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कोलकाता में दो थाई महिलाएं MDMA के साथ गिरफ्तार, बैंकॉक से तस्करी का आरोप

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कोलकाता में दो थाई महिलाएं MDMA के साथ गिरफ्तार, बैंकॉक से तस्करी का आरोप

सारांश

कोलकाता एसटीएफ ने भवानीपुर के एक होटल में छापा मारकर बैंकॉक से पर्यटक वीजा पर आई दो थाई महिलाओं को 20 ग्राम MDMA के साथ दबोचा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों को तस्करी का प्रशिक्षण मिला था और वे कोलकाता के स्थानीय गिरोह को नशा सौंपने आई थीं।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस के एसटीएफ ने भवानीपुर के एक होटल में छापा मारकर दो थाई महिलाओं — सुपावादी सुकुलियत और सुथुवाना कुट — को गिरफ्तार किया।
दोनों के पास से 20 ग्राम प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए (MDMA / 'मॉली') बरामद हुई, जिसकी कीमत ₹1 लाख से अधिक बताई गई है।
दोनों महिलाएं पर्यटक वीजा पर बैंकॉक से एनएससीबीआई हवाई अड्डे के रास्ते कोलकाता पहुंची थीं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्हें तस्करी का विशेष प्रशिक्षण मिला था और वे हवाई अड्डे के स्कैनर से बचने में सक्षम थीं।
जांचकर्ता कोलकाता में सक्रिय तस्करी गिरोह के स्थानीय एजेंटों की तलाश कर रहे हैं।

कोलकाता पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने मंगलवार को दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर इलाके में एक होटल पर छापा मारकर थाईलैंड की दो महिला नागरिकों को प्रतिबंधित सिंथेटिक नशीले पदार्थ एमडीएमए (MDMA) के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएं पर्यटक वीजा पर बैंकॉक से नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रास्ते कोलकाता पहुंची थीं और यहाँ सक्रिय तस्करी गिरोह के एजेंटों को नशीला पदार्थ सौंपने वाली थीं।

गिरफ्तारी का विवरण

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों थाई महिलाओं के नाम सुपावादी सुकुलियत और सुथुवाना कुट हैं। वे मंगलवार सुबह एनएससीबीआई हवाई अड्डे पर उतरने के बाद सीधे भवानीपुर के एक होटल में ठहरने पहुंचीं। खुफिया सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने होटल में तलाशी ली, जिसमें दोनों के पास से 20 ग्राम 'मॉली' (क्रिस्टल रूप में एमडीएमए) बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, बरामद नशीले पदार्थ की बाज़ार कीमत ₹1 लाख से अधिक आंकी गई है।

नशीले पदार्थ की प्रकृति

एमडीएमए एक सिंथेटिक ड्रग है जो गोली के रूप में 'एक्स्टसी' और क्रिस्टल रूप में 'मॉली' के नाम से जानी जाती है। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस पदार्थ की मांग कोलकाता के कुछ इलाकों में सप्ताहांत पर आयोजित होने वाली रेव पार्टियों में शामिल युवाओं के बीच बढ़ रही है। एमडीएमए के अलावा एलएसडी और कोकीन जैसे विदेशी नशीले पदार्थ भी इन पार्टियों में कथित तौर पर प्रचलन में हैं।

तस्करी का नेटवर्क

एसटीएफ अधिकारियों को पिछले कुछ समय से खुफिया जानकारी मिल रही थी कि बैंकॉक से कोलकाता तक एक संगठित नशा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। जांचकर्ताओं के अनुसार, कोलकाता में मौजूद गिरोह के एजेंट इन महिलाओं के आने-जाने और ठहरने की व्यवस्था करते थे। तस्करों से आमतौर पर डार्क वेब या अन्य गुप्त माध्यमों के जरिए संपर्क किए जाने की बात सामने आई है।

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

पूछताछ के दौरान दोनों गिरफ्तार महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी का विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। उनका दावा था कि वे नशीले पदार्थों को इस तरह छिपाकर ले जाती थीं कि बैंकॉक और कोलकाता हवाई अड्डों पर स्कैनर से जांच के दौरान भी पकड़ में नहीं आता। जांचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या इन दोनों ने पहले भी कोलकाता या देश के अन्य शहरों में तस्करी की है।

आगे की जांच

पुलिस ने बताया कि दोनों महिलाओं से पूछताछ जारी है और कोलकाता में सक्रिय तस्करी गिरोह के सदस्यों की तलाश की जा रही है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में विदेशी सिंथेटिक नशीले पदार्थों की आवक पर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एलएसडी और कोकीन की बढ़ती मांग और डार्क वेब के जरिए आपूर्ति श्रृंखला का संयोजन बताता है कि यह मामला अकेला नहीं है; असली सवाल यह है कि कोलकाता में मौजूद स्थानीय गिरोह कितने गहरे जड़ें जमा चुका है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता में गिरफ्तार थाई महिलाओं पर क्या आरोप है?
दोनों थाई महिलाओं — सुपावादी सुकुलियत और सुथुवाना कुट — पर पर्यटक वीजा की आड़ में बैंकॉक से कोलकाता में प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए की तस्करी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, वे यह नशीला पदार्थ कोलकाता के स्थानीय तस्करी गिरोह के एजेंटों को सौंपने वाली थीं।
एमडीएमए (MDMA) क्या है और यह क्यों प्रतिबंधित है?
एमडीएमए एक सिंथेटिक साइकोएक्टिव ड्रग है जिसे गोली के रूप में 'एक्स्टसी' और क्रिस्टल रूप में 'मॉली' कहा जाता है। यह भारत में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) अधिनियम के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है क्योंकि यह मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव डालती है और नशे की लत लगाती है।
कोलकाता एसटीएफ को इन महिलाओं की सूचना कैसे मिली?
खुफिया सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ को पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि बैंकॉक से कोलकाता में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी हो रही है। इसी जानकारी के आधार पर भवानीपुर के होटल में छापा मारा गया और दोनों महिलाओं को गिरफ्तार किया गया।
बरामद नशीले पदार्थ की कितनी मात्रा और कीमत है?
पुलिस के अनुसार दोनों महिलाओं के पास से कुल 20 ग्राम 'मॉली' (एमडीएमए का क्रिस्टल रूप) बरामद हुई। इस मात्रा की बाज़ार कीमत ₹1 लाख से अधिक बताई गई है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस दोनों गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ जारी रखे हुए है और कोलकाता में सक्रिय तस्करी गिरोह के स्थानीय एजेंटों की तलाश कर रही है। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इन महिलाओं ने पहले भी कोलकाता या देश के अन्य शहरों में तस्करी की है।
राष्ट्र प्रेस
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