मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम का बड़ा ऑपरेशन: ₹11.82 करोड़ का हाइड्रोपोनिक वीड लाती 28 वर्षीय महिला गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने 12 जून 2026 को ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आई एक 28 वर्षीय महिला यात्री को गिरफ्तार किया। महिला के ट्रॉली बैग से 11.824 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (उच्च गुणवत्ता वाला गांजा) बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹11 करोड़ 82 लाख बताई जा रही है।
कैसे हुई गिरफ्तारी
मुंबई कस्टम्स के अधिकारियों के अनुसार, बैंकॉक से आने वाली उड़ान से उतरने के बाद महिला की गतिविधियाँ संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसे जाँच के लिए रोका गया। अधिकारियों ने उसके ट्रॉली बैग की गहन तलाशी ली, जिसमें 12 वैक्यूम-सील्ड पारदर्शी प्लास्टिक पैकेट मिले। प्रयोगशाला जाँच में इन पैकेटों में हाइड्रोपोनिक वीड होने की पुष्टि हुई।
आरोपी की पहचान और कानूनी कार्रवाई
प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार महिला एक कंपनी में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत थी। कस्टम विभाग ने उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और गिरफ्तारी की। बाद में आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मुंबई एयरपोर्ट पर पहले की कार्रवाइयाँ
यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। 22 मई 2026 को भी एयरपोर्ट से दो यात्रियों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने नशीले पदार्थ भरे कैप्सूल निगल रखे हैं। नज़दीकी सरकारी अस्पताल में मेडिकल प्रक्रिया के बाद उनके शरीर से 84 कैप्सूल बरामद हुए, जिनमें 1.40 किलोग्राम कोकीन थी — अनुमानित कीमत लगभग ₹7 करोड़।
इससे पहले 19 मई 2026 को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अदीस अबाबा से आए एक अफ्रीकी पुरुष और एक अफ्रीकी महिला यात्री को रोका था। दोनों ने पूछताछ में कोकीन के कैप्सूल निगलने की बात स्वीकार की। अस्पताल में जाँच के बाद उनके शरीर से 63 कैप्सूल निकाले गए, जिनमें 850 ग्राम कोकीन थी और अनुमानित कीमत ₹4.25 करोड़ बताई गई।
बढ़ती तस्करी और एजेंसियों की सतर्कता
गौरतलब है कि मुंबई एयरपोर्ट दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका से आने वाले ड्रग्स तस्करों के लिए एक प्रमुख प्रवेश बिंदु बनता जा रहा है। मई-जून 2026 में महज़ कुछ हफ्तों के भीतर तीन बड़ी बरामदगी यह दर्शाती है कि कस्टम और DRI की निगरानी प्रणाली को और अधिक सक्रिय किया गया है। आने वाले समय में इस मामले में आरोपी के नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखला की जाँच की जाएगी।