एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला टीम ने 10 मीटर एयर राइफल में रजत जीता, एलावेनिल व सोनम व्यक्तिगत फाइनल में
सारांश
मुख्य बातें
भारत की महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम ने एशियन गेम्स 2026 में देश को पहला पदक दिलाया — रविवार, 20 सितंबर को आइची प्रीफेक्चर जनरल शूटिंग गैलरी में 1897 पॉइंट्स जमा कर रजत पदक अपने नाम किया। एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदरसा कोचलुमकल की तिकड़ी ने 16 टीमों के मुकाबले में चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। साथ ही एलावेनिल और सोनम ने व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत फाइनल में जगह बना ली है।
टीम स्पर्धा का हाल
चीन ने 1904.2 पॉइंट्स के विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। मेज़बान जापान 1897.1 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर रहा और कांस्य पदक हासिल किया। भारत का 1897 पॉइंट्स का स्कोर जापान से मात्र 0.9 अंक अधिक रहा, जिसने भारतीय टीम को रजत पदक सुनिश्चित किया।
सीरीज़-दर-सीरीज़ प्रदर्शन
तीनों निशानेबाज़ों ने पहली सीरीज़ में 316.9, दूसरी में 316.8 और तीसरी में 317.9 पॉइंट्स बनाए — तीसरी सीरीज़ उनकी सर्वश्रेष्ठ रही। चौथी सीरीज़ में 316.2 पॉइंट्स जोड़ने के बाद संचित स्कोर 1267.8 हो गया। पाँचवीं सीरीज़ में 314.8 के साथ थोड़ी गिरावट आई, लेकिन अंतिम सीरीज़ में 315.4 पॉइंट्स जोड़ते हुए टीम ने कुल 1897 पॉइंट्स पर समापन किया।
व्यक्तिगत फाइनल में भारतीय निशानेबाज़
57 एथलीट के मैदान में सोनम मस्कर ने 634.1 पॉइंट्स के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश किया। एलावेनिल वलारिवन 633.5 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर रहीं और वे भी फाइनल में हैं। विदरसा कोचलुमकल 630.4 पॉइंट्स के साथ 12वें स्थान पर रहीं, जो व्यक्तिगत फाइनल के लिए पर्याप्त नहीं था।
खिलाड़ियों का अनुभव और पृष्ठभूमि
एलावेनिल वलारिवन आईएसएसएफ विश्व कप में दो बार की स्वर्ण पदक विजेता हैं — उन्होंने 2019 और 2023 के विश्व कप में शीर्ष स्थान हासिल किया था। सोनम मस्कर ने आईएसएसएफ विश्व कप 2024 फाइनल में तीन रजत पदक जीते थे। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय निशानेबाज़ी टीम अपनी पिछली उपलब्धियों पर खरा उतरने का प्रयास कर रही है — भारत ने 2023 एशियन गेम्स में रिकॉर्ड 22 पदक जीते थे, जिनमें 7 स्वर्ण, 9 रजत और 6 कांस्य शामिल थे।
आगे की राह
एलावेनिल और सोनम के व्यक्तिगत फाइनल में पहुँचने से भारत के पास इस स्पर्धा में और पदक जोड़ने का मौका है। एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का पहला पदक है, और निशानेबाज़ी दल से अभी कई और प्रतिस्पर्धाएँ बाकी हैं।