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मेटा को भारतीय कानूनों का पालन अनिवार्य, PM मोदी की पोस्ट ब्लॉक पर संसदीय समिति सख्त

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मेटा को भारतीय कानूनों का पालन अनिवार्य, PM मोदी की पोस्ट ब्लॉक पर संसदीय समिति सख्त

सारांश

PM मोदी की फेसबुक पोस्ट को पाँच-छह घंटे ब्लॉक रखने पर संसदीय समिति ने मेटा से तीन दिन में बिना शर्त माफी माँगी है — वरना 'सेफ हार्बर प्रोटेक्शन' खत्म होने की चेतावनी। आईटी मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा।

मुख्य बातें

आईटी मंत्रालय के सूत्रों ने 5 अगस्त को स्पष्ट किया कि मेटा सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों का पालन अनिवार्य है।
संसदीय समिति ने मार्क जुकरबर्ग से 3 दिनों के भीतर 'बिना शर्त माफी' माँगने को कहा है।
माफी न माँगने पर भारत में मेटा की 'सेफ हार्बर प्रोटेक्शन' समाप्त हो सकती है।
PM मोदी का वह वीडियो जिसमें वे छात्रों और 'जेन-ज़ी' को संबोधित कर रहे थे, फेसबुक पर लगभग 5-6 घंटे तक उपलब्ध नहीं था।
मेटा प्रतिनिधिमंडल ने आईटी सचिव एस.
कृष्णन से मुलाकात की; अगला दौर गुरुवार को निर्धारित।

नई दिल्ली, 5 अगस्तमेटा सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारत के स्थानीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य होगा। आईटी मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यह स्पष्ट किया, जब फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पोस्ट को लगभग पाँच से छह घंटे के लिए अवरुद्ध किए जाने का मामला तूल पकड़ चुका था।

संसदीय समिति की सख्त चेतावनी

संसदीय समिति ने मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से तीन दिनों के भीतर 'बिना शर्त माफी' माँगने को कहा है। समिति ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। यह वीडियो वह था जिसमें प्रधानमंत्री मोदी परीक्षा से जुड़े विवादों, पेपर लीक के मामलों पर सरकार की कार्रवाई के बारे में छात्रों और 'जेन-ज़ी' पीढ़ी को संबोधित कर रहे थे।

समिति ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भेजे गए एक पत्र में स्पष्ट किया कि यदि मेटा तय समय-सीमा में माफी नहीं माँगता, तो भारत में उसे मिलने वाली 'सेफ हार्बर प्रोटेक्शन' समाप्त हो सकती है — जो किसी भी सोशल मीडिया कंपनी के लिए बड़ा कानूनी जोखिम होगा।

मेटा प्रतिनिधिमंडल की अधिकारियों से मुलाकात

इस विवाद के बीच मेटा के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में आईटी सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल की इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात होनी थी।

अधिकारियों ने बैठक में मौजूदा नियमों के सख्त अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया और प्लेटफॉर्म के कथित दुरुपयोग की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का त्वरित समाधान ज़रूरी है।

मेटा का पक्ष

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मेटा और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके पास पहले से ही कड़े आंतरिक नियम और फैक्ट-चेकिंग प्रणालियाँ मौजूद हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके प्लेटफॉर्म पर जान-बूझकर किसी सामग्री का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाता।

आगे क्या होगा

सूत्रों के अनुसार, बुधवार को हुई यह बैठक पहले दौर की थी और अगला दौर गुरुवार को निर्धारित है। यह मामला भारत-मेटा संबंधों में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को लेकर लगातार सख्त रुख अपना रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका इस तरह खुलकर इस्तेमाल करने की धमकी नई है। सवाल यह है कि क्या यह दबाव की रणनीति है या वास्तव में नीतिगत बदलाव की शुरुआत। मेटा के लिए भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाज़ारों में से एक है — माफी माँगना राजनीतिक रूप से महँगा है, न माँगना व्यावसायिक रूप से।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेटा पर भारत में 'सेफ हार्बर प्रोटेक्शन' खत्म होने का क्या मतलब है?
'सेफ हार्बर प्रोटेक्शन' वह कानूनी ढाल है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उनके यूज़र्स द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए कानूनी जिम्मेदारी से बचाती है। यह सुरक्षा समाप्त होने पर मेटा को भारत में उपयोगकर्ताओं की हर आपत्तिजनक पोस्ट के लिए सीधे उत्तरदायी ठहराया जा सकता है।
PM मोदी की फेसबुक पोस्ट क्यों ब्लॉक हुई थी?
बताया जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी का वह वीडियो, जिसमें वे परीक्षा विवादों और पेपर लीक पर सरकार की कार्रवाई के बारे में छात्रों को संबोधित कर रहे थे, फेसबुक पर लगभग 5 से 6 घंटे तक उपलब्ध नहीं था। मेटा ने इसे गलत तरीके से हटाया गया मानते हुए जाँच की बात कही है।
संसदीय समिति ने मेटा से क्या माँगा है?
संसदीय समिति ने मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से तीन दिनों के भीतर 'बिना शर्त माफी' माँगने को कहा है। समिति ने यह माँग इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भेजे गए पत्र के माध्यम से की है।
आईटी मंत्रालय और मेटा के बीच बैठक में क्या हुआ?
मेटा के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आईटी सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की, जहाँ अधिकारियों ने नियमों के सख्त पालन पर जोर दिया। मेटा प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके पास आंतरिक फैक्ट-चेकिंग प्रणालियाँ मौजूद हैं और जानबूझकर किसी सामग्री का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाता।
इस विवाद का अगला कदम क्या होगा?
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को हुई बैठक पहले दौर की थी और अगला दौर गुरुवार को निर्धारित है। तीन दिन की समय-सीमा में मेटा की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि सरकार 'सेफ हार्बर' संबंधी कार्रवाई आगे बढ़ाती है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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