फेसबुक, इंस्टाग्राम और मैसेंजर वैश्विक स्तर पर डाउन, भारत समेत कई देशों के यूजर्स परेशान
सारांश
मुख्य बातें
मेटा के तीनों प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म — फेसबुक, इंस्टाग्राम और मैसेंजर — 12 जून को वैश्विक स्तर पर बाधित हो गए, जिससे भारत, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया समेत दर्जनों देशों के करोड़ों यूजर्स लॉग-इन नहीं कर पाए। यह आउटेज एक साथ तीनों प्लेटफॉर्म पर दर्ज की गई, जो मेटा के बुनियादी ढाँचे में व्यापक तकनीकी खराबी की ओर संकेत करती है।
किन सेवाओं पर पड़ा असर
फेसबुक पर यूजर्स न्यूज़ फीड खोलने, अपना प्रोफाइल पेज देखने और लॉग-इन करने में असमर्थ रहे। पोस्ट और रील साझा करने की सुविधा भी ठप रही। इंस्टाग्राम पर फीड एक्सेस बंद रही, मैसेज नहीं भेजे जा सके, स्टोरी अपलोड नहीं हुई और रील शेयर करना भी संभव नहीं हो पाया।
मैसेंजर पर भी संदेश भेजने और प्राप्त करने में रुकावटें सामने आईं। तीनों प्लेटफॉर्म पर एक साथ आई यह खराबी उन यूजर्स के लिए विशेष रूप से परेशानी का कारण बनी जो इन्हें व्यावसायिक और व्यक्तिगत संचार के लिए उपयोग करते हैं।
यूजर्स की प्रतिक्रिया
प्रभावित यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। एक यूजर ने लिखा कि इंस्टाग्राम डाउन है और वह अपने फोन पर रील नहीं देख पा रहे। एक अन्य यूजर ने बताया कि उनका फेसबुक पेज गायब हो गया है और वह लॉग-इन करने में असमर्थ हैं। आउटेज-ट्रैकिंग वेबसाइटों पर भी शिकायतों की संख्या में तेज़ उछाल देखा गया।
मेटा का पैमाना और इस आउटेज का महत्व
आँकड़ों के अनुसार, मेटा विश्व की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी है। फेसबुक के मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या 3.1 अरब से अधिक है, जबकि इंस्टाग्राम के उपयोगकर्ता 3 अरब के करीब पहुँच चुके हैं। मैसेंजर का उपयोग प्रतिमाह 1 अरब से अधिक लोग करते हैं। कंपनी के अनुसार, फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर और व्हाट्सऐप सहित उसके सभी ऐप्स का संयुक्त मासिक उपयोगकर्ता आधार लगभग 4 अरब तक पहुँच गया है।
गौरतलब है कि इस पैमाने की कंपनी में आउटेज का आर्थिक और सामाजिक प्रभाव व्यापक होता है — खासकर उन छोटे व्यवसायों पर जो अपने ग्राहकों तक पहुँचने के लिए इन प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं।
मेटा की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
रिपोर्ट लिखे जाने तक मेटा की ओर से आउटेज के कारण और सेवा बहाली की आधिकारिक समयसीमा के बारे में कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया था। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की एक साथ बाधा अक्सर सर्वर-स्तरीय या नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन की समस्या के कारण होती है। स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और सेवा बहाली के बाद अपडेट अपेक्षित है।