स्मृति मंधाना टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनीं, 4,788 रनों के साथ रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने 20 सितंबर 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की — वे पुरुष और महिला दोनों वर्गों में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गईं। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में बांग्लादेश महिला टीम के खिलाफ एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में उन्होंने 19 गेंदों पर 37 रन की तेज़तर्रार पारी खेलकर यह कीर्तिमान अपने नाम किया।
मुख्य उपलब्धि और रिकॉर्ड
इस मैच से पहले मंधाना के नाम 170 पारियों में 4,751 रन थे। उन्हें न्यूज़ीलैंड की पूर्व क्रिकेटर सूजी बेट्स को पीछे छोड़ने के लिए सिर्फ 8 रन की ज़रूरत थी। पारी के शुरुआती 7 गेंदों में ही दो चौके और दो सिंगल के साथ उन्होंने यह लक्ष्य पार कर लिया। अब उनके नाम 171 पारियों में 4,788 रन दर्ज हैं।
शीर्ष रन-स्कोरर की सूची
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट (पुरुष और महिला संयुक्त) में सर्वाधिक रन बनाने वालों की अद्यतन सूची इस प्रकार है:
स्मृति मंधाना (भारत) — 4,788 रन (प्रथम स्थान); सूजी बेट्स (न्यूज़ीलैंड) — 4,758 रन (द्वितीय स्थान); बाबर आज़म (पाकिस्तान) — 4,596 रन (तृतीय स्थान); जोस बटलर (इंग्लैंड) — 4,292 रन (चतुर्थ स्थान); हरमनप्रीत कौर (भारत) — 4,287 रन (पंचम स्थान)।
गौरतलब है कि मंधाना और बेट्स पहले से ही पुरुष टी20 इंटरनेशनल के शीर्ष स्कोरर बाबर आज़म से आगे थीं, और अब इस बढ़त को और पक्का कर लिया गया है।
हालिया रिकॉर्डों की झड़ी
यह कोई इकलौती उपलब्धि नहीं है। हाल ही में एशिया कप के दौरान मंधाना ने हांगकांग के खिलाफ 124 रन बनाकर भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज के 10,868 रनों के रिकॉर्ड को पार कर महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी का खिताब भी हासिल किया। उसी पारी में उन्होंने अपना 18वाँ अंतरराष्ट्रीय शतक भी जमाया, जो महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतकों का रिकॉर्ड था — इससे वे मेग लैनिंग से आगे निकल गईं। हालाँकि बाद में दक्षिण अफ्रीका महिला टीम की कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट ने इस शतक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए महत्त्व
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला क्रिकेट तेज़ी से वैश्विक पहचान बना रहा है। मंधाना की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत बल्कि टीम इंडिया की बढ़ती ताक़त का भी संकेत है। एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में इस पारी ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। यह Nवीं बार है जब मंधाना ने किसी बड़े टूर्नामेंट के दबाव में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
आगे क्या
एशियाई खेलों के फाइनल में भारत की नज़रें स्वर्ण पदक पर होंगी, और मंधाना का फॉर्म टीम के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू है। रिकॉर्डों का यह सिलसिला भारतीय महिला क्रिकेट में एक नए युग के आगमन का संकेत देता है।