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मेटा से संसदीय समिति नाराज: जुकरबर्ग को 3 दिन में माफी का अल्टीमेटम, PM मोदी वीडियो हटाने पर कार्रवाई की चेतावनी

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मेटा से संसदीय समिति नाराज: जुकरबर्ग को 3 दिन में माफी का अल्टीमेटम, PM मोदी वीडियो हटाने पर कार्रवाई की चेतावनी

सारांश

संसदीय स्थायी समिति ने मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग को PM मोदी का फेसबुक वीडियो 5-6 घंटे हटाए जाने पर 3 दिन में बिना शर्त माफी का अल्टीमेटम दिया है — और IT Act की 'सेफ हार्बर' छूट रद्द करने की चेतावनी दी है। मेटा के वैश्विक मामलों के प्रमुख जोएल कपलान ने MeitY सचिव से मुलाकात कर सफाई दी।

मुख्य बातें

संसदीय स्थायी समिति ने मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग को 3 दिन के भीतर बिना शर्त माफी माँगने का अल्टीमेटम दिया।
PM मोदी का छात्रों और Gen Z को संबोधित वीडियो फेसबुक पर लगभग 5 से 6 घंटे तक उपलब्ध नहीं रहा।
माफी न माँगने पर IT अधिनियम की धारा 79(3) के तहत मेटा की कानूनी छूट (सेफ हार्बर) रद्द करने और प्रकाशक के रूप में कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
लोकसभा सचिवालय निदेशक ए.
ज्योतिर्मयी ने MeitY सचिव को औपचारिक पत्र भेजा।
मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने MeitY सचिव एस.
कृष्णन से 45 मिनट की बैठक कर सफाई दी।
मेटा अधिकारियों ने IT मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की।

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने 5 अगस्त 2026 को मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग को तीन दिनों के भीतर बिना शर्त माफी माँगने का अल्टीमेटम दिया है। यह कदम फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो को लगभग 5 से 6 घंटे के लिए हटाए जाने की घटना के बाद उठाया गया है। समिति ने इसे अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग की है।

घटना का पूरा विवरण

जो वीडियो हटाया गया, वह प्रधानमंत्री मोदी के उस संबोधन से संबंधित था जिसमें उन्होंने छात्रों और जेनरेशन ज़ेड (Gen Z) के साथ परीक्षा संबंधी विवादों तथा पेपर लीक के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई पर चर्चा की थी। रिपोर्टों के अनुसार यह वीडियो फेसबुक पर करीब 5 से 6 घंटे तक उपलब्ध नहीं रहा, जिसके बाद इसे पुनः बहाल किया गया।

समिति का कड़ा रुख

लोकसभा सचिवालय में निदेशक ए. ज्योतिर्मयी द्वारा हस्ताक्षरित पत्र इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव को भेजा गया। इस पत्र में स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर माफी नहीं माँगी गई, तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत मेटा को मिलने वाले संरक्षण और कानूनी छूट वापस लेने पर विचार किया जाएगा तथा उनके विरुद्ध एक प्रकाशक के रूप में कार्रवाई की जा सकती है।

पत्र में कहा गया, 3 अगस्त 2026 को आयोजित समिति की बैठक में गृह मंत्रालय, MeitY और सोशल एवं डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म — स्नैपचैट, गूगल, एक्स, मेटा (फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम) तथा यूट्यूब — के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।

मेटा की प्रतिक्रिया और बैठक

इस बीच मेटा की टीम, जिसकी अगुवाई चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान कर रहे थे, ने MeitY सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की। यह बैठक लगभग 45 मिनट तक चली, जिसमें मेटा के अधिकारियों ने वीडियो को गलती से हटाए जाने के कारणों को स्पष्ट किया। अधिकारियों ने उसी दिन सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की।

जवाबदेही का सवाल

समिति ने कहा कि इस घटना ने प्रधानमंत्री से जुड़े कंटेंट के प्रबंधन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और वैश्विक स्तर पर सोशल मीडिया कंपनियों पर कंटेंट मॉडरेशन को लेकर दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि IT अधिनियम की धारा 79 के तहत मिली 'सेफ हार्बर' छूट ही वह कानूनी कवच है जिसके बल पर मेटा जैसे प्लेटफॉर्म भारत में उपयोगकर्ता-जनित सामग्री के लिए सीधी देनदारी से बचते हैं।

आने वाले दिनों में मेटा की आधिकारिक प्रतिक्रिया और सरकार का अगला कदम इस मामले की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

गूगल और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म भारत में अरबों रुपये का कारोबार करते हैं। लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या एक तकनीकी गड़बड़ी — जिसे मेटा ने खुद 'गलती' माना — के लिए इतनी बड़ी कानूनी धमकी उचित है, या यह सोशल मीडिया कंपनियों पर राजनीतिक दबाव बनाने का व्यापक पैटर्न है। गौरतलब है कि भारत में सोशल मीडिया विनियमन पर बहस वर्षों से चल रही है, और इस घटना ने उस बहस को एक नया और तीखा मोड़ दे दिया है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसदीय समिति ने मार्क जुकरबर्ग से माफी की माँग क्यों की?
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने PM मोदी का फेसबुक पर 5 से 6 घंटे के लिए हटाए गए वीडियो को अत्यंत गंभीर मामला मानते हुए मेटा CEO मार्क जुकरबर्ग से 3 दिन में बिना शर्त माफी माँगने को कहा। समिति का कहना है कि इस घटना ने प्रधानमंत्री से जुड़े कंटेंट के प्रबंधन और सोशल मीडिया जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
PM मोदी का कौन सा वीडियो फेसबुक से हटाया गया था?
यह वीडियो PM मोदी के उस संबोधन से जुड़ा था जिसमें उन्होंने छात्रों और जेनरेशन ज़ेड (Gen Z) के साथ परीक्षा विवादों और पेपर लीक के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर बात की थी। रिपोर्टों के अनुसार यह वीडियो फेसबुक पर लगभग 5 से 6 घंटे तक उपलब्ध नहीं रहा।
IT Act की धारा 79(3) क्या है और इसका मेटा पर क्या असर पड़ेगा?
IT अधिनियम की धारा 79 के तहत मेटा जैसे प्लेटफॉर्म को 'सेफ हार्बर' छूट मिलती है, जिससे वे उपयोगकर्ता-जनित सामग्री के लिए सीधी कानूनी देनदारी से बचते हैं। यदि यह छूट वापस ली जाती है, तो मेटा को भारत में एक प्रकाशक के रूप में माना जा सकता है और उस पर सामग्री के लिए सीधी जिम्मेदारी डाली जा सकती है।
मेटा ने इस मामले में क्या प्रतिक्रिया दी?
मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान के नेतृत्व में एक टीम ने MeitY सचिव एस. कृष्णन से लगभग 45 मिनट की बैठक की और वीडियो को 'गलती से' हटाए जाने के कारण स्पष्ट किए। मेटा अधिकारियों ने IT मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की।
इस मामले में अगला कदम क्या होगा?
समिति ने MeitY सचिव को निर्देश दिया है कि वे मेटा से उचित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करें। यदि पत्र प्राप्ति के 3 दिनों के भीतर जुकरबर्ग माफी नहीं माँगते, तो IT Act की धारा 79(3) के तहत सुरक्षा वापस लेने और प्रकाशक के रूप में कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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