माना जा रहा है कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

आम जनता और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और बड़ी तकनीकी कंपनियों के बीच कंटेंट मॉडरेशन और डिजिटल नियमन को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती संस्थाओं के लिए दिशानिर्देश) नियम, 2021 के तहत सरकार पहले भी मेटा सहित कई प्लेटफॉर्म से जवाब-तलब कर चुकी है। आलोचकों का कहना है कि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि वैश्विक तकनीकी कंपनियों के एल्गोरिदम और स्वचालित प्रणालियाँ भारतीय लोकतांत्रिक विमर्श को किस हद तक प्रभावित कर सकती हैं।

आगे क्या होगा

मंत्रालय के समन के बाद मेटा अधिकारियों की प्रतिक्रिया और उनके द्वारा दिए जाने वाले स्पष्टीकरण पर सरकार की नज़र रहेगी। यदि जाँच में तकनीकी गड़बड़ी से परे कोई और कारण सामने आया, तो नियामकीय कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एक स्वचालित प्रणाली ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक वीडियो को 'कानूनी अनुरोध' का हवाला देकर क्यों ब्लॉक किया — जबकि ऐसा कोई अनुरोध था ही नहीं। यह घटना उस बड़े खतरे की ओर इशारा करती है जहाँ वैश्विक तकनीकी कंपनियों के एल्गोरिदम, बिना किसी मानवीय निगरानी के, लोकतांत्रिक संचार को बाधित कर सकते हैं। MeitY का समन सही दिशा में कदम है, लेकिन जब तक मेटा अपनी स्वचालित कंटेंट-प्रतिबंध प्रणाली की पारदर्शी जाँच नहीं कराती, 'माफी' महज़ एक पीआर कवायद बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का फेसबुक वीडियो क्यों हटाया गया था?
मेटा के अनुसार, यह किसी कानूनी कार्रवाई का परिणाम नहीं था, बल्कि एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण 28 जुलाई की सुबह भारतीय यूजर्स के लिए वीडियो अस्थायी रूप से अनुपलब्ध हो गया। कंपनी ने माफी मांगते हुए वीडियो शीघ्र बहाल कर दिया।
IT मंत्रालय ने मेटा को समन क्यों जारी किया?
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री के आधिकारिक वीडियो तक लोगों की पहुंच अचानक क्यों रोकी गई। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और मेटा तथा इंस्टाग्राम के ग्लोबल हेड से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
PM मोदी के वीडियो में क्या था जो इतना वायरल हुआ?
यह प्रधानमंत्री द्वारा सेल्फी फॉर्मेट में रिकॉर्ड किया गया संदेश था, जिसमें उन्होंने पेपर लीक विवाद और इस पर प्रस्तावित केंद्रीय मंत्रिमंडल की कार्रवाई को लेकर देश के युवाओं — विशेषकर 'जेन-जी' पीढ़ी — को संबोधित किया था। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर 24 घंटे में 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया।
फेसबुक पर वीडियो ब्लॉक होने पर यूजर्स को क्या संदेश दिखा?
वीडियो खोलने की कोशिश करने पर यूजर्स को एक स्वचालित संदेश दिखाई दिया जिसमें लिखा था कि 'कानूनी अनुरोध के कारण भारत में इस वीडियो की पहुंच सीमित कर दी गई है।' बाद में मेटा ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई कानूनी अनुरोध नहीं था।
इस घटना के बाद मेटा के खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?
MeitY के समन के बाद मेटा अधिकारियों को सरकार के समक्ष विस्तृत स्पष्टीकरण देना होगा। यदि जाँच में तकनीकी गड़बड़ी से परे कोई कारण सामने आया, तो सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत नियामकीय कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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