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सूरत सिविल अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या की आत्महत्या, स्वास्थ्य मंत्री ने 24 घंटे में जांच रिपोर्ट माँगी

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सूरत सिविल अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या की आत्महत्या, स्वास्थ्य मंत्री ने 24 घंटे में जांच रिपोर्ट माँगी

सारांश

सूरत सिविल अस्पताल के हॉस्टल में रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या की आत्महत्या ने स्वास्थ्य विभाग को हिला दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने 24 घंटे में जांच रिपोर्ट माँगी है और रैगिंग व मानसिक प्रताड़ना की संभावना की भी जांच होगी।

मुख्य बातें

हर्ष पंड्या , मूल निवासी मोडासा, अरावली जिला , ने सूरत सिविल अस्पताल के पीजी हॉस्टल के कमरा नंबर 1005 में आत्महत्या की।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
जांच कमेटी नए सिविल अस्पताल के सुपरिटेंडेंट और डीन की अध्यक्षता में गठित की गई है।
पूरी जांच की निगरानी गांधीनगर के डायरेक्टर सचदेव को सौंपी गई है।
जांच में रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना के पहलुओं की विशेष पड़ताल होगी।
खातोदरा पुलिस ने फोरेंसिक पोस्टमार्टम कराया है और हॉस्टल के छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

गुजरात के सूरत स्थित सिविल अस्पताल परिसर में रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या की आत्महत्या की घटना के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। 10 अगस्त को सामने आई इस दुखद घटना को गंभीरता से लेते हुए गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने तत्काल जांच कमेटी गठित करने और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

घटनाक्रम: क्या हुआ उस रात

पुलिस के अनुसार, डॉ. हर्ष पंड्या मूल रूप से अरावली जिले के मोडासा के निवासी थे और सूरत सिविल अस्पताल परिसर के लड़कों के पीजी हॉस्टल के कमरा नंबर 1005 में रह रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही खातोदरा पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। डॉक्टर का फोरेंसिक पोस्टमार्टम पैनल के माध्यम से कराया गया है और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने नए सिविल अस्पताल के सुपरिटेंडेंट और डीन की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने डॉ. हर्ष पंड्या के पिता से सीधे फोन पर बात की और उन्हें निष्पक्ष जांच एवं न्याय का भरोसा दिलाया। पूरी जांच की प्रत्यक्ष निगरानी गांधीनगर के डायरेक्टर सचदेव को सौंपी गई है। हॉस्टल में मौजूद सभी छात्रों के बयान सोमवार रात ही दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

रैगिंग और प्रताड़ना की भी होगी जांच

जांच के दौरान विशेष रूप से यह पता लगाया जाएगा कि डॉ. पंड्या के साथ किसी प्रकार की रैगिंग की घटना तो नहीं हुई थी। इसके अलावा उन्हें मानसिक रूप से परेशान या प्रताड़ित किए जाने की कोई शिकायत थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। जांच कमेटी के सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि रात में जांच पूरी करने के बाद ही वे घर जाएँ।

आगे क्या होगा

पुलिस हॉस्टल में मौजूद अन्य छात्रों से भी जानकारी जुटा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन परिस्थितियों में डॉ. पंड्या ने यह कदम उठाया। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। गौरतलब है कि देश में रेजिडेंट डॉक्टरों पर मानसिक दबाव और कार्यस्थल पर प्रताड़ना की घटनाएँ पहले भी चिंता का विषय बनती रही हैं, और यह मामला उस व्यापक बहस को फिर से केंद्र में ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रैगिंग और मानसिक दबाव की शिकायतें वर्षों से सामने आती रही हैं, जिन पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 24 घंटे की जांच की समयसीमा प्रशासनिक तत्परता दिखाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह जांच सतह से गहरी जाएगी या केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी। रैगिंग-विरोधी कानून और मेडिकल काउंसिल के दिशानिर्देश कागज़ों पर मज़बूत हैं, पर क्रियान्वयन की खाई अभी भी चौड़ी है। जब तक मेडिकल शिक्षा संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता को संस्थागत रूप नहीं दिया जाता, ऐसी त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत में किस रेजिडेंट डॉक्टर ने आत्महत्या की और वे कौन थे?
डॉ. हर्ष पंड्या ने सूरत सिविल अस्पताल परिसर के पीजी हॉस्टल के कमरा नंबर 1005 में आत्महत्या की। वे मूल रूप से अरावली जिले के मोडासा के निवासी थे।
गुजरात सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने नए सिविल अस्पताल के सुपरिटेंडेंट और डीन की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने डॉ. पंड्या के पिता से सीधे बात कर न्याय का भरोसा दिलाया।
क्या इस मामले में रैगिंग की जांच भी होगी?
हाँ, जांच कमेटी विशेष रूप से यह पता लगाएगी कि डॉ. पंड्या के साथ रैगिंग हुई थी या नहीं। मानसिक प्रताड़ना के किसी भी पहलू की भी पड़ताल की जाएगी।
जांच की निगरानी कौन कर रहा है?
पूरी जांच की प्रत्यक्ष निगरानी गांधीनगर के डायरेक्टर सचदेव को सौंपी गई है। खातोदरा पुलिस भी समानांतर रूप से जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम और आगे की जांच की स्थिति क्या है?
डॉ. पंड्या का फोरेंसिक पोस्टमार्टम पैनल के माध्यम से कराया गया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है; हॉस्टल के सभी छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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