27 जुलाई 2026
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वडकारा MDMA ड्रग रैकेट: दो महिला शिक्षिकाओं की पुलिस हिरासत मांगेगी केरल पुलिस, बड़े नेटवर्क की तलाश

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वडकारा MDMA ड्रग रैकेट: दो महिला शिक्षिकाओं की पुलिस हिरासत मांगेगी केरल पुलिस, बड़े नेटवर्क की तलाश

सारांश

केरल के शिक्षा जगत को हिला देने वाला वडकारा MDMA रैकेट अब और गहरा होता जा रहा है — QR कोड भुगतान, GPS लोकेशन और बैंक खातों के बीच धन हस्तांतरण से बना यह नेटवर्क बताता है कि मामला सिर्फ दो शिक्षिकाओं तक सीमित नहीं है। पुलिस अब बड़े सिंडिकेट की तलाश में है।

मुख्य बातें

केरल पुलिस वडकारा की दोनों गिरफ्तार महिला शिक्षिकाओं — केसी कीर्तनना और काव्या — की पुलिस हिरासत के लिए अदालत जाएगी।
मामला 'ऑपरेशन तूफान' के दौरान उजागर हुआ, जब सफवान और रिजवान को 2 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया गया।
नेटवर्क में क्यूआर कोड से भुगतान और जीपीएस लोकेशन के जरिए ड्रग्स डिलीवरी की व्यवस्था थी।
कीर्तनना के खाते से काव्या के खाते में रकम ट्रांसफर कर संदेह से बचने की कोशिश की जाती थी।
कीर्तनना को रविवार को सेवा से बर्खास्त किया गया; काव्या की बर्खास्तगी का आदेश शीघ्र संभावित।
जांच में अन्य शिक्षकों की संलिप्तता और नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों की भी पड़ताल जारी है।

केरल पुलिस ने कोझिकोड जिले के वडकारा से जुड़े बहुचर्चित एमडीएमए ड्रग रैकेट मामले की जांच को नई गति दी है। गिरफ्तार दोनों महिला शिक्षिकाओं — केसी कीर्तनना (मरुथोनकारा) और काव्या (कूराचुंडु) — की पुलिस हिरासत के लिए जांच टीम जल्द ही अदालत का रुख करेगी। जांचकर्ताओं का फोकस अब इस मादक पदार्थ सिंडिकेट के सप्लायरों, डिलीवरी एजेंटों और वित्तीय लाभार्थियों की पहचान पर केंद्रित है।

मुख्य घटनाक्रम

यह मामला 'ऑपरेशन तूफान' के दौरान सामने आया — नशे के विरुद्ध चलाए गए एक विशेष अभियान में, जिसका नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (डीवाईएसपी) ने किया था। करीब दो सप्ताह पहले वडकारा पुलिस ने सफवान और रिजवान को 2 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया। उनके बैंक लेनदेन की फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर कीर्तनना और काव्या के खातों में बड़ी रकम भेजे जाने के सुराग मिले, जिसके बाद दोनों शिक्षिकाओं को गिरफ्तार किया गया।

कैसे काम करता था नेटवर्क

जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों आरोपी शिक्षिकाएं कथित तौर पर इस संगठित एमडीएमए वितरण नेटवर्क में प्रमुख बिचौलियों की भूमिका निभा रही थीं। ग्राहक क्यूआर कोड के जरिए भुगतान करते थे, जिसके बाद आरोपी ड्रग्स के छिपाए गए पैकेट का जीपीएस लोकेशन भेज देती थीं। इसके बाद नेटवर्क का कोई अन्य सदस्य वहां से मादक पदार्थ ग्राहक तक पहुंचाता था। पुलिस को यह भी संदेह है कि कीर्तनना के बैंक खाते में आई बड़ी रकम बाद में काव्या के खाते में स्थानांतरित की जाती थी, ताकि संदेह से बचा जा सके।

जांच की दिशा

जांच टीम की योजना दोनों महिलाओं से एक साथ पूछताछ करने की है। अधिकारियों का मानना है कि संयुक्त पूछताछ से नेटवर्क के पूरे ढांचे — सप्लायरों, डिलीवरी एजेंटों और आर्थिक लाभ उठाने वालों — का खुलासा हो सकेगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट में अन्य शिक्षक भी शामिल थे।

विभागीय कार्रवाई

केरल के शिक्षा क्षेत्र को झकझोर देने वाले इस मामले में विभागीय कार्रवाई भी तेज हो गई है। समग्र शिक्षा केरल के तहत पेराम्बरा ब्लॉक रिसोर्स सेंटर में विशेष शारीरिक शिक्षा शिक्षिका के रूप में कार्यरत कीर्तनना को रविवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। वहीं, सामान्य शिक्षा विभाग अस्थायी शिक्षिका काव्या को भी सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जल्द जारी कर सकता है।

आगे क्या होगा

जांचकर्ताओं का मानना है कि पुलिस हिरासत में पूछताछ से ड्रग कारोबार को वित्तीय मदद देने वाले व्यक्तियों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में निर्णायक मदद मिलेगी। यह मामला केरल में शिक्षा जगत और मादक पदार्थ तस्करी के बीच संभावित संबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठाता है, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वडकारा MDMA ड्रग रैकेट मामला क्या है?
यह केरल के कोझिकोड जिले के वडकारा से जुड़ा एक एमडीएमए ड्रग तस्करी मामला है, जिसमें दो महिला शिक्षिकाओं — केसी कीर्तनना और काव्या — को संगठित ड्रग वितरण नेटवर्क में बिचौलिये के रूप में काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला 'ऑपरेशन तूफान' के दौरान उजागर हुआ।
इस ड्रग नेटवर्क में QR कोड और GPS का इस्तेमाल कैसे होता था?
जांचकर्ताओं के अनुसार ग्राहक QR कोड के जरिए भुगतान करते थे, जिसके बाद आरोपी ड्रग्स के छिपे पैकेट का GPS लोकेशन भेज देती थीं। इसके बाद नेटवर्क का कोई अन्य सदस्य वहां से मादक पदार्थ ग्राहक तक पहुंचाता था।
गिरफ्तार शिक्षिकाओं पर विभागीय कार्रवाई क्या हुई?
समग्र शिक्षा केरल के तहत कार्यरत कीर्तनना को रविवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। अस्थायी शिक्षिका काव्या को भी सामान्य शिक्षा विभाग जल्द बर्खास्त करने का आदेश जारी कर सकता है।
केरल पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी?
पुलिस दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत के लिए अदालत का रुख करेगी और उनसे एक साथ पूछताछ की योजना है। जांचकर्ता नेटवर्क के सप्लायरों, डिलीवरी एजेंटों, वित्तीय लाभार्थियों और अन्य संभावित संलिप्त शिक्षकों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
यह मामला पहली बार कैसे सामने आया?
वडकारा पुलिस ने करीब दो सप्ताह पहले सफवान और रिजवान को 2 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया था। उनके बैंक लेनदेन की फॉरेंसिक जांच में कीर्तनना और काव्या के खातों में बड़ी रकम भेजे जाने का सुराग मिला, जिससे यह मामला सामने आया।
राष्ट्र प्रेस
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