अमेरिका-ईरान तनाव से सेंसेक्स 251 अंक टूटा, 77,017 पर बंद; वैश्विक बाज़ारों में भी कमज़ोरी

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अमेरिका-ईरान तनाव से सेंसेक्स 251 अंक टूटा, 77,017 पर बंद; वैश्विक बाज़ारों में भी कमज़ोरी

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव ने मंगलवार को भारतीय बाज़ारों को हिला दिया। सेंसेक्स 251 अंक और निफ्टी 86 अंक टूटा। बैंकिंग, रियल्टी और ऑयल-गैस सेक्टर सबसे अधिक दबाव में रहे, जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप ने बेहतर प्रदर्शन किया।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 5 मई 2026 को 251.61 अंक (0.33%) गिरकर 77,017.79 पर बंद हुआ।
NSE निफ्टी50 86.50 अंक (0.36%) फिसलकर 24,032.80 पर आया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ी चेतावनी दी, जिससे वैश्विक बाज़ारों में घबराहट बढ़ी।
निफ्टी बैंक , रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर सबसे अधिक दबाव में रहे; ऑटो , फार्मा और आईटी बेहतर रहे।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.28% और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.17% की तेज़ी दर्ज हुई।
एसएंडपी 500 भी रिकॉर्ड ऊँचाई से नीचे आया; एशियाई बाज़ारों में भी गिरावट रही।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स मंगलवार, 5 मई 2026 को 251.61 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,017.79 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी50 86.50 अंक (0.36 प्रतिशत) फिसलकर 24,032.80 पर आ गया। मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर छिड़े संकट ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया, जिसका सीधा असर घरेलू बाज़ार पर दिखा।

मुख्य बाज़ार आँकड़े

दिन के कारोबार में सेंसेक्स 77,103.72 पर खुला और इंट्रा-डे में 77,151.33 का उच्चतम स्तर तथा 76,515.03 का निम्नतम स्तर छुआ। निफ्टी50 24,052.60 पर खुलकर 24,081.70 के हाई और 23,882.05 के लो तक गया। बैंक निफ्टी सूचकांक भी 187.20 अंक (0.34 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 54,691.30 पर खुला।

सेक्टरवार प्रदर्शन

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी, निफ्टी बैंक, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांकों का प्रदर्शन कमज़ोर रहा। दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा और निफ्टी आईटी ने बेहतर प्रदर्शन किया। व्यापक बाज़ारों में अपेक्षाकृत तेज़ी रही — निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.28 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

निफ्टी50 के शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंडाल्को, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी लाइफ, नेस्ले इंडिया और बजाज फाइनेंस हरे निशान में बंद हुए। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, कोल इंडिया, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, जेएसडब्ल्यू स्टील और इटरनल सबसे अधिक दबाव में रहे।

अमेरिका-ईरान तनाव: बाज़ार पर असर

मध्य पूर्व में पिछले चार सप्ताह से चल रहा नाज़ुक संघर्षविराम टूटने की कगार पर बताया जा रहा है। अचानक शुरू हुई गोलीबारी में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के भी शामिल होने की खबरें हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और गहरी हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा और कहा कि यदि ईरान मालवाहक जहाज़ों की रक्षा करने वाले अमेरिकी जहाज़ों को निशाना बनाता है तो उसे 'धरती के नक्शे से मिटा दिया जाएगा'। इस बयान ने वैश्विक निवेशकों में घबराहट बढ़ाई।

वैश्विक बाज़ारों का हाल

एशियाई बाज़ारों में भी मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाज़ार में रात भर में बिकवाली हुई और एसएंडपी 500 अपनी रिकॉर्ड ऊँचाई से नीचे आ गया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भू-राजनीतिक दबाव पहले से ही बना हुआ है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व के कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, जिससे किसी भी संकट का सीधा असर ऊर्जा कीमतों और बाज़ार धारणा पर पड़ता है।

आगे क्या

विश्लेषकों के अनुसार मध्य पूर्व में स्थिति के और बिगड़ने पर बाज़ार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों की नज़र अब अमेरिकी विदेश नीति के अगले कदम और कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी है, जो घरेलू महँगाई और बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहराई से देखें तो यह भारतीय बाज़ार की उस पुरानी कमज़ोरी को उजागर करती है जिसमें घरेलू फंडामेंटल मज़बूत होने के बावजूद वैश्विक अनिश्चितता पर तीखी प्रतिक्रिया होती है। होर्मुज संकट का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, जो भारत के आयात बिल और मुद्रास्फीति दोनों के लिए संवेदनशील है। उल्लेखनीय है कि बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर की गिरावट, जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप में तेज़ी, यह संकेत देती है कि घरेलू खुदरा निवेशक अभी भी आशावादी हैं — असली परीक्षा तब होगी जब तेल की कीमतें चढ़ेंगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 मई 2026 को सेंसेक्स कितना गिरा?
5 मई 2026 को BSE सेंसेक्स 251.61 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,017.79 पर बंद हुआ। निफ्टी50 भी 86.50 अंक (0.36%) फिसलकर 24,032.80 पर आ गया।
शेयर बाज़ार में गिरावट का कारण क्या रहा?
मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया। होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट और UAE के संघर्ष में शामिल होने की खबरों ने भी बाज़ार पर दबाव बढ़ाया।
किन सेक्टरों में सबसे अधिक गिरावट रही?
निफ्टी रियल्टी, निफ्टी बैंक, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे अधिक दबाव में रहे। आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट दर्ज की गई।
क्या स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों पर भी असर पड़ा?
नहीं, व्यापक बाज़ारों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.28 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.17 प्रतिशत की तेज़ी दर्ज की गई, जो दर्शाता है कि घरेलू निवेशकों का विश्वास अपेक्षाकृत बना रहा।
होर्मुज जलडमरूमध्य का भारतीय बाज़ार से क्या संबंध है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व के कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है और भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का बड़ा भाग आयात से पूरा करता है। इस क्षेत्र में कोई भी संकट तेल की कीमतें बढ़ा सकता है, जिससे भारत का आयात बिल, मुद्रास्फीति और बाज़ार धारणा सभी प्रभावित होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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