सेंसेक्स 177 अंक चढ़ा, होर्मुज अनिश्चितता के बीच बाजार फ्लैट खुला; IT-ऑटो में बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 10 अगस्त को शुरुआती कारोबार में 177 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,676 के स्तर पर पहुँचा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 0.2 प्रतिशत चढ़कर 24,620 पर कारोबार करता दिखा। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका-ईरान वार्ता में जारी अनिश्चितता और इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी महंगाई आँकड़ों की प्रतीक्षा के बीच बाजार सतर्क रुख के साथ खुला।
बाजार का शुरुआती प्रदर्शन
सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 78,499.17 से मात्र 2.41 अंक की बढ़त के साथ 78,501.59 पर खुला। इसी तरह निफ्टी50 अपने पिछले बंद 24,570.65 से 10.59 अंक ऊपर 24,581.25 पर खुला। शुरुआती घंटे में सेंसेक्स ने 78,676 का स्तर छुआ, हालाँकि बाद के सत्र में बाजार में हल्की गिरावट देखी गई।
व्यापक बाजारों में निफ्टी मिडकैप में 0.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.13 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ दबाव में रहा।
सेक्टरवार प्रदर्शन
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल, निफ्टी फार्मा और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स हरे निशान में रहे। दूसरी ओर, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में बिकवाली का दबाव रहा।
निफ्टी50 के प्रमुख लाभार्थी शेयरों में टाइटन कंपनी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, ग्रासिम, सिप्ला, इंफोसिस और ट्रेंट शामिल रहे। वहीं भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को, पावरग्रिड, इटरनल और रिलायंस के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य और भू-राजनीतिक अनिश्चितता
बाजार की सतर्कता का प्रमुख कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका-ईरान वार्ता में जारी गतिरोध है। ईरान ने वाशिंगटन के साथ इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने पर सीधी बातचीत के दावों को खारिज किया है, जिससे माल ढुलाई की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने समझौते के निकट होने के संकेत दिए थे, जिससे बाजार में आशावाद बढ़ा था। हालाँकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बाद में स्पष्ट किया कि अमेरिका तेहरान के साथ केवल 'आंशिक रूप से बातचीत' कर रहा है और आर्थिक दबाव जारी रखने का इरादा रखता है। यह ऐसे समय में आया है जब कच्चे तेल की कीमतें पहले से ही वैश्विक आपूर्ति चिंताओं के कारण दबाव में हैं।
तकनीकी विश्लेषण और आगे की दिशा
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनावों में आंशिक कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा में कुछ सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि बीते शुक्रवार निफ्टी50 65.35 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ था, फिर भी यह अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है।
तकनीकी संकेतकों की बात करें तो RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 59.89 पर है, जो तेजी वाले क्षेत्र में माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,450–24,500 का क्षेत्र निकटतम सपोर्ट जोन है, जबकि 24,750–24,800 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस के रूप में सामने है। निकट अवधि में सीमित दायरे में कारोबार और कंसोलिडेशन की संभावना जताई जा रही है। रेजिस्टेंस के ऊपर निर्णायक बढ़त मिलने पर नई खरीदारी का रास्ता खुल सकता है।
इस सप्ताह अमेरिका के प्रमुख महंगाई आँकड़ों के जारी होने की प्रतीक्षा में निवेशकों की सतर्कता बनी रहने की संभावना है, जो बाजार की आगामी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।