ईरान ने NPT से निकलने का फैसला नहीं किया, रेजाई बोले — अमेरिका के रवैये पर टिका है भविष्य
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने शनिवार को स्पष्ट किया कि तेहरान ने अभी तक परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने का कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील प्रश्न का उत्तर पूरी तरह वाशिंगटन के आगामी रवैये पर निर्भर करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को केंद्रीय मुद्दे के रूप में उठाने की तैयारी में हैं।
रेजाई का बयान: फतवे पर कायम, लेकिन भविष्य अनिश्चित
रेजाई ने एक साक्षात्कार में कहा कि ईरान अभी भी देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा जारी उस धार्मिक फतवे का पालन कर रहा है, जिसमें परमाणु हथियारों के निर्माण को निषिद्ध किया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा, 'हमें नहीं पता कि भविष्य में क्या होगा।' यह संकेत कूटनीतिक दबाव में ईरान की बदलती स्थिति को दर्शाता है।
रेजाई ने यह भी कहा कि युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरान की शर्तें मानना वाशिंगटन के हित में है। उनके अनुसार इन शर्तों में सभी मोर्चों पर संघर्ष विराम, फ्रीज़ की गई ईरानी संपत्तियों की वापसी, और ईरान के विरुद्ध लगाई गई समुद्री नाकेबंदी को हटाना शामिल है।
मध्यस्थता और बातचीत की स्थिति
रेजाई ने बताया कि कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के साथ बातचीत जारी है और ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी वार्ता शुरू करने की अपनी पूर्व-शर्तें इन मध्यस्थों को स्पष्ट रूप से सूचित कर दी हैं। गौरतलब है कि 18 जून 2026 को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्र में सभी मोर्चों पर युद्धविराम को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए थे।
इस MOU के अंतर्गत 60 दिनों के भीतर किसी अंतिम समझौते तक पहुँचने के लिए वार्ता का प्रावधान था। यह समयसीमा 17 अगस्त 2026 को समाप्त हो गई, लेकिन हाल के हफ्तों में दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ने से इन वार्ताओं का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
28 फरवरी 2026 को इज़रायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से तेहरान सहित ईरान के अन्य शहरों पर हमले किए थे। जवाब में ईरान ने इज़रायल और क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य व नागरिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। साथ ही ईरान ने वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत संवेदनशील होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और कड़ी कर ली।
यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाएँ पहले से ही दबाव में थीं। होर्मुज़ से दुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन होता है, जिससे इस संकट का वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा असर पड़ा।
ट्रंप का संयुक्त राष्ट्र एजेंडा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह न्यूयॉर्क में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के नेताओं से मुलाकात करेंगे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इन बैठकों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम एक प्रमुख मुद्दा होगा। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप या अमेरिका का कोई प्रतिनिधि ईरानी अधिकारियों से सीधे मिलेगा या नहीं।
अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि तेहरान के साथ व्यापार करने वाली संस्थाओं को भविष्य में अतिरिक्त परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस कूटनीतिक गतिरोध का नतीजा आने वाले हफ्तों में वैश्विक परमाणु सुरक्षा ढाँचे की दिशा तय कर सकता है।