18 सितंबर 2026
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मलप्पुरम ड्रग्स रैकेट: कॉलेज गेस्ट लेक्चरर समेत चार गिरफ्तार, छात्रों को MDMA-गांजा सप्लाई का आरोप

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मलप्पुरम ड्रग्स रैकेट: कॉलेज गेस्ट लेक्चरर समेत चार गिरफ्तार, छात्रों को MDMA-गांजा सप्लाई का आरोप

सारांश

केरल के मलप्पुरम में पुलिस ने एक ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ कर कॉलेज गेस्ट लेक्चरर पी. सुहैल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि यह नेटवर्क छात्रों और युवाओं को MDMA और गांजा सप्लाई कर रहा था। एक ब्यूटी पार्लर के ड्रग्स केंद्र के रूप में इस्तेमाल होने का भी संदेह है।

मुख्य बातें

केरल के मलप्पुरम जिले के निलंबूर में 18 सितंबर 2026 को ड्रग रैकेट का भंडाफोड़।
मम्पद कॉलेज के गेस्ट लेक्चरर पी.
सुहैल सहित रीना टीएन , विवेक विजयन और सुब्रह्मण्यन — कुल चार आरोपी गिरफ्तार।
पहले गिरफ्तार सुब्रह्मण्यन के पास से 0.4 ग्राम MDMA और 0.5 ग्राम गांजा बरामद।
आरोपी कथित तौर पर छात्रों और युवाओं को सिंथेटिक ड्रग्स सप्लाई करते थे; लेक्चरर की नौकरी से छात्रों तक पहुँच की जांच जारी।
सुब्रह्मण्यन का ब्यूटी पार्लर ड्रग्स गतिविधियों के केंद्र के रूप में संदेह के घेरे में; विवेक विजयन पहले भी ड्रग्स मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
पुलिस सप्लाई चेन के स्रोत और बाहरी नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच का दायरा बढ़ा रही है।

केरल के मलप्पुरम जिले के निलंबूर और आसपास के इलाकों में युवाओं और छात्रों को प्रतिबंधित एमडीएमए और गांजा सप्लाई करने वाले एक ड्रग रैकेट का 18 सितंबर 2026 को भंडाफोड़ हुआ, जिसमें पुलिस ने मम्पद के एक कॉलेज के गेस्ट लेक्चरर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। निलंबूर पुलिस की टीम ने सब-इंस्पेक्टर अर्शिद केएम की अगुवाई में यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों में कथित तौर पर एक शैक्षणिक संस्थान से जुड़े व्यक्ति की संलिप्तता ने इलाके में गहरी चिंता पैदा कर दी है।

गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण

पुलिस ने सबसे पहले सुब्रह्मण्यन को हिरासत में लिया और उसके पास से 0.4 ग्राम एमडीएमए तथा 0.5 ग्राम गांजा बरामद किया। पूछताछ के दौरान उसने जांचकर्ताओं को बताया कि वह नियमित रूप से गेस्ट लेक्चरर पी. सुहैल, विवेक विजयन और रीना टीएन को ड्रग्स सप्लाई करता था। इन खुलासों के आधार पर पुलिस ने बाकी तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया।

लेक्चरर की कथित भूमिका

पुलिस के मुताबिक, पी. सुहैल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कथित तौर पर छात्रों और उनके परिचितों को सिंथेटिक ड्रग्स सप्लाई करता था। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या गेस्ट लेक्चरर के रूप में उसकी नौकरी ने उसे उन छात्रों तक पहुँचने में मदद की, जिन्हें यह नेटवर्क कथित तौर पर निशाना बना रहा था। गौरतलब है कि किसी शैक्षणिक संस्थान से जुड़े व्यक्ति की इस तरह की भूमिका मामले को विशेष रूप से संवेदनशील बनाती है।

ब्यूटी पार्लर और पुराने मामले का कनेक्शन

जांच में सामने आया है कि सुब्रह्मण्यन एक ब्यूटी पार्लर चलाता था, जिसके बारे में पुलिस को संदेह है कि उसका इस्तेमाल ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों के केंद्र के तौर पर किया जाता था। अधिकारी उस परिसर और उससे जुड़े संपर्कों की जांच कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या वहाँ मादक पदार्थों का संग्रह, वितरण या बिक्री होती थी। इसके अलावा, पुलिस के अनुसार विवेक विजयन को पहले भी ड्रग्स से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है, और उसके पुराने मामले तथा मौजूदा नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की जांच जारी है।

जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई

पुलिस अब एमडीएमए और गांजे के स्रोत का पता लगाने और सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच का दायरा बढ़ा रही है। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या आरोपियों के संबंध बाहरी सप्लायरों से थे और क्या ड्रग्स किसी संगठित नेटवर्क के ज़रिए क्षेत्र में लाई जा रही थी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब केरल में युवाओं के बीच सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते प्रचलन को लेकर चिंता गहरा रही है।

समुदाय और प्रशासन पर असर

इस गिरफ्तारी से निलंबूर और आसपास के इलाकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। स्थानीय समुदाय में अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासन के बीच यह सवाल उठ रहे हैं कि ड्रग्स सप्लाई का यह जाल कितने समय से सक्रिय था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर MDMA, के मामलों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है, और अब ये नेटवर्क शैक्षणिक परिसरों के आसपास सक्रिय हो रहे हैं। चिंताजनक पहलू यह है कि एक अतिथि व्याख्याता की कथित संलिप्तता संस्थागत विश्वास की उस परत को उजागर करती है जिसका फायदा उठाया जा सकता है। असली सवाल यह है कि क्या राज्य की शिक्षा और पुलिस प्रणाली के बीच ऐसे मामलों के लिए पर्याप्त समन्वय तंत्र मौजूद है, या यह मामला महज एक प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मलप्पुरम ड्रग रैकेट में किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मम्पद कॉलेज के गेस्ट लेक्चरर पी. सुहैल, रीना टीएन, विवेक विजयन और सुब्रह्मण्यन को गिरफ्तार किया है। ये सभी कथित तौर पर निलंबूर और आसपास के इलाकों में छात्रों को MDMA और गांजा सप्लाई करने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे।
इस ड्रग रैकेट में कौन-कौन से नशीले पदार्थ शामिल थे?
मामले में प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए (MDMA) और गांजा शामिल हैं। पहली गिरफ्तारी में सुब्रह्मण्यन के पास से 0.4 ग्राम MDMA और 0.5 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
कॉलेज गेस्ट लेक्चरर की इस रैकेट में क्या भूमिका बताई जा रही है?
पुलिस के अनुसार, पी. सुहैल कथित तौर पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर छात्रों और उनके परिचितों को सिंथेटिक ड्रग्स सप्लाई करता था। जांचकर्ता यह पड़ताल कर रहे हैं कि क्या लेक्चरर की भूमिका ने उसे छात्रों तक आसान पहुँच दिलाई।
निलंबूर पुलिस ने इस रैकेट का पर्दाफाश कैसे किया?
सब-इंस्पेक्टर अर्शिद केएम की अगुवाई में निलंबूर पुलिस को ड्रग्स कारोबार की सूचना मिली, जिसके बाद सुब्रह्मण्यन को पहले हिरासत में लिया गया। उसकी पूछताछ में नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली, जिसके आधार पर बाकी तीनों को गिरफ्तार किया गया।
क्या इस मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
हाँ, पुलिस अब सप्लाई चेन के स्रोत और बाहरी सप्लायरों से संभावित संबंधों की जांच कर रही है। सुब्रह्मण्यन का ब्यूटी पार्लर भी जांच के दायरे में है, और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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