एशियाई खेलों में महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम का सिल्वर, रौनक पंडित बोले – 'गोल्ड गंवाने का अहसास'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शूटिंग के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित ने 20 सितंबर 2026 को नागोया में एशियाई खेलों के दौरान भारत की महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम के रजत पदक जीतने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तीनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और पूरी टीम इस नतीजे से बेहद खुश है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय शूटिंग अब उस मुकाम पर पहुँच चुकी है जहाँ सिल्वर को उपलब्धि से अधिक 'गोल्ड चूकना' माना जाने लगा है।
प्रदर्शन पर रौनक पंडित की राय
पंडित ने कहा, 'यह परफॉर्मेंस संतोषजनक है। मुझे लगता है कि तीनों लड़कियों ने बहुत अच्छा शूट किया। बेशक, असली खुशी गोल्ड जीतने में होती है।' उन्होंने जोड़ा, 'ऐसा लगता है कि भारतीय शूटिंग उस लेवल पर पहुँच गई है जहाँ अब हम यह नहीं कहते कि हमने सिल्वर जीता, बल्कि अब हम यह सोचने लगे हैं कि हमने गोल्ड गंवा दिया।'
यह टिप्पणी भारतीय शूटिंग की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं और एशियाई स्तर पर उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को दर्शाती है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय निशानेबाज़ों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शीर्ष स्थानों पर अपनी दावेदारी मज़बूत की है।
एशियाई प्रतिस्पर्धा का बदलता परिदृश्य
पंडित ने बताया कि इस बार प्रतिस्पर्धा असाधारण रूप से कड़ी रही। उन्होंने कहा, 'भारत, चीन और कोरिया सभी कड़ी टक्कर दे रहे हैं और हैरानी की बात है कि आज जापान भी एक चौंकाने वाला दावेदार बनकर उभरा।' उन्होंने आगे कहा कि पहली रिले के बाद जापान अचानक मेडल की दौड़ में शामिल हो गया, जो प्रतियोगिता की अप्रत्याशितता को दर्शाता है।
मुश्किल हालात में टीम का हौसला
पंडित ने स्वीकार किया कि खेलों के दौरान टीम को कई व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में हमें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। लेकिन लड़कियों ने ठीक वैसा ही प्रदर्शन किया जैसा वे घरेलू और अन्य अंतरराष्ट्रीय सर्किट में करती रही हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि परिवहन और सुरक्षा से जुड़ी सीमाएँ केवल भारतीय टीम की समस्या नहीं थीं — अन्य देशों की टीमें भी इन्हीं परिस्थितियों में थीं।
पंडित के अनुसार, 'जरूरी यह है कि आप उन परिस्थितियों पर कैसे रिएक्ट करते हैं। शिकायत करने के बजाय, अगर हम अपने काम पर फोकस करें और जो भी दिक्कतें आएं, उन्हें सुलझाने पर ध्यान दें।'
मेडल की सापेक्षता और टीम प्रबंधन
हाई परफॉर्मेंस मैनेजर ने प्रदर्शन की सापेक्ष प्रकृति को समझाते हुए कहा, 'आखिर में मेडल एक रिलेटिव परफॉर्मेंस है। अगर आप खराब परफॉर्म करते हैं लेकिन आपका कॉम्पिटिटर आपसे भी खराब परफॉर्म करता है, तो आप जीत जाएंगे।' उन्होंने यह भी बताया कि टीम प्रबंधन ने पूरी कोशिश की कि खिलाड़ी हर तरह के शोर-शराबे और बाहरी परेशानियों से दूर रहें, ताकि वे अपने प्रदर्शन पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें।
आगे की राह
इस रजत पदक के साथ भारतीय महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम ने एशियाई खेलों में अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है। पंडित के बयान से साफ़ है कि टीम का लक्ष्य अब स्वर्ण से कम कुछ नहीं है और आने वाली प्रतियोगिताओं में भारतीय शूटिंग इस दिशा में और मज़बूती से आगे बढ़ेगी।