कोलकाता: दूसरे चरण के मतदान से पहले होटलों-लॉज पर कड़ी निगरानी, बाहरी लोगों की होगी जांच
सारांश
Key Takeaways
- 29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले कोलकाता में सुरक्षा कड़ी की गई।
- लालबाजार पुलिस मुख्यालय के आदेश पर शहर के सभी होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों को निगरानी में लिया गया।
- पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने हर थाने को अपने क्षेत्र के होटलों पर नजर रखने का सीधा निर्देश दिया।
- हर मेहमान का वैध पहचान पत्र जांचना और उसकी जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य किया गया।
- प्रत्येक महत्वपूर्ण नाका चेक-पोस्ट पर दो-दो IPS अधिकारी तैनात किए गए हैं।
- रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और शहर के प्रवेश बिंदुओं पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
कोलकाता, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 29 अप्रैल 2026 को होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले कोलकाता पुलिस ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। लालबाजार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शहर के हर छोटे-बड़े होटल, लॉज और गेस्ट हाउस को कड़ी निगरानी के दायरे में लाया गया है। बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की जांच और उसकी जानकारी पुलिस थाने को देना अब अनिवार्य कर दिया गया है।
लालबाजार का सख्त आदेश — हर होटल-लॉज निगरानी में
कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने शहर के सभी पुलिस स्टेशनों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्थित सभी होटलों, गेस्ट हाउसों और लॉज पर पैनी नजर रखें। होटल संचालकों को हर मेहमान का वैध पहचान पत्र जांचना होगा और यह जानकारी नजदीकी पुलिस थाने के साथ साझा करनी होगी।
पुलिस का विशेष जोर उन बजट लॉज और छोटे गेस्ट हाउसों पर है जहां अक्सर पहचान जांच में लापरवाही बरती जाती है। लालबाजार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, "चुनावों के दौरान शहर में बाहर से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि कोई भी व्यक्ति अशांति या अवैध गतिविधियों में शामिल न हो।"
मेहमानों की विस्तृत जानकारी जुटाने पर जोर
होटल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक मेहमान के बारे में तीन बुनियादी सवालों के जवाब दर्ज हों — कहां से आ रहा है, किस उद्देश्य से आया है और कितने समय तक रुकेगा। यह जानकारी सीधे संबंधित पुलिस स्टेशन को भेजी जाएगी।
विभिन्न पुलिस स्टेशनों के अधिकारी पहले से ही अपने-अपने इलाकों में होटल मालिकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें इन नए नियमों की जानकारी दे रहे हैं। यह अभियान चुनाव से पहले पूरी तरह लागू हो जाए, इसके लिए पुलिस तेजी से काम कर रही है।
रात्रि नाका चेक और IPS अधिकारियों की तैनाती
होटल निगरानी के अलावा, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और शहर के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। रात में नाका चेक-पॉइंट, मोबाइल गश्त और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
सबसे अहम बात यह है कि हर महत्वपूर्ण चेक-पोस्ट पर दो-दो आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है ताकि रात्रि नाका जांच में किसी भी तरह की ढिलाई न हो और वरिष्ठ स्तर पर सीधी निगरानी सुनिश्चित हो सके।
गहन संदर्भ — चुनावी हिंसा का इतिहास और सुरक्षा की जरूरत
पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का एक लंबा इतिहास रहा है। 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान और बाद में हिंसा की व्यापक घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें बाहर से आए तत्वों की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। इसी पृष्ठभूमि में इस बार पुलिस की यह रणनीति अधिक व्यवस्थित और पूर्व-योजनाबद्ध दिखती है।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने भी इस बार बंगाल में अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की है। होटल निगरानी की यह पहल उसी व्यापक सुरक्षा ढांचे का हिस्सा है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे उपाय तभी कारगर होते हैं जब इन्हें निष्पक्षता से लागू किया जाए — किसी एक पक्ष के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी संभावित गड़बड़ियों के विरुद्ध।
29 अप्रैल के दूसरे चरण के मतदान के नतीजे और उसके दौरान शांति व्यवस्था यह तय करेगी कि कोलकाता पुलिस की यह व्यापक तैयारी कितनी कारगर साबित होती है।