10 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोलकाता पुलिस: 2016 के दंडात्मक तबादले के 82 अधिकारियों की वापसी की प्रक्रिया शुरू, गृह विभाग से मंजूरी का इंतजार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोलकाता पुलिस: 2016 के दंडात्मक तबादले के 82 अधिकारियों की वापसी की प्रक्रिया शुरू, गृह विभाग से मंजूरी का इंतजार

सारांश

2016 के विधानसभा चुनावों में निष्पक्ष रहने की 'सज़ा' के तौर पर जिलों में भेजे गए कोलकाता पुलिस के 82 अधिकारियों की वापसी की प्रक्रिया 10 साल बाद शुरू हुई है। पुलिस आयुक्त अजय नंद ने गृह विभाग को पत्र लिखा है — 2024 में भी यही कोशिश हुई थी, पर मंजूरी नहीं मिली थी।

मुख्य बातें

82 जूनियर पुलिस अधिकारियों को 2016 के विधानसभा चुनावों के बाद दंडात्मक तबादले के तहत जिलों में भेजा गया था।
पिछले 10 वर्षों में इनमें से किसी को भी कोलकाता पुलिस में वापस नहीं लाया गया था।
पुलिस आयुक्त अजय नंद ने गृह विभाग को पत्र लिखकर इन कर्मियों की वापसी की अनुमति माँगी है।
इससे पहले जनवरी 2024 में निलंबित आईपीएस विनीत कुमार गोयल का ऐसा ही प्रस्ताव उच्च अधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया था।
कोलकाता पुलिस में वर्तमान में सब-इंस्पेक्टर के 673 पद रिक्त हैं।

कोलकाता पुलिस के उन 82 जूनियर अधिकारियों को वापस बुलाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिन्हें 2016 के विधानसभा चुनावों में कथित तौर पर निष्पक्ष रहने और सत्तारूढ़ दल के मौखिक निर्देशों की अनदेखी करने के कारण दंडात्मक तबादले के तहत अन्य जिलों में भेज दिया गया था। वर्तमान पुलिस आयुक्त अजय नंद ने राज्य के गृह विभाग को पत्र लिखकर इन कर्मियों को पुनः कोलकाता पुलिस के अधीन लाने की अनुमति माँगी है।

मुख्य घटनाक्रम

कोलकाता पुलिस के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, 2016 में चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने और तत्कालीन सत्तारूढ़ दल के नेताओं के निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप में कुल 82 जूनियर स्तर के पुलिस अधिकारियों को दंडात्मक तबादले के तहत विभिन्न जिलों में भेजा गया था। पिछले 10 वर्षों में इनमें से किसी को भी कोलकाता पुलिस में वापस नहीं लाया गया।

उस समय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद और पूर्व आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार कोलकाता के पुलिस आयुक्त पद पर थे। गौरतलब है कि यह प्रकरण राज्य पुलिस और राजनीतिक हस्तक्षेप के बीच चले आ रहे तनाव का प्रतीक माना जाता है।

पहले भी हुई थी कोशिश, नहीं मिली मंजूरी

जनवरी 2024 में जब भांगर डिवीजन को कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया, तब तत्कालीन पुलिस आयुक्त और वर्तमान में निलंबित आईपीएस अधिकारी विनीत कुमार गोयल ने नए डिवीजन की अतिरिक्त जनशक्ति आवश्यकता को पूरा करने के लिए इन 82 अधिकारियों की वापसी का प्रस्ताव रखा था। हालाँकि, सूत्रों के अनुसार, वह प्रस्ताव उच्च अधिकारियों की मंजूरी नहीं पा सका।

आम जनता और पुलिस व्यवस्था पर असर

कोलकाता पुलिस में वर्तमान में सब-इंस्पेक्टर के 673 पद रिक्त हैं। एक सूत्र के अनुसार, 'चाहे थाना स्तर हो या विभिन्न इकाइयों का स्तर, सब-इंस्पेक्टर पूरी जाँच प्रक्रिया की बुनियाद होते हैं। इसलिए उस स्तर पर कर्मचारियों की कमी अक्सर सुचारु कार्यप्रणाली में बाधा डालती है।'

यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता पुलिस पर कार्यकुशलता और जवाबदेही को लेकर कई स्तरों से सवाल उठाए जा रहे हैं। 673 रिक्त पदों के साथ जाँच की गुणवत्ता और प्रतिक्रिया समय पर सीधा असर पड़ता है।

अंतरिम उपाय और आगे की राह

पुलिस आयुक्त अजय नंद ने नई भर्तियाँ होने तक की अंतरिम अवधि में कमी को आंशिक रूप से पूरा करने के लिए राज्य पुलिस से कुछ कर्मियों को कोलकाता पुलिस में स्थानांतरित करने का भी अनुरोध किया है। यह प्रस्ताव फिलहाल गृह विभाग की स्वीकृति की प्रतीक्षा में है।

यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या राज्य सरकार इस बार वह मंजूरी देती है जो 2024 में नहीं मिल सकी थी — और क्या दशक भर से लंबित यह प्रशासनिक सुधार अंततः आकार ले पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और राजनीतिक इच्छाशक्ति के बिना प्रशासनिक सुधार कितने कमज़ोर पड़ जाते हैं। 673 रिक्त सब-इंस्पेक्टर पदों की पृष्ठभूमि में यह वापसी व्यावहारिक ज़रूरत भी है, पर असली परीक्षा यह है कि गृह विभाग इस बार मंजूरी देता है या नहीं — क्योंकि वही राजनीतिक संकेत देगा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता पुलिस के 82 अधिकारियों को 2016 में क्यों तबादला किया गया था?
कथित तौर पर इन अधिकारियों को 2016 के विधानसभा चुनावों में निष्पक्ष भूमिका निभाने, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने और सत्तारूढ़ दल के नेताओं के मौखिक निर्देशों की अनदेखी करने के कारण दंडात्मक तबादले के तहत जिलों में भेजा गया था। पिछले 10 वर्षों में इनमें से किसी को भी वापस नहीं बुलाया गया।
अब इन अधिकारियों की वापसी की प्रक्रिया किसने शुरू की है?
वर्तमान पुलिस आयुक्त अजय नंद ने राज्य के गृह विभाग को पत्र लिखकर इन 82 अधिकारियों को कोलकाता पुलिस में वापस लाने की अनुमति माँगी है। यह प्रस्ताव अभी गृह विभाग की मंजूरी की प्रतीक्षा में है।
क्या पहले भी इन अधिकारियों को वापस लाने की कोशिश हुई थी?
हाँ, जनवरी 2024 में जब भांगर डिवीजन कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आया, तब तत्कालीन पुलिस आयुक्त और अब निलंबित आईपीएस अधिकारी विनीत कुमार गोयल ने इन्हें वापस लाने का प्रस्ताव दिया था। हालाँकि, वह प्रस्ताव उच्च अधिकारियों की मंजूरी नहीं पा सका।
कोलकाता पुलिस में अभी कितने पद रिक्त हैं?
कोलकाता पुलिस में वर्तमान में सब-इंस्पेक्टर के 673 पद रिक्त हैं। सूत्रों के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर जाँच प्रक्रिया की बुनियाद होते हैं और इस स्तर पर कमी सुचारु कार्यप्रणाली में बाधा डालती है।
2016 में कोलकाता के पुलिस आयुक्त कौन थे?
2016 में कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार थे, जो बाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद बने और पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले